उत्तराखंड में मंगलवार सुबह भूकंप के झटके मेहसूस किये गए. पिथौरागढ़ में सुबह तड़के 6:43 बजे रिक्टर पैमाने पर 3.1 तीव्रता का भूकंप आया. इससे इलाके में हड़कंप मच गया. लोग धरती हिलने से घबरा गए और अपने-अपने घरों से बाहर निकल गए.

जानकारी के मुताबित उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 3.1 मापी गई. गनीमत यह रही कि अब किसी भी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं […]

केदारनाथ यात्रा शुरू हुए 17 दिन बीत गए हैं। इन 17 दिनों में धाम में अब तक पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशी नागरिक भी बाबा केदार के दर्शन के लिए धाम पहुंच रहे हैं।

बाबा के दर्शन कर सभी श्रद्धालु स्वयं को धन्य मान रहे हैं। जापान के उका मोटो भी बाबा बाबा केदार के धाम पहुंचे हैं। उका मोटो गुरुग्राम, हरियाणा में ऑटोमोबाइल […]

सऊदी अरब एक इस्लामिक देश है. हालांकि यहां 8000 साल पुराना एक मंदिर पाया गया है.जिसकी चारों तरफ चर्चा हो रही है. ये भी बताया जाता है कि इस मंदिर में कहल देवता की पूजा की जाती थी.

दरअसल, सऊदी अरब की सरकार ने ऐलान किया था कि यहां राजधानी रियाद के दक्षिण पश्चिम में 8000 साल पुराना पुरातात्विक स्थल अल फा की खोज हुई है. यहां सऊदी […]

रूद्रपुर 28 मई, 2024-  लोकसभा सामान्य निर्वाचन की मतगणना को निष्पक्ष व पारदर्शिता से सम्पन्न कराने हेतु मतगणना कार्मिकों का प्रथम रेंडमाइजेशन मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज सिंह की अध्यक्षता में किया गया।मतगणना कार्मिकों का प्रथम रेंडमाईजेशन किया गया जिसमे 153 मतगणना सुपरवाईजर, 162 मतगणना सहायक व 180 माईक्रोआब्जर्बर की तैनाती की गयी। इसी तरह पोस्टल मतगणना हेतु 41 मतगणना सुपरवाईजर, 82 मतगणना सहायक व 41 माईक्रोआब्जर्बर की तैनाती की गई।मतगणना कार्मिकों के प्रथम रेंडमाईजेशन में कार्मिकों की तैनाती की गयी तथा द्वितीय रेंडमाईजेशन में मतगणना कार्मिकांे को विधानसभा आवंटन होगा तथा तृतीय रेंडमाईजेशन मंे विधानसभावार मतगणना टेबल आबंटित होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतगणना विधानसभावार 14-14 टेबल रखी जायेगी तथा पोस्टल मतों की गणना 34 टेबलों में होगी।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी/नोडल कार्मिक मनीष कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार जोशी, सहायक नोडल कार्मिक केएस रावत, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी लक्ष्मी चौहान, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विजय तिवारी आदि मौजूद थे।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड

बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए अब तक 17लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इसमें एक श्रद्धालु की मौत गुरुवार को हेमकुंड साहिब की यात्रा के दौरान भ्यूंडार के पास हुई है। केदारनाथ धाम में भी तीर्थ यात्रियों की जान गई।

विदित हो कि 10 मई से शुरू चारधाम यात्रा में यूपी, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र आदि राज्यों से तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। चमोली के सीएमओ […]

उत्तराखंड में जैन मुनियों से अभद्रता करने वाले यूट्यूबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सूरज सिंह ने सोशल मीडिया पर जैन मुनियों के संबंध में आपत्तिजनक वीडियो अपलोड की थी. सूरज सिंह के खिलाफ 27 मई को थाना देवप्रयाग में धारा-153(क)/295(क)/505(2) IPC और 67 (A) IT ACT पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है.

आपत्तिजनक वीडियो तोता घाटी के पास NH-07 ऋषिकेश मार्ग पर बनाया गया था. दरअसल, सूरज सिंह ने दिगंबर जैन संप्रदाय के कुछ संतों को रास्ते में रोक कर कपड़ा न […]

जनता के भारी समर्थन से प्रियंका गांधी उत्साहित

उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष और धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के पर्यवेक्षक धीरेंद्र प्रताप ने  हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आई कांग्रेस की राष्ट्रीय नेता श्रीमती प्रियंका गांधी से भेंट […]

उजाड़े गए व्यापारियों ने की वेडिंग जोन बनाने की मांग

किच्छा 1 वर्ष पूर्व हल्द्वानी रोड से उजाड़ें गए व्यापारियों ने प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर महामंत्री विजय अरोड़ा एवं सभासद राजकुमार कोली के नेतृत्व में पुनर्वासित करने की […]

किसान को अभद्र भाषा में धमकाने पर तहसील कर्मी के खिलाफ किसान यूनियन ने खोला मोर्चा

सितारगंज( बैंक बकाया भुगतान की वसूली में तैनात तहसील के एक सर्वे आमीन पर भारतीय किसान यूनियन ने किसान से अभद्र भाषा में बात करने का आरोप लगाया है। कर्मचारी […]

निर्धारित ऊंचाई पर उड़ान नहीं भर रहे हेलीकॉप्टर, उड़ान संबंधी डाटा वन विभाग के साथ साझा नहीं कर रही कंपनियां, हेलीकॉप्टर की ऊंचाई मापने वाली एयर गन भी आउट आफ ऑर्डर रुद्रप्रयाग चार धाम यात्रा में हेली सेवाएं दे रहे एक हेलीकॉप्टर के विगत दिनों दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल बाल बचने के बाद सरकार की ओर से यह अपेक्षित था, कि वह हेली कंपनियों  के पेंच कसते हुए उनसे हेलीकॉप्टर की उड़ान के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना सुनिश्चित करती तथा चार धाम यात्रियों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश करती की उत्तराखंड तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा से कोई समझौता नहीं करेगा। पर यूं जान पड़ता है जैसे सरकारी तंत्र की इस दिशा में कोई रुचि ही नहीं है और सरकार की ओर से हेली कंपनियां को मनमर्जी की खुली छूट दे दी गई है । यही वजह है कि केदारघाटी के अलग- अलग हेलिपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भर रहे हेलिकॉप्टर एनजीटी के नियमोें का पालन बिल्कुल भी नहीं कर रहे हैं। देखने में आया है कि हेलिकॉप्टर के लिए तय ऊंचाई 600 मीटर पर कोई भी हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर रहा है।साथ ही हेली कंपनियां अपने हेलिकॉप्टर की उड़ान के समय, कुल दूरी और ऊंचाई से जुड़ा कोई भी डेटा वन विभाग से साझा नहीं कर रही है। इतना ही नहीं, केदारनाथ-बदरीनाथ के लिए संचालित चार्टर भी सेंचुरी एरिया से उड़ान भर भरने से बाज नहीं आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सभी हेलिकॉप्टर मंदाकिनी नदी के तल से होकर नीची और मध्यम उड़ान भरते हुए केदारनाथ स्थित एमआई-26 हेलिपैड पर पहुंच रहे हैं जबकि केदारनाथ यात्रा में हेलिकॉप्टर उड़ान के लिए वर्ष 2015 में एनजीटी द्वारा नदी तल 600 मीटर की ऊंचाई के मानक निर्धारित किए गए हैं ,लेकिन जारी चार धाम यात्रा में एक भी हेली कंपनी इस नियम का पालन करती नहीं दिख पड़ रही है ।नदी तल से तय 600 मीटर की ऊंचाई का पालन नहीं होने से वन्य जीव तो प्रभावित हो ही  रहे हैं, साथ ही संवेदनशील क्षेत्र में अन्य प्रकार के खतरे भी बढ़ रहे हैं। लापरवाही की हद तो यह  कि अधिकांश हेली कंपनियां हेलिकॉप्टर की उड़ान से संबंधित किसी भी प्रकार का डेटा तक एकत्रित नहीं कर रही है। हाल ही में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ ने केदारघाटी में आर्यन एविएशन, क्रिस्टल और हिमालयन एविएशन के हेलिपैड का निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने कंपनी प्रबंधन से यात्रा में अभी तक हेलिकॉप्टर की उड़ान सहित अन्य जरूरी डाटा साझा करने को कहा ,मगर कंपनी प्रबंधन ने इस प्रकार के किसी भी डाटा एकत्रित किया गया होने से साफ इंकार कर दिया। वस्तुस्थिति यह है कि हेली कंपनी प्रबंधन की जानकारी एवं डाटा सिर्फ हेलिकॉप्टर की शटल संख्या तक सीमित है। इसके अलावा हेली कंपनी प्रबंधन के पास एनजीटी, यूकाडा और डीजीसीए की गाइडलाइन भी नहीं है। साथ ही हेली कंपनियों द्वारा हेलिपैड पर जो स्टॉफ तैनात किया गया है, उसमें से अधिकांश को हेलिकॉप्टर का बेसिक ज्ञान तक नहीं। मजे की बात तो यह है कि केदारनाथ यात्रा में उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों की नदी तल से ऊंचाई की माप के लिए केदारनाथ वन्य जीव प्रभाव द्वारा भीम बाली में स्थापित की गई एयर गन भी ठीक तरीके से कार्य नहीं कर रही है। जिसके कारण हेलीकॉप्टर की सही ऊंचाई और ध्वनि का पता लगाना मुश्किल है, लिहाजा हेली कंपनियों की मनमानी पर कोई प्रशासनिक अंकुश लगने के आसार फिलहाल तो नजर नहीं आते।