बबीता के गिरफ्तारी से जहां खतरनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। वहीं यह भी सामने आया है कि कैसे पाकिस्तान ब्रेनवॉश कर महिलाओं को अपना निशाना बना रहा है। पता चला है कि भारत में महिला आतंकियों को तैयार करने के लिए ‘जमात-उल-मुमिनात’ नाम से एक समर्पित महिला विंग की शुरुआत की है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
जानिए बबीता की पूरी कहानी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तानी आतंकी संचालकों ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए बबीता धाकड़ से संपर्क साधा था। इसके बाद उसे लगातार भारत विरोधी और कट्टरपंथी सामग्रियां व वीडियो दिखाकर उसका पूरी तरह से ब्रेनवॉश कर दिया गया।
ऑनलाइन ही कलमा पढ़ा
बबीता इस कदर कट्टरपंथ के जाल में फंस गई कि उसने ऑनलाइन ही कलमा पढ़ा और अपना नाम बदलकर ‘खदीजा’ रख लिया। एफआईआर के मुताबिक, बबीता भारत में रहकर किसी बड़ी राष्ट्रविरोधी गतिविधि को अंजाम देने की फिराक में थी। ये भी पता चला है कि वो पाकिस्तान जाना चाहती थी।
आतंकी अबू उबैदाह से करना चाहती थी शादी
पूछताछ में पता चला है कि ये महिला खासतौर पर आतंकी अबू उबैदाह (नाम बताया जा रहा है) के संपर्क में थी। यह भी कहा जा रहा है कि इस शख्स के साथ बबीता ने ऑनलाइन निकाह पढ़ लिया था। साथ ही धर्म परिवर्तन भी कर लिया था। शादी के बाद पाकिस्तान जाना चाहती थी। इसके लिए इसने पासपॉर्ट भी बनवाने की कोशिश की थी, लेकिन चूंकि ये घर से ज्यादा बाहर नहीं जाती थी। कही जॉब नहीं करती थी, लिहाजा अबू उबैदाह इसे पाकिस्तान बुलाने का नया प्लान तैयार कर रहा था।
नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाने का बनाया था रूट
बताया जा रहा है कि बबीता को पाकिस्तान बुलाने के लिए अबू उबैदाह ने नया प्लान बनाया था। जानकारी दी जा रही है कि बबीता को नेपाल, सऊदी अरब, यूएई से रास्ते पाकिस्तान बुलवाने का प्लान था। अबू उबैदाह के प्रेमजाल में फंसी बबीता का क्रिप्टो करेंसी अकाउंट भी है। बताया जा रहा है कि ये भी बबीता को पाकिस्तान बुलाने के लिए ही बनवाया गया था।
पति से अनबन के बाद जयपुर में पिता के साथ रह रही थी
शुरुआती जांच में सामने आया है कि बबीता मूल रूप से गंगापुर सिटी की रहने वाली है, जहां उसके पिता लालाराम धाकड़ कर्मचारी कॉलोनी में रहते थे। हालांकि, सालों पहले वे अपना मकान बेचकर जयपुर शिफ्ट हो गए थे। बबीता के पिता खादी विभाग में कार्यरत थे। पता चला है कि बबीता की शादी हिंडौन में हुई थी, लेकिन पिछले काफी समय से पति के साथ अनबन और तलाक का केस चलने के कारण वह जयपुर में अपने पिता के साथ ही रह रही थी। इसी अकेलेपन और पारिवारिक विवाद के बीच वह सोशल मीडिया के जरिए आतंकियों के संपर्क में आ गई।
