वारदात के बाद ससुर की लाश के पास बैठकर फूट-फूटकर रोने वाली बहू शालू का रोना-बिलखना अब पुलिसिया तफ्तीश के दायरे में आ गया है। बाहर से जो मामला महज एक दर्दनाक वारदात नजर आ रहा था, वह पुलिस की कड़ियों से कड़ियां जोड़ने की प्रक्रिया के बाद एक गहरी और खौफनाक साजिश के रूप में सामने आया है। जांच एजेंसियों के हाथ लगे नए डिजिटल साक्ष्यों ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का रुख पूरी तरह मोड़ दिया है।
मोबाइल डेटा से हाथ लगे बड़े सुराग
मोबाइल डेटा खंगालने पर पुलिस की साइबर और फॉरेंसिक टीम को बहू शालू और कथित सुपारी किलर नौकर विशाल गौतम के बीच बातचीत के बेहद चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। 1 मई से लेकर हत्या वाले दिन तक दोनों के बीच फोन कॉल्स और व्हाट्सएप के जरिए करीब 309 बार संपर्क हुआ था। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों के बीच हुई बातचीत के 49 मैसेज मोबाइल से डिलीट किए गए थे। फिलहाल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स इन डिलीटेड संदेशों को रिकवर करने में जुटे हैं, जिससे यह साफ हो सके कि कत्ल की पटकथा कब लिखी गई और क्या वारदात से ठीक पहले कोई खास निर्देश दिए गए थे।
फॉरेंसिक जांच तय करेगी अगला कानूनी कदम
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए कातिल
रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल स्थित फ्लैट नंबर सी-104 में हुई इस वारदात की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने जब कॉरिडोर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो परतें खुलनी शुरू हुईं। फुटेज में विनीत मिनोचा का पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम अपने साथी राजकिशोर के साथ देर रात चुपचाप फ्लैट में दाखिल होता और बाहर निकलता साफ नजर आया। सुरक्षा गार्डों और अपार्टमेंट के पुराने कर्मचारियों से पूछताछ के बाद जब पुलिस ने विशाल के संपर्कों को खंगालना शुरू किया, तब जाकर बहू शालू और विशाल के बीच जारी इस खौफनाक सांठगांठ का पर्दाफाश हुआ।
एनकाउंटर में दोनों कातिल गिरफ्तार
सीसीटीवी से मिले पुख्ता सुरागों के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात घेराबंदी कर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एनकाउंटर के दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी। अस्पताल में इलाज और पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए दावा किया कि उन्होंने कारोबारी की बहू शालू के कहने पर ही इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया था। कातिलों ने कारोबारी पर चाकू से 26 से ज्यादा ताबड़तोड़ वार किए थे, जब वे घर में बिल्कुल अकेले थे।
रविवार तड़के जब बेटा और बहू एक पार्टी से वापस लौटे, तो घर में कारोबारी का खून से लथपथ शव देखकर चीख-पुकार मच गई। बहू शालू के आंसुओं ने शुरुआत में हर किसी को गमगीन कर दिया था, लेकिन पुलिस ने भावनाओं में बहे बिना वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाया। अब पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित जांच टीम डिलीटेड कॉल्स और मैसेजों के आधार पर पूरी साजिश की क्रोनोलॉजी तैयार कर रही है। आने वाले दिनों में डिलीट चैट का डेटा सामने आते ही इस खौफनाक सुपारी किलिंग की पूरी कहानी कानूनी तौर पर बेनकाब हो जाएगी।
