धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं। नगर पालिका परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है।
प्रशासन का पक्ष
मसूरी के कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आईपी एड्रेस, सर्वर डिटेल और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।चंडीगढ़: पंजाब सचिवालय समेत चार बड़े स्कूलों को बम से उड़ाने की धमक
धमकी भरे ई-मेल ने मसूरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों पर है कि यह धमकी महज शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।धमकी भरे ईमेल्स से हड़कंप: गुजरात CMO, अहमदाबाद नगर निगम और RSS के कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली
धमकी भरे संदेश मिलने का सिलसिला जारी
बीते महीने देश के अलग-अलग हिस्सों लगातार स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को धमकी भरे संदेश मिले थे। 21 मई को चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों और हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
चंडीगढ़ के स्कूलों और हरियाणा सीएम के कार्यालय को ईमेल के जरिए धमकी दी थी। तथाकथित ईमेल में चंडीगढ़ के स्कूलों में दोपहर 1.11 बजे बम धमाके की धमकी मिली। इसमें लिखा था, “खालिस्तान वाले बच्चियों के खिलाफ नहीं है। अपने बच्चे बचाओ।”
ईमेल में हरियाणा सीएम कार्यालय में दोपहर 3.11 बजे बम विस्फोट की धमकी दी गई थी। इसमें लिखा था, “जून 1984 में दरबार साहिब पर हिंदुस्तानी फौज के हमले में हरियाणा ने मिठाई बांटी थी। इसका बदला।” इसके अलावा, दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर 6 जून तक लगातार आईईडी धमाके की धमकी दी गई थी।
