मोदी मैदान में महिलाओं का जलवा, दीपा-रेनू बनीं मेले की पहचानउत्तराखंड किसान मेले में उमड़ी जबरदस्त भीड़, स्थानीय महिलाओं के हुनर को मिला बाजार और रोजगार का मंच

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मोदी मैदान में महिलाओं का जलवा, दीपा-रेनू बनीं मेले की पहचान
उत्तराखंड किसान मेले में उमड़ी जबरदस्त भीड़, स्थानीय महिलाओं के हुनर को मिला बाजार और रोजगार का मंच
रुद्रपुर। मोदी मैदान में चल रहा उत्तराखंड उदय एक्सपोर्ट 2026 एवं किसान मेला इन दिनों रुद्रपुरवासियों के आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है। मेले में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसान, उद्यमी, स्वयं सहायता समूह और महिला उत्पादक अपने हुनर और स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में जुटे हैं। मेले में लगातार उमड़ रही भीड़ के बीच महिलाओं की भागीदारी सबसे खास आकर्षण बनी हुई है।

रेनू शर्मा

मेले की खासियत यह है कि बड़ी संख्या में स्टॉल महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराए गए हैं। यहां महिलाएं अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें सीधे ग्राहकों से जुड़ने, अपने उत्पादों की पहचान बनाने और भविष्य में रोजगार के नए अवसर तलाशने का मौका मिल रहा है।
रुद्रपुर की दीपा मटेला मेले में अपनी कला और स्थानीय संस्कृति से जुड़े उत्पादों के साथ लोगों का ध्यान खींच रही हैं। विशेष रूप से उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को आधुनिक स्वरूप देकर बाजार से जोड़ने का उनका प्रयास लोगों को आकर्षित कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी उनकी कला को लेकर लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिलती रही है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


इसी तरह रेनू शर्मा भी महिला समूहों और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय नजर आ रही हैं। मेले में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाने में उनकी मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
मेले में पहुंच रहे लोग केवल खरीदारी ही नहीं कर रहे, बल्कि महिलाओं के हुनर को करीब से देख और समझ भी रहे हैं। पहाड़ी उत्पाद, हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खाद्य सामग्री और स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए अनेक उत्पाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
मोदी मैदान में उमड़ रही भीड़ के बीच महिला स्टॉलों पर विशेष चहल-पहल दिखाई दे रही है। दीपा मटेला और रेनू शर्मा जैसी स्थानीय महिलाओं की सक्रियता इस मेले की उस तस्वीर को सामने ला रही है, जिसमें उत्तराखंड की महिलाएं अब केवल उत्पाद बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्पादन से लेकर बाजार और ग्राहक तक अपनी भूमिका निभा रही हैं।
किसान मेला स्थानीय उत्पादों को बाजार देने के साथ-साथ महिला उद्यमिता, स्वरोजगार और उत्तराखंड की लोककला को बढ़ावा देने का मंच भी बनता दिखाई दे रहा है। रुद्रपुर के मोदी मैदान में लगी भीड़ इस बात का संकेत है कि जब स्थानीय हुनर को उचित मंच और बाजार मिलता है तो लोग उसे देखने और खरीदने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
मोदी मैदान का यह मेला फिलहाल व्यापार से ज्यादा महिला शक्ति, स्थानीय हुनर और उत्तराखंड की पहचान का मंच बनकर चर्चा में है।


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