उत्तराखंड के तीन मुख्यमंत्री रह चुके हैं छात्रसंघ अध्यक्ष, उत्तराखंड की राजनीतिक में छात्र संघ अध्यक्षों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। चाहे वह कांग्रेस पार्टी हो या फिर भारतीय जनता पार्टी छात्र राजनीति से अपना करियर बनाने वाले उत्तराखंड की राजनीतिक में शीर्ष पद पर पहुंचे हैं ।वही राज्य मंत्री स्तर के नेता भी ज्यादातर छात्र राजनीतिक से उभर कर आए हैं, मंडी समिति अध्यक्ष किच्छा कमलेंद्र सेमवाल ने अपनी पारी रुद्रपुर छात्रसंघ अध्यक्ष से शुरू की वहीं राजकुमार ठुकराल पूर्व विधायक रुद्रपुर छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। खटीमा छात्र संघ अध्यक्ष के द्वारा अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले आज मंडी समिति खटीमा के अध्यक्ष हैं। उत्तराखंड में छात्र राजनीति का गहरा प्रभाव रहा है राम सिंह खेड़ा भी छात्र राजनीति से विधायक का सफर कर रहे हैं। उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव को लेकर हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम से अवतार सिंह बिष्ट किया रिपोर्ट। छात्र संघ चुनाव में विजय श्री हासिल कर अपना परचम लहराने वाले नेताओं का रहती है स्थानीय विधायक मंत्रियों की नजर, ६० बसंत पाकर चुके छात्र नेता भी उत्तराखंड की राजनीति . युवाओं की तरह सक्रिय भूमिका में,

छात्र राजनीति ने उत्तराखंड को ऐसे राजनीतिक दिग्गज , जिन्होंने देश-दुनिया में उत्तराखंड की विशेष पहचान स्थापित की। भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत, हेमवती नंदन बहुगुणा और मुरली मनोहर […]

रावण को जब पता चलता है की एक उत्पाती बानर अशोक वाटिका में आया है तो वे बेटे अक्षय कुमार को उसे पकड़ने भेजते

रुड़की दिनांक 06.11.2023राम की लीला के मंचन का नौवां दिन रावण व सीता का जोरदार संवाद अक्षय कुमार मरण तथा लंका दहनआदर्श शिवाजी नगर रामलीला समितिरुड़की में चल रही रामलीला […]

किच्छा विधायक तिलक राज बहेड तीन गेटों के शिलान्यास के मौके पर अपना शक्ति प्रदर्शन जो की कांग्रेस पार्टी के बैनर तले हुआ। प्रदेश कांग्रेस को भी आईना दिखाते हुए कांग्रेस पार्टी में नई जान फूंक दी, हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अपने पूरे जोश के साथ नारेबाजी करते हुए शहर के अलग-अलग गलियों से जुलूस की शक्ल में सभा स्थल पर पहुंच रहे थे। कयास यह भी लगाई जा रहे हैं, क्या किच्छा विधायक लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। लेकिन मंच से ऐसी कोई भी घोषणा नहीं हुई। किच्छा विधानसभा के कुछ कांग्रेसी नेता जिनकी किच्छा विधानसभा में अच्छी पकड़ है। सभा स्थल पर दिखाई नहीं दिए। (तिलक राज बेहड़ शक्ति प्रदर्शन में जुटाई भीड़,) इस ऐतिहासिक भीड़ को देखकर लगता है, 2024 के लोकसभा चुनाव मै, बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है/वही काली मंदिर बायपास रोड किच्छा , जो की 40 वर्षों से किच्छा विधानसभा में निवास कर रहे थे। जिनके राशन कार्ड, बिजली बिल ,आधार कार्ड, पहचान पत्र सारे अभिलेख उनके पास हैं ।(बावजूद),विकास के नाम पर उजाड़े (उजड़) गए परिवारों को इस जनसभा में आमंत्रित किया गया था /किसी स्थानीय नेता के द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया था /जनसभा मै आपको पट्टे वितरित किए जाएंगे.। सभा स्थल पर उजड़ गए परिवार आक्रोशित नजर आए/ लेकिन कुल मिलाकर सभा ऐतिहासिक रही/

किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने किच्छा में एक विशाल जनसभा का आयोजन कर विपक्षियों के साथ प्रदेश नेतृत्व को अपनी शक्ति का एहसास कराया है. हैरानी की बात तो […]

महामहिम राष्ट्रपति जी के पंतनगर विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन ने तेज की तैयारी। कार्यक्रम के दृष्टिगत तैयारियों को लेकर की गई उच्चस्तरीय मीटिंग, सुरक्षा व्यवस्था को […]

हिंदुस्तान GLOBAL TIMES,
मदरसों को लेकर हर दिन कुछ नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मदरसों की जांच के दौरान एक बार फिर चौंकाने वाला सच सामने आया है। उत्तराखंड सरकार द्वारा समय-समय पर अपडेट खबर आ रही थी मदरसो में पढ़ाये जाएंगे वेद पुराण, उत्तराखंड में हिंदू बच्चों को इस्लामी शिक्षा देना, मदर्शो में हिंदू बच्चों का इस्लामी शिक्षा लेना , सिस्टम की लापरवाही,

उत्तराखंड : जांच में खुलासा, राज्य के मदरसों में 700 से ज्यादा हिंदू बच्चे ले रहे इस्लामिक शिक्षा उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद ने यह रिपोर्ट राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग […]

अब यह करीब करीब साफ हो गया है कि राज्य में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के चुनाव तय समय पर नहीं होंगे। साफ है कि दो दिसंबर को कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्य सरकार निकायों में प्रशासकों की तैनाती कर देगी।

यह तैनाती छह माह के लिए होगी। अगले साल देश में लोकसभा चुनाव भी हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि निकायों के चुनाव आम चुनाव के बाद ही […]

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स,रावण साधु का भेष बनाकर सीता को हर लाऊंगा । रावण की है योजना सफल भी हुई किंतु लक्ष्मण ने लक्ष्मण रेखा खींचकर सीता माता को बाहर न आने के लिए कहां रावण जब लक्ष्मण रेखा पार करने लगा तेज ज्वाला ने उसे अंदर जाने से रोका ,

रुड़की दिनांक04.11.2023छल कपट और भेष बदलकर रावण ने क्या सीता का हरण।पर्वतीय परंपराओं से प्रेरित आदर्श शिवाजी नगर ढंडेरा में चल रही रामलीला के सातवें दिवस की लीला का उद्घाटन […]

उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी में सकारात्मक पहल,

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियो की स्थिति दयनीय स्थिति में है। जब से उत्तराखंड का निर्माण हुआ है तब से कांग्रेस और बीजेपी की सरकार बारी बारी से सत्ता के सिंहासन पर […]

खटीमा, पिथौरागढ़ उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारीर्यो ने चिन्हित करो की लगाई गुहार, चिन्हितकरण के दोहरे मापदंड पर सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप,

(चिन्हितकरण के दोहरे मापदंड) उत्तराखंड में प्रत्येक भिन्न-भिन्न सरकारों के द्वारा समय-समय पर चिन्हित कारण की मानक भिन्न-भिन्न तरह से बदल दिए गए ।.जो पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित लगते […]

7 नवंबर २०२३ को राष्ट्रपति उत्तराखंड दौरे पर आ रही है 9 नवंबर राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि होंगी । हम सब उत्तराखंड राज्यआंदोलनकारी, प्रदेशवासी महामहिम राष्ट्रपति का अभिवादन करते हैं। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना 23 सालों में,राज्य गठन के समय प्रदेश की आर्थिक स्थिति खास अच्छी नहीं थी। विकास दर कुल तीन प्रतिशत थी। प्रदेश में उद्योग, बैंक की उपस्थिति न के बराबर थी। पहाड़ में सड़कों का नेटवर्क बेहद सीमित था। पहाड़ को पनिसमेंट पोस्टिंग के नाम से जाना जाता था। पहाड़ की आर्थिकी मनि आर्डर पर निर्भर थी 23 सालों में उत्तराखंड में बहुत कुछ बदला है। उत्तराखंड राज्य ने जिस तेजी से अपना विकास किया आज उत्तराखंड ही नहीं पूरे भारतवर्ष के युवा उत्तराखंड में अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए नौकरी, व्यवसाय की तलाश में उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं, सिडकुल की स्थापना के बाद उत्तराखंड की तस्वीर तकदीर ही बदल गई, उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ों से भी पलायन कर लोग उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में बसने लगे, पहाड़ से पलायन कर जो लोग उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में आए उन्होंने तेजी से अपना व अपने परिवार का आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक रूप से विकास किया । आज उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में 25% आबादी पर्वतीय लोगों की हो चुकी है। दूसरी ओर पहाड़ के जो खेत खलियान मकान थे। वह सुन पड़ गए। पुष्कर सिंह धामी सरकार पहाड़ों में भी उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए अग्रसर है। धामी सरकार देश-विदेश में उद्योगपतियों को रिझाने का भी कार्य कर रहे हैं। उद्योगपतियों के द्वारा उत्तराखंड सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र के सुदूर अंचलों की भी तकदीर व तस्वीर छोटे-छोटे उद्योग आने से बदल जाएगी। (मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास जरूर सार्थक में होंगे, 2025 तक उत्तराखंड बनेगा विकसित प्रदेश,) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा जिस तेजी से उत्तराखंड राज्य की अवधारणा को धरातल पर उतारने का कार्य किया । सराहनीय प्रयास है ./ उत्तराखंड राज्य के शहीदों के सपने का उत्तराखंड बनाने के लिए अग्रसर है । उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों एवं प्रयासों की सराहना चारों तरफ है। भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड, नशा मुक्ति उत्तराखंड, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारीयो की, उन शहीदों की जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वह तभी सार्थक हो सकता है जब प्रदेश के समस्त राज्य आंदोलनकारी का विकास होगा। उनकी पेंशन बढ़ाई जाएगी। उनको भी झारखंड की तर्ज पर सरकार के साथ सहयोग की भूमिका में रखते हुए उनका उचित मान सम्मान देगी । उत्तराखंड राज्य में शहीद परिवारों को जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार करेगी। तभी उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना सार्थक होती दिखेगी। हम 23वा राज्य स्थापना दिवस एवं 24वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। पूरे प्रदेश के राज्य आंदोलनकारी व आंदोलनकारी शक्तियों , उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद की तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं ।लेकिन, आज भी राज्य आंदोलनकारी सड़क से लेकर सदन तक अपनी खुद की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इन 23 सालों में वास्तविक राज्य आंदोलनकारी जिनका चिन्हितकरण भी नहीं हो पाया है। सारे अभिलेख होने के बाद भी डीएम कार्यालय, तहसील, एसडीएम कार्यालय, पर चक्कर लगाते लगाते बुढ़ापे की दहलीज पर कदम रख चुके हैं। चिंता की लकीर है उनके माथे पर स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। राज्य आंदोलनकारीर्यो को 9 नवंबर 2023 राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ढेर सारी उम्मीदें हैं। ₹15000 पेंशन राज्य आंदोलनकारी की तरफ से उठ रही है। सभी राज्य आंदोलनकारी को विश्वास है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी , उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना को सार्थक करते हुवे ,राज्य आंदोलनकारी जो आज भी संघर्ष कर रहे हैं ।उनकी स्थिति मजबूत करने के लिए ₹15000 प्रति राज्य आंदोलनकारी कर देंगे। अगर वास्तव में ऐसा हुआ तो प्रदेश 13000 का जानकारी उनके परिवार के सदस्य सरकार के कायल हो जाएंगे । 10% क्षैतिज आरक्षण के संदर्भ में जिस तेजी से सरकार ने कार्य किया प्रवर समिति के सभी सदस्यों को एवं उत्तराखंड सरकार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी की तरफ से धन्यवाद । लेकिन क्या 10% आरक्षण प्रवर समिति की मोहर लगने के बाद विधानसभा के पटल पर रखने के उपरांत माननीय राज्यपाल के पास जाएगी। हरीश रावत सरकार के समय पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारीयो के पक्ष में बना विधेयक पूर्व की भांति इस बार भी लटका दिया जाएगा। या फिर धामी सरकार खुद के प्रयासों से 10% आरक्षण लागू करने का प्रयास करेगी। त्वरित कार्रवाई होने पर जिसका धामी सरकार को राजनीतिक फायदा भी मिलेगा। उत्तराखंड के अंदर जो आंदोलन होते थे ।उसमें विराम भी लगेगा, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स के चीफ एडिटर एवं उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष अवतार सिंह बिष्ट की तरफ से समस्त प्रदेशवासियों को राज्य आंदोलनकारी शक्तियों को राज्य स्थापना दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स चीफ एडिटर अवतार सिंह बिष्ट अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उत्तराखंड के दौरे पर आ रही है नवंबर में राष्ट्रपति का तीन दिवसीय […]