नगरासू से उतरे निहंग, सरकार ने ली राहत की सांस; पांच लोगों ने हिला दी पूरी व्यवस्था!

Spread the love


देहरादून/रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जनपद के नगरासू स्थित गुरुद्वारे पर कब्जा जमाए बैठे निहंग आखिरकार नीचे उतर आए हैं। इसके साथ ही शासन-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। जिस मामले ने पिछले कुछ दिनों से सरकार और प्रशासन की नींद उड़ा रखी थी, उसका फिलहाल शांतिपूर्ण समाधान निकलता दिखाई दे रहा है।
इधर, देहरादून सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर अधिकारियों को सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और सुगम आवागमन के कड़े निर्देश दिए गए। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की ज्यादा रही कि आखिर पांच निहंगों की मौजूदगी ने पूरे सरकारी तंत्र को कई दिनों तक असहज बनाए रखा।
कटाक्ष करते हुए लोग कह रहे हैं कि जिस सरकार के पास कानून-व्यवस्था संभालने के लिए विशाल प्रशासनिक अमला, पुलिस बल और तमाम संसाधन हैं, उसे पांच लोगों के धरने-सदृश कब्जे से राहत मिलने पर चैन की सांस लेनी पड़ रही है। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि स्थिति इतनी गंभीर नहीं थी तो लगातार बैठकों और निगरानी की जरूरत क्यों पड़ी, और यदि गंभीर थी तो समाधान में इतना समय क्यों लगा?
फिलहाल नगरासू का मामला शांत होने के बाद सरकार ने राहत महसूस की है, लेकिन विपक्ष और सरकार के आलोचक इसे प्रशासनिक तत्परता से ज्यादा “पांच निहंग बनाम पूरी सरकार” की कहानी बताकर तंज कस रहे हैं।

चारधाम और हेमकुंड यात्रा की सुरक्षा पर सरकार सख्त, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को चारधाम यात्रा एवं श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सरकार ने सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
बैठक में कहा गया कि देवभूमि उत्तराखंड में सदैव ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा का पालन किया जाता रहा है और प्रदेश की संस्कृति में अतिथियों के सम्मान एवं सुरक्षा का विशेष स्थान है। सरकार ने सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि वे प्रदेश के शांत, सौहार्दपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।
कर्णप्रयाग और नगरासू में हाल ही में सामने आई घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि मामलों में निष्पक्ष जांच जारी है। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में ऐसा कोई भी कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी धर्म, आस्था एवं सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचे। समस्याओं के समाधान के लिए संवाद, सद्भाव और आपसी विश्वास को सबसे प्रभावी माध्यम बताया गया।
बैठक में हेमंत द्विवेदी तथा नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा भी उपस्थित रहे।


Spread the love