उत्तराखंड में एक दिन की चार बड़ी तस्वीरेंउत्तराखंड में चार बड़ी खबरें: देवप्रयाग में शिक्षक पर छात्राओं से छेड़खानी का आरोप, ध्यान बद्री में आध्यात्मिक आस्था, चमोली में सीजन की पहली बर्फबारी और देहरादून जू में आएगा सफेद बाघ

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उत्तराखंड,नई टिहरी/चमोली/देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा। एक ओर देवप्रयाग स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में एक नाबालिग और एक बालिग छात्रा के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार और छेड़खानी का मामला सामने आया है। पुलिस ने परिसर के शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर चमोली में सीजन की पहली बर्फबारी ने बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और नीति घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को सफेद चादर से ढक दिया। इसी बीच पांडुकेश्वर स्थित ध्यान बद्री मंदिर धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था के केंद्र के रूप में चर्चा में रहा। वहीं देहरादून जू में जल्द ही पर्यटकों को सफेद रॉयल बंगाल टाइगर देखने को मिलेगा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


देवप्रयाग में शिक्षक पर छात्राओं से छेड़खानी का आरोप, पोक्सो एक्ट में मुकदमा
नई टिहरी जिले के देवप्रयाग स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर में दो छात्राओं के साथ कथित छेड़खानी और अमर्यादित व्यवहार का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, एक नाबालिग और एक बालिग छात्रा के साथ शिक्षक द्वारा कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया। मामले में परिसर के शिक्षक डॉ. सूर्यमणि भंडारी के खिलाफ थाना बाहबाजार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार घटना 22 अगस्त की बताई गई है। संस्थान प्रभारी की ओर से 21 सितंबर को थाने में शिक्षक के खिलाफ नामजद लिखित तहरीर दी गई। घटना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर भी आंतरिक जांच शुरू की गई थी। इसी प्रक्रिया के चलते पुलिस को शिकायत दिए जाने में लगभग एक माह का समय लगा।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एसएसआई अनीता नेगी के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि पोक्सो एक्ट के तहत सात वर्ष से कम सजा वाले प्रावधानों में गिरफ्तारी के संबंध में निर्धारित विधिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
थाना प्रभारी निरीक्षक अमरजीत के मुताबिक विश्वविद्यालय परिसर के शिक्षक के खिलाफ छात्राओं से कथित ‘बैड टच’ के संबंध में परिसर निदेशक की ओर से लिखित शिकायत दी गई थी।
मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कार्रवाई करते हुए जांच पूरी होने तक आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता, जब तक जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी न हो।
ध्यान बद्री: पांडुकेश्वर में भगवान विष्णु की ध्यानमग्न प्रतिमा
चमोली जिले में स्थित पांडुकेश्वर का श्री ध्यान बद्री मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह सप्त बद्री परंपरा से जुड़े बद्री मंदिरों में शामिल है और बद्रीनाथ क्षेत्र की धार्मिक यात्रा में विशेष महत्व रखता है।
मंदिर में भगवान विष्णु की काले पत्थर से निर्मित चतुर्भुजी प्रतिमा ध्यान मुद्रा में स्थापित है। इसी ध्यानमग्न स्वरूप के कारण इस स्थान को ‘ध्यान बद्री’ कहा जाता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राजा पांडु ने यहां तपस्या की थी। एक अन्य मान्यता के अनुसार पांडवों के वंशज राजा पुरंजय के पुत्र उर्वरऋषि ने भगवान विष्णु की प्राप्ति के लिए कठोर तप किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु के प्रकट होने की मान्यता है।
मंदिर का वातावरण बद्रीनाथ धाम की अपेक्षा शांत और अपेक्षाकृत एकांत माना जाता है। प्राकृतिक वातावरण और धार्मिक आस्था के कारण यहां श्रद्धालु दर्शन के साथ ध्यान और साधना का अनुभव लेने भी पहुंचते हैं। इसके आसपास का क्षेत्र हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ध्यान बद्री मंदिर का वीडियो साझा करते हुए श्रद्धालुओं से चमोली आने पर इस पवित्र मंदिर के दर्शन करने का आग्रह किया। उन्होंने मंदिर को भगवान विष्णु के ध्यान स्वरूप से जुड़ा प्राचीन और पवित्र स्थल बताया।
ध्यान बद्री के निकट पंचकेदारों में शामिल कल्पेश्वर महादेव का क्षेत्र भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस कारण चमोली का यह भूभाग बद्री और केदार दोनों धार्मिक परंपराओं से जुड़ी तीर्थयात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
चमोली में सीजन की पहली बर्फबारी, बद्रीनाथ और हेमकुंड सफेद
चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और नीति घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के बाद पहाड़ों की चोटियां और आसपास के क्षेत्र सफेद दिखाई देने लगे।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ निचले क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आई और ठंड बढ़ गई। बद्रीनाथ धाम तथा हेमकुंड साहिब पहुंचे श्रद्धालुओं ने खराब मौसम के बीच भी दर्शन किए।
सीजन की पहली बर्फबारी ने हिमालयी क्षेत्रों का प्राकृतिक दृश्य बदल दिया। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए यह मौसम का महत्वपूर्ण बदलाव रहा। हालांकि लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाई है।
मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
चमोली प्रशासन की ओर से तहसीलों और थाना क्षेत्रों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य बताई गई है।
देहरादून जू में जल्द दिखेगा सफेद रॉयल बंगाल टाइगर
देहरादून के चिड़ियाघर में आने वाले समय में पर्यटकों को सफेद रॉयल बंगाल टाइगर देखने का अवसर मिलेगा। इसके लिए उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बीच स्वीकृत बाघ विनिमय कार्यक्रम के तहत देहरादून जू से एक नर बाघ को ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क भेजा जा रहा है। इसके बदले ग्वालियर से एक सफेद बाघ देहरादून लाया जाएगा।
शुक्रवार को देहरादून जू से बाघ को लेकर दल ग्वालियर के लिए रवाना हुआ। वन विभाग के अनुसार बाघ को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू वैन में सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया गया। यात्रा से पहले पशु चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पूरी की गई। पशु चिकित्सक ने बाघ को स्वस्थ और परिवहन के लिए उपयुक्त प्रमाणित किया है।
दल का नेतृत्व देहरादून के उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी और वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप मिश्रा कर रहे हैं। दल में क्षेत्राधिकारी, देहरादून जू के अधिकारी-कर्मचारी, क्यूआरटी सदस्य तथा कीपर-स्टाफ भी शामिल हैं।
बाघ के सुरक्षित परिवहन के लिए रेस्क्यू वैन के साथ एस्कॉर्ट और सहायक वाहन भी रवाना किए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दल ग्वालियर पहुंचेगा और इसके बाद सोमवार को ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से सफेद रॉयल बंगाल टाइगर को लेकर देहरादून लौटेगा।
देहरादून जू के निदेशक वैभव कुमार सिंह ने बताया कि यह बाघ विनिमय कार्यक्रम केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की स्वीकृति तथा सक्षम अधिकारियों के निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। सफेद बाघ के देहरादून पहुंचने के बाद उसके स्वास्थ्य और अनुकूलन से जुड़ी आवश्यक पशु-चिकित्सकीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद उसे आमजन के दर्शन के लिए प्रदर्शित करने की तैयारी की जाएगी।
एक ही दिन में शिक्षा, आस्था, मौसम और वन्यजीवों से जुड़ी तस्वीर
उत्तराखंड की इन घटनाओं में एक तरफ संस्थागत स्तर पर छात्राओं से जुड़े गंभीर आरोपों की पुलिस जांच शुरू हुई है, तो दूसरी तरफ चमोली में मौसम के बदलते स्वरूप ने हिमालयी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ा दिया है। इसी प्राकृतिक परिवेश के बीच ध्यान बद्री जैसे प्राचीन धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और साधना का केंद्र बने हुए हैं। वहीं देहरादून जू में सफेद बाघ के आगमन की तैयारी वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया विषय बन गई है।
देवप्रयाग मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होंगे, जबकि चमोली में अगले दो दिनों के मौसम को देखते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सतर्कता जरूरी है। दूसरी ओर ध्यान बद्री की धार्मिक पहचान और हिमालयी प्राकृतिक परिवेश उत्तराखंड की तीर्थ एवं पर्यटन परंपरा को अलग आयाम देते हैं। देहरादून जू का बाघ विनिमय कार्यक्रम वन्यजीव प्रबंधन और चिड़ियाघर में नई प्रजातीय आकर्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में सामने आया है।


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