हिंदू धर्म में पंचक की अवधि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचक की अवधि 5 दिनों की होती है। धार्मिक मान्यताओं में पंचक को आमतौर पर अशुभ समय माना गया है। इस दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है।

ऐसा माना जाता है कि इस दौरान वर्जित कार्यों को करने से जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पंचक से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करता है और अंतिम पांच नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती) से गुजरता है, तो उस 5 दिन की अवधि को पंचक कहा जाता है।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि नवंबर माह में पंचक कब से शुरू होंगे और इस दौरान कौन-से काम भूलकर भी नहीं करन चाहिए।

इस दिन से शुरू हो रहे पंचक (November 2026 Panchak Kab Se Kab Tak Hai)

पंचांग के अनुसार, इस बार पंचक की शुरुआत 17 नवंबर को दोपहर 03 बजकर 30 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 21 नवंबर को सुबह 05 बजकर 54 मिनट पर होगा।

भूलकर भी न करें ये काम

  • पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की तरफ यात्रा करने की मनाही होती है, क्योंकि इस दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है। अगर किसी जरूरी काम से इस दिशा में यात्रा करनी ही पड़े, तो पहले विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा-अर्चना करें। इसके बाद अपनी यात्रा की शुरुआत करें।
  • मकान निर्माण के समय पंचक काल में छत नहीं ढलवानी चाहिए। मान्यता है कि पंचक में छत बनवाने से घर में धन हानि होती है और पारिवारिक क्लेश बढ़ता है।
  • इस अवधि में घर के लिए ईंधन, लकड़ी, कंडे या घास-फूस इकट्ठा करना या खरीदना वर्जित है। माना जाता है कि इससे अग्नि का भय बना रहता है।

जरूर करें ये उपाय

  • आपकी जानकारी केलिए बता दें कि पंचक के दुष्प्रभावों से बचने के लिए विशेष उपाय जरूर करने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि पंचक में ये उपाय करने से शुभ परिणाम मिलते हैं।
  • पंचक की अवधि के दौरान रोजाना सूर्य देव को अर्घ्य दें। जल में लाल चंदन और रोली जरूर शामिल करें। मान्यता के अनुसार, इस उपाय को सच्चे मन से करने से व्यक्ति को कारोबार में लाभ मिलता है और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है।
  • इसके अलावा पंचक के दौरान दान करने का विशेष महत्व है। जरूरतमंद लोगों को या मंदिर में अन्न-धन आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे धन में वृद्धि के योग बनते हैं और जीवन में किसी चीज की कमी नहीं रहती।