“दिल्ली दरबार या देवभूमि का स्वाभिमान? राजकुमार ठुकराल की जॉइनिंग ने फिर खड़े किए सवाल”

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर वही पुराना सवाल जीवित हो उठा है—क्या इस राज्य के नेताओं को अपने ही घर में फैसले लेने का अधिकार नहीं है? रुद्रपुर […]

“आय बढ़ी, विकास हुआ… फिर किराये पर क्यों ‘हाय-तौबा’? उत्तराखंड में अभिभावकों का दोहरा रवैया बेनकाब”

हल्द्वानी/रुद्रपुर। उत्तराखंड में निजी स्कूलों की फीस और अब स्कूली बस-वान किराये में बढ़ोतरी को लेकर अभिभावकों का आक्रोश सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक दिखाई दे रहा है। लेकिन […]

भूतिया गांव और जुमलों की राजनीति: उत्तराखंड की सच्चाई से भागती व्यवस्था”

जुमलों से नहीं, जमीन से जुड़े फैसले चाहिएअजय भट्ट का बयान एक चेतावनी उत्तराखंड की धरती, जिसे कभी देवभूमि कहा जाता था, आज एक नए और दर्दनाक नाम से जानी […]

अप्रैल से उत्तराखंड में ‘डबल अटैक’—बिजली और पानी दोनों महंगे, मध्यमवर्ग पर बढ़ेगा बोझ

रुद्रपुर,देहरादून। उत्तराखंड के मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अप्रैल का महीना महंगाई का नया झटका लेकर आ रहा है। 1 अप्रैल से प्रदेश में बिजली और पानी की दरों में प्रस्तावित […]

भारत एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां ‘लॉकडाउन’ शब्द गलियारों में गूंजने लगा है। लेकिन ठहरिए, इस बार वजह कोई वायरस नहीं बल्कि ‘एनर्जी’ यानी ऊर्जा का संकट है।

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भारी तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों में आई रुकावटों ने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी […]

नवरात्रि समापन पर मां सिद्धिदात्री की आराधना: रुद्रपुर में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम

रुद्रपुर/उत्तराखंड। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के अंतिम दिन नवमी तिथि पर मां भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ पूरे रुद्रपुर सहित उत्तराखंड में भक्ति और श्रद्धा […]

मेट्रोपोलिस में चुनाव की परिवर्तन की गूंज: विकास, विश्वास और एक नई दिशा की अपील।। हर हर महादेव ।।

मेट्रोपोलिस में चुनाव की गूंज: विकास, विश्वास और एक नई दिशा की अपील।। हर हर महादेव ।।मेट्रोपोलिस रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (MRWA) के चुनाव 29 मार्च को प्रस्तावित हैं। यह अवसर […]

“पोलिहाउस योजना: किसान के सपनों पर सिस्टम का प्रहार या संगठित घोटाले की पटकथा?”“अजब-गजब” ठेके: क्या उत्तराखंड बना प्रयोगशाला?

उत्तराखंड की पहचान देवभूमि के साथ-साथ कृषि और बागवानी की भूमि के रूप में भी रही है। पहाड़ों में सीमित संसाधनों के बावजूद किसानों ने अपनी मेहनत से फल, सब्ज़ी […]

ऐतिहासिक दिन : चिपको आंदोलन – पहाड़ के लोगों के मूल अधिकारों की पुकार

रुद्रपुर,उत्तराखंड 25 मार्च 1974 केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के पर्यावरणीय इतिहास में वह क्षण है जब पहाड़ की साधारण दिखने वाली महिलाएं असाधारण साहस की प्रतीक बन गईं। […]

ऐतिहासिक चेतना और आज का उत्तराखंड : चिपको से सीखने का समय

उत्तराखंड की धरती देवभूमि होने के साथ जन-संघर्षों और चेतना की भूमि रही है। 26 मार्च 1974 का दिन इतिहास में दर्ज वह क्षण है जब पहाड़ की महिलाओं ने […]