उद्योग जगत के साथ ‘श्रम संवाद’, नए श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथनउद्योग प्रतिनिधियों ने रखीं व्यावहारिक कठिनाइयां, EPFO-ESIC और श्रम विभाग के बेहतर समन्वय पर जोर


रुद्रपुर। श्रम कानूनों में हुए बदलावों, सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों और उद्योगों के समक्ष आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को लेकर मंगलवार को रुद्रपुर के होटल रेडिसन ब्लू में ‘श्रम संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। उत्तराखंड श्रम विभाग की ओर से आयोजित इस संवाद में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, श्रम विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर भारत सरकार द्वारा बनाए गए चार नए श्रम कानूनों को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करना रहा। अधिकारियों ने नए श्रम कानूनों के प्रावधानों, उनके संभावित प्रभाव तथा भविष्य में इनके प्रभावी क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों पर उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव लिए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड


‘श्रम संवाद’ के दौरान उद्योगों और श्रमिकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, सामाजिक सुरक्षा, श्रम कानूनों का अनुपालन, प्रतिष्ठानों का पंजीकरण तथा श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं को प्रमुखता से शामिल किया गया। अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों को संबंधित प्रावधानों और विभागीय सेवाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई।
उद्योग प्रतिनिधियों ने रखीं समस्याएं
संवाद के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने श्रम कानूनों के अनुपालन से जुड़े विभिन्न विषयों को अधिकारियों के सामने रखा। प्रतिनिधियों ने कानूनों के व्यावहारिक क्रियान्वयन के दौरान आने वाली कठिनाइयों, प्रक्रियागत समस्याओं तथा उद्योगों की ओर से महसूस की जा रही अन्य चुनौतियों की जानकारी दी। साथ ही इन समस्याओं के समाधान के लिए अपने सुझाव भी अधिकारियों के समक्ष रखे।
अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर क्रमवार जानकारी दी और संबंधित प्रावधानों को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन किया। प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अधिकारियों ने श्रम कानूनों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी अनुपालन के महत्व को भी स्पष्ट किया।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को नियमानुसार मिलने वाली सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए। उद्योग प्रतिनिधियों से भी श्रम कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
EPFO और ESIC के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
‘श्रम संवाद’ में उद्योगों से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए श्रम विभाग, EPFO और ESIC के बीच बेहतर समन्वय तथा निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि उद्योगों और विभागों के बीच नियमित संवाद रहने से श्रम कानूनों के अनुपालन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को समय रहते दूर किया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से उद्योग जगत और विभागीय अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया। इससे औद्योगिक क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण, श्रमिक हितों की सुरक्षा और बेहतर श्रम संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना गया।
उद्योग प्रतिनिधियों ने किया सहभागिता
कार्यक्रम में उद्योग जगत की ओर से केजीसीसीआई के अशोक बंसल एवं रमेश मिड्डा ने सहभागिता की। वहीं एसएडब्ल्यूएस की ओर से उत्तम सिंह जंतवाल एवं गजेंद्र सिंह कार्यक्रम में मौजूद रहे। उद्योग प्रतिनिधियों ने श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन तथा उद्योगों से संबंधित विषयों पर अधिकारियों के साथ संवाद किया।
इस अवसर पर भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने उद्योग प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर श्रम संबंधों तथा सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ESIC अस्पताल का भी किया भ्रमण
‘श्रम संवाद’ कार्यक्रम के बाद भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने ESIC अस्पताल का भी भ्रमण किया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं तथा श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी ली गई। ESIC की सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की गई।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के सचिव श्रम घर बाबू अन्दांकी, श्रम आयुक्त उत्तराखंड प्रकाश चंद्र दुम्का, अपर श्रम आयुक्त उत्तराखंड अनिल कुमार पेटवाल, उप श्रम आयुक्त के.के. गुप्ता तथा सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी सहित श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा EPFO एवं ESIC के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
अधिकारियों के मुताबिक उद्योग जगत के साथ इस प्रकार के संवाद से श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाने और उद्योगों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी। संवाद के माध्यम से विभाग और उद्योगों के बीच समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया।