हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, अवतार सिंह बिष्ट,अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद,उत्तराखंड राज्य की कल्पना एक स्वप्न था जिसमें जमीन, जल, जंगल और जन अग्रसर थे एक स्थायी सुखद भविष्य की ओर। वह एक ऐसी सामाजिक और भौगोलिक कल्पना थी जिसमें यहाँ के निवासियों के लिए सम्मान था, आजीविका के साधन थे और आधुनिक सुख सुविधाएँ थी – एक ऐसी कल्पना जिसके क्रियान्वयन की कीमत जमीन, जल या जंगल को न चुकानी पड़े उत्तराखंड स्थापना दिवस: ‘राज्य निर्माण की अवधारणा की बुनियाद भी नहीं रख पाए’, अवतार सिंह बिष्ट

राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र जुगरान मेरा अनुभव है कि 23 वर्ष बाद भी हम राज्य निर्माण की मूल अवधारणा की बुनियाद भी नहीं रख पाए। पहाड़ […]

news/hindustan- global-times- उत्तराखण्ड “देवभूमि” के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह समग्र क्षेत्र धर्ममय और दैवशक्तियों की क्रीड़ाभूमि तथा हिन्दू धर्म के उद्भव और महिमाओंं की सारगर्भित कुंजी व रहस्यमय है। 

09 नवंबर 2000 को भारत के 27 वें राज्य के रूप में उत्तराखंड का गठन हुआ, और इसे उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से से अलग किया गया, तब इसे उत्तरांचल के […]

Hindustan Global Times उत्तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री हरीश रावत ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर सत्ताधारी भाजपा को घेर लिया है। उन्‍होंने कहा कि सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई सही है, लेकिन इसकी शुरुआत देहरादून से होनी चाहिए, क्योंकि देहरादून में रोज अवैध निर्माण हो रहे हैं।

नदी-नाले सब घेर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, सरकारी जमीनों पर 99 फीसदी अवैध कब्जा भाजपाइयों ने किया है। पूर्व मुख्‍यमंत्री के आरोप का जवाब देते हुए शहरी विकास […]

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की भावना से भ्रष्टाचार मुक्त, उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना सहित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारीयो के सपने के अनुरूप अग्रसर उत्तराखंड राज्य, ग्लेशियरों, नदियों, घने जंगलों और बर्फ से ढकी पर्वत चोटियों सहित प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री के चार सबसे पवित्र और प्रतिष्ठित हिंदू मंदिर, जिन्हें चार-बांध भी कहा जाता है, उत्तराखंड में स्थित हैं और इसलिए, उन्हें ‘देवताओं की भूमि’ के रूप में जाना जाता है। राज्य की राजधानी देहरादून है और उच्च न्यायालय नैनीताल में स्थित है।आज 23वीं वर्षगांठ पूरे कर पूर्ण युवा हो चुका है। इन २३वी वर्षगांठ में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं तो कई ऐसे पहलू भी हैं जिनकी कसक आज भी दूर नहीं हो पाई है। जहां बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क-रेल-एयर नेटवर्क के लिहाज से उत्तराखंड तेजी से छलांग लगा रहा है। पहाड़ी राज्य उत्तरांखड बनाने को लेकर प्रदेशवासियों को लंबे संघर्ष का एक दौर देखना पड़ा. कई आंदोलनों और शहादतों के बाद 9 नवंबर 2000 को आखिरकार उत्तर प्रदेश से पृथक होकर एक अलग पहाड़ी राज्य का गठन हुआ. इस पहाड़ी राज्य को बनाने में कई बड़े नेताओं और राज्य आंदोलनकारियों का अहम योगदान रहा है. जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता है. आखिर क्या है एक अलग राज्य बनने का इतिहास और कब क्या रहा खास, देखिए उत्तराखंड बनने के संघर्ष की कहानी.42 से अधिक लोगों ने दी थी शहादत:पहाड़ी राज्य बनाने को लेकर एक लंबा संघर्ष चला. जिसके लिए कई आंदोलन किये गये, कई मार्च निकाले गये. अलग पहाड़ी प्रदेश के लिए 42 आंदोलनकारियों को शहादत देनी पड़ी. अनगिनत आंदोलनकारी घायल हुए. पहाड़ी राज्य की मांग को लेकर उस समय इतना जुनून था कि महिलाएं, बुजुर्ग यहां तक की स्कूली बच्चों तक ने आंदोलन में भाग लिया

उपलब्धियां उत्तराखंड,राज्य सकल घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय में उत्तराखंड राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे तो है ही, कई बड़े राज्यों को भी चुनौती दे रहा है। विशेष दर्जे […]

Hindustan Global Times, ऊधम सिंह नगर जिले के अंतर्गत पंतनगर एयरपोर्ट पर उत्तराखंड का सबसे बड़ा रनवे बनने जा रहा है। यहां 3000 मीटर लंबे रनवे का निर्माण प्रस्तावित है। इससे यहां बड़े हवाई जहाज उतर सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने की राह भी प्रशस्त होगी। इसके लिए शासन ने 804 एकड़ भूमि का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही की […]

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रिपोर्टर मार्केटिंग हेड उत्तराखंड, गिरीश सिंह तड़ियाल। उत्तराखंड में पलायन ,बेहतर रोजगार की संभावनाओं की तलाश में 3,83,000 से अधिक लोग पलायन कर चुके हैं। आरटीआई की सूक्ष्म जांच से पता चलता है कि प्रवासन के पीछे प्रमुख कारणों में से एक आकर्षक रोजगार के अवसरों की कमी है। आइए उत्तराखंड में पलायन के मुद्दे पर उपलब्ध कुछ और आंकड़ों पर विचार करें।इसके अलावा, बेहतर रोजगार की संभावनाओं की तलाश में 3,83,000 से अधिक लोग पलायन कर चुके हैं। आरटीआई की सूक्ष्म जांच से पता चलता है कि प्रवासन के पीछे प्रमुख कारणों में से एक आकर्षक रोजगार के अवसरों की कमी है। आइए उत्तराखंड में पलायन के मुद्दे पर उपलब्ध कुछ और आंकड़ों पर विचार करें।

उत्तराखंड में पलायन ऐसा विषय है, जिसे थामने की चुनौती अभी भी बरकरार है। यद्यपि, तस्वीर कुछ बदली है, लेकिन रास्ता लंबा है। गांवों से पलायन अब अन्य राज्यों की […]

Hindustan Global Times,आदर्श शिवाजी नगर रामलीला समिति ढंडेरा रुड़की द्वारा पर्वतीय परंपराओं से प्रेरित प्रभु राम की लीला के सजीव अभिनव के मंचन का दसवें दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ रमेश पोखरियाल निशंक सांसद हरिद्वार पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड,

रुड़की दिनांक 07.11.,2023,प्रभु राम की रामलीला के मंचन का दसवां दिन रावण अंगद व मेघनाथ लक्ष्मण संवाद में दर्शकों को मन मोहाआदर्श शिवाजी नगर रामलीला समिति ढंडेरा रुड़की द्वारा पर्वतीय […]

Pantnagar,Uttrakhand के जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 35वां दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस दौरान राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, सीएम पुष्कर सिंह धामी, रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट और कृषिमंत्री गणेश जोशी भी कार्यक्रम में मौजूद हैं। दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति, कुलपति ने प्रस्तुत की विवि की रिपोर्ट

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स,इसके साथ ही कुलपति बीएस चौहान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सामने विवि की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान कुलपति ने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार में […]

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स,उत्तराखंड700 से ज्यादा बच्चे ले रहे हैं इस्लामी शिक्षा, इस्लामी शिक्षा लेने का प्रकरण सबसे पहले हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स ने उठाया उत्तराखंड सरकार ने संज्ञान लेते हुए, जांच के दे दिए हैं आदेश, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हिंदू छात्रों को इस्लामिक शिक्षा प्रकरण पर सख्त,

रिपोर्ट में साफ है कि नैनीताल जिले में मदरसा सिराजुल उलूम नूरिया मोहम्मद गुलर घट्टी रामनगर ही एक मात्र उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद देहरादून से पंजीकृत हैं। अन्य नैनीताल, हल्द्वानी […]

उत्तराखंड के कॉलेजों में चुनाव आज, सुबह मतदान, शाम को घोषित होंगे परिणाम 119 राजकीय और 21 अशासकीय महाविद्यालयों में से अधिकतर में आज छात्र संघ चुनाव होंगे। सहायक निदेशक उच्च शिक्षा विभाग डॉ. दीपक पांडे के मुताबिक चुनाव को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

तीन विश्वविद्यालय परिसरों में भी चुनाव होंगे। कुछ महाविद्यालयों में निर्विरोध चुनाव हो चुके हैं। उच्च शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक के मुताबिक महाविद्यालयों में छात्रसंघ के विभिन्न पदों पर […]