उत्तराखंड के कोटद्वार दीपक कुमार ‘मोहम्मद दीपक’ नाम से जाने जाने जाते हैं. दरअसल, उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार का समर्थन कर लिया था, जिसके बाद वो ‘मोहम्मद दीपक’ नाम से मशहूर हो गए थे.

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उसके बाद से दीपक को लगातार धमकियां मिली और विवादों के कारण उनका कारोबार भी ठप पड़ गया है. दीपक हल्म नाम से जिम चलाते हैं. इस विवाद के बाद से उनके जिम में क्लाइंट की भारी कमी हुई है, जिसकी वजह से वो जिम का किराया भी नहीं निकाल पा रहे हैं. आर्थिक संकट से जूझ रहे दीपक जिम बेचने पर मजबूर हो गए हैं.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

जिम का रेंच नहीं भर पा रहे ‘मोहम्मद दीपक’

‘मोहम्मद दीपक’ यानी दीपक कुमार उत्तराखंड के कोटद्वार में हल्क नाम से जिम चलाते हैं. उन्होंने बताया कि वो पिछले 4 महीनों से जिम का रेंट नहीं भर पा रहे हैं. अब मकान मालिक ने भी उन्हें आखिरी वॉर्निंग भी दे दी. उन्होंने ये भी कहा है कि ये नहीं पता है कि मकान मालिक पर बाहरी लोगों का दबाव है या नहीं. लेकिन ऐसे हालातों में जिम चलाना काफी मुश्किल हो गया है.

लगातार जिम में कम हुए क्लाइंट

हल्क जिम के मालिक दीपक कुमार ने ये भी कहा कि उनके जिम में अब सिर्फ 60 से 65 लोग ही आते हैं. इतने लोगों में जिम का खर्च भी नहीं निकल पा रहा है. जिम का किराया 40 हजार रुपये है और गर्मी और विवादों के कारण नए क्लाइंट भी नहीं जुड़ रहे हैं.

क्या हुआ था पूरा मामला?

गौरतलब है कि दीपक कुमार तब मोहम्मद दीपक बने थे, जब उन्होंने 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद का समर्थन किया था. दरअसल, बजरंग दल के कार्यकर्ता पटेल मार्ग पर बाबा नाम की मुस्लिम शख्स की दुकान पर का नाम बदलने की मांग की थी. उसी दौरान दीपक कुमार मुस्लिम के समर्थन में आ गए थे और खुद को मोहम्मद दीपक कह दिया था. उसके बाद से ये विवाद चल रहा है, जिसके बाद दीपक कुमार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है.


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