वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन की शुभकामनाएं, पत्रकारिता के संघर्षपूर्ण योगदान को किया नमन

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रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ने वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


परिषद ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन से पहले जब पृथक राज्य आंदोलन अपने निर्णायक दौर में था, उस समय सुरेंद्र गिरधर ने अपनी निर्भीक, निष्पक्ष और जनपक्षधर पत्रकारिता से आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की। उस दौर में ‘उत्तर उजाला’ के माध्यम से उन्होंने पूरे तत्कालीन नैनीताल जनपद में उत्तराखंड राज्य की अलख जगाने का कार्य किया। उनके लेख और समाचार केवल घटनाओं का विवरण नहीं होते थे, बल्कि राज्य आंदोलनकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते थे।
परिषद ने कहा कि नैनीताल से लेकर रुद्रपुर तक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण घटना को उन्होंने प्रमुखता से प्रकाशित किया। विशेष रूप से नगला क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक आंदोलन और 72 घंटे तक चले संघर्ष को उन्होंने फ्रंट पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित कर उसे पूरे उत्तराखंड के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनके लेखों ने आंदोलन की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ने कहा कि सुरेंद्र गिरधर ने हमेशा सत्ता से सवाल पूछने वाली, निष्पक्ष और जनहित की पत्रकारिता को प्राथमिकता दी। उनका पत्रकारिता जीवन नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत है।
परिषद ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर स्वस्थ, दीर्घायु और सक्रिय रहें तथा आगे भी अपनी लेखनी के माध्यम से समाज, लोकतंत्र और जनहित की आवाज को मजबूती प्रदान करते रहें। उनके जन्मदिन पर परिषद के सभी पदाधिकारियों और राज्य आंदोलनकारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

राज्य आंदोलन के समय पर सुरेंद्र गिरधर की पत्रकारिता जनभावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति थी। वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर जैसे निर्भीक पत्रकारों ने अपनी लेखनी से आंदोलन को दिशा और जनसमर्थन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय सत्य, साहस और जनहित पत्रकारिता की पहचान थे। आज तकनीक ने खबरों की रफ्तार बढ़ा दी है, लेकिन विश्वसनीयता और निष्पक्षता की कसौटी पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।


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