पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा मोबाइल फोन को अंडरगारमेंट्स में छिपाकर परीक्षा केंद्र तक ले आई थी. इतना ही नहीं उसने परीक्षा के सवालों की तस्वीरें भी खींच ली थीं और उन्हें बाहर भेजने की कोशिश कर रही थी.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
परीक्षा खत्म होने से पहले पकड़ी गई छात्रा
यह मामला जयपुर के बिहाड़िया स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र का है जहां NEET UG री-एग्जाम आयोजित किया गया था. परीक्षा समाप्त होने में करीब 15 मिनट का समय बचा था, तभी वॉशरूम के बाहर एक छात्रा को मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ लिया गया.परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने जब उससे पूछताछ की तो मामला गंभीर निकला. सूचना मिलते ही पुलिस को बुलाया गया और छात्रा को हिरासत में ले लिया गया.
तीसरी बार NEET दे रही थी हिमांशी
पुलिस के अनुसार पकड़ी गई छात्रा की पहचान 22 वर्षीय हिमांशी तिवारी के रूप में हुई है. पूछताछ में पता चला कि वह तीसरी बार NEET परीक्षा दे रही थी. मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए वह लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन इस बार उसने गलत रास्ता चुन लिया.अधिकारियों के मुताबिक छात्रा ने पहले से पूरी योजना बनाकर परीक्षा केंद्र में मोबाइल पहुंचाया था.
अंडरगारमेंट्स में छिपाकर लाई थी मोबाइल
पूछताछ में हिमांशी ने बताया कि उसने मोबाइल फोन को अंडरगारमेंट्स के अंदर छिपा रखा था. इसके ऊपर उसने ढीली-ढाली टी-शर्ट पहन रखी थी ताकि किसी को शक न हो.परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान जब सुरक्षा जांच हुई और मशीन से बीप की आवाज आई तो उसने कपड़ों में लगे हुक और अन्य धातु के हिस्सों का बहाना बना दिया. शुरुआती जांच में सुरक्षा कर्मियों को कुछ संदिग्ध नहीं मिला और वह परीक्षा हॉल तक पहुंच गई.
पेपर की खींचीं कई तस्वीरें
पुलिस जांच में सामने आया कि परीक्षा के दौरान छात्रा ने प्रश्नपत्र के 5 से 6 फोटो अपने मोबाइल से खींचे थे. अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की जांच में प्रश्नपत्र की तस्वीरें मिली हैं.जांच एजेंसियों का दावा है कि परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले इन तस्वीरों को बाहर भेजने की कोशिश की गई थी हालांकि समय रहते छात्रा पकड़ी गई और उसका प्रयास सफल नहीं हो सका.
गूगल और ऑनलाइन मदद से जवाब खोजने की थी योजना
पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह मोबाइल फोन इसलिए लेकर आई थी ताकि जरूरत पड़ने पर इंटरनेट और ऑनलाइन माध्यमों की मदद से सवालों के जवाब खोज सके. पुलिस को संदेह है कि वह परीक्षा के प्रश्न बाहर भेजकर उत्तर प्राप्त करने की कोशिश कर रही थी.मोबाइल फोन को जब्त कर उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा के दौरान किससे संपर्क करने की कोशिश की गई थी और क्या किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी.
कोर्ट में पेशी के बाद भेजी गई जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने छात्रा को अदालत में पेश किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया. फिलहाल वह जेल में है और पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है.पुलिस ने छात्रा के खिलाफ पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत मामला दर्ज किया है. यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए बनाया गया है.इस कानून के तहत परीक्षा में धोखाधड़ी करना गंभीर अपराध माना जाता है और इसे गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है.
री-एग्जाम में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कड़ी निगरानी और सतर्कता की वजह से छात्रा पकड़ी गई और किसी तरह की बड़ी गड़बड़ी होने से पहले ही कार्रवाई कर दी गई.फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन की तकनीकी जांच, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि छात्रा अकेले काम कर रही थी या उसके पीछे कोई और भी शामिल था.NEET UG 2026 री-एग्जाम में सामने आया यह मामला दिखाता है कि परीक्षा में नकल या शॉर्टकट अपनाने की कोशिश कितनी भारी पड़ सकती है. मेडिकल सीट हासिल करने की जल्दबाजी में उठाया गया एक गलत कदम अब छात्रा के भविष्य पर बड़ा असर डाल सकता है.
