देहरादून। राज्य सरकार ने उपनल कर्मियों के पक्ष में एक अहम निर्णय लिया है। इसके तहत 15 अक्टूबर, 2024 तक उपनल के जरिये विभिन्न विभागों में तैनात कार्मिकों को समान पद समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। शिक्षा विभाग में संविदा नियुक्ति के तहत ताजवीर सिंह पुत्र पूरण सिंह एवं शिक्षा विभाग के बीच बुधवार को अनुबंध संपन्न हुआ। यह अनुबंध ₹100 के गैर-न्यायिक ई-स्टाम्प पर निष्पादित किया गया, जिसे संबंधित सक्षम प्राधिकारी एवं गवाहों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
अनुबंध के अनुसार नियुक्ति पूर्णतः संविदा के आधार पर होगी। कार्मिक को शासनादेश दिनांक 03 फरवरी 2026 के प्रावधानों के अनुरूप प्रतिमाह ₹25,500 मानदेय के साथ अनुमन्य महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसी अन्य भत्ते का प्रावधान नहीं होगा।
अनुबंध में कार्यालयीन अनुशासन, गोपनीयता, कार्य समय एवं विभागीय नियमों के पालन को अनिवार्य किया गया है। कार्मिक को एक कैलेंडर वर्ष में 12 आकस्मिक अवकाश तथा 15 दिन का उपार्जित अवकाश मिलेगा। अन्य अवकाश एवं सुविधाएं शासनादेश के अनुसार अनुमन्य होंगी।
सेवा संबंधी शर्तों के अनुसार संविदा का प्रतिवर्ष नवीनीकरण किया जा सकेगा, जबकि अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित की गई है। सरकार अथवा सक्षम प्राधिकारी आवश्यकता पड़ने पर एक माह का लिखित नोटिस देकर सेवा समाप्त कर सकता है। चिकित्सकीय अयोग्यता, अनुशासनहीनता, कदाचार अथवा आपराधिक कृत्य सिद्ध होने की स्थिति में भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्त की जा सकेगी।
अनुबंध में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह संविदा नियुक्ति नियमित, दैनिक वेतनभोगी, कार्यप्रभारित अथवा अन्य श्रेणी के कर्मचारियों के समान वेतन, भत्तों या सेवा लाभों का अधिकार प्रदान नहीं करेगी।
यह अनुबंध 19 मई 2026 को प्रधानाचार्य एवं सक्षम प्राधिकारी की उपस्थिति में विधिवत संपन्न किया गया।
इससे तकरीबन 20 हजार से अधिक उपनल कर्मी लाभान्वित होंगे। यद्यपि पहले चरण में वर्ष 2015 से पूर्व से विभिन्न विभागों में अब तक 10 वर्ष की न्यूनतम सेवा देने वाले उपनल कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा। शेष को चरणबद्ध तरीके से इसके दायरे में लिया जाएगा।
अब 15 अक्टूबर, 2024 कट आफ डेट
सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत की ओर से उपनल कर्मियों के लिए संशोधित शासनादेश के अनुसार समान पद समान वेतन का लाभ पाने वालों के लिए कट आफ डेट को 12 नवंबर, 2018 से बढ़ाकर अब 15 अक्टूबर, 2024 कर दी गई है।
सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति के हिसाब से इन्हें चरणबद्ध तरीके से समान पद व समान वेतन प्रदान करेगी। कर्मचारी जिस पद के सापेक्ष कार्यरत हैं, उन्हें उसी के अनुरूप न्यूनतम वेतन व महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उपनल कर्मियों से संबंधित अन्य सभी विषय व भविष्य में उत्पन्न होने वाले विषयों पर मंत्रिमंडल की उप समिति विचार करते हुए अग्रिम कार्यवाही व संस्तुतियां करेंगी।
