रुद्रपुर। विजडम पब्लिक स्कूल में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत नशा मुक्ति एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में उनकी भूमिका को समझाना रहा।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक श्री गोपाल सिंह पटवाल, प्रधानाचार्या डॉ. श्वेता मधवाल, उप प्रधानाचार्या श्रीमती साक्षी मिश्रा सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के उप निरीक्षक श्री प्रकाश चंद, महिला कांस्टेबल श्रीमती कंचन चौधरी तथा श्रीमती शांति बिष्ट उपस्थित रहीं। अतिथियों का विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों की ओर से स्वागत किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. श्वेता मधवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही नशे के प्रति जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास के वातावरण को समझने, गलत संगत से बचने तथा जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। यदि युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहेगा तो परिवार, विद्यालय तथा समाज को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों तथा सामाजिक कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों सौरव पंत, अक्षरा जीना तथा मीनू राणा ने नशा मुक्ति के संदर्भ में अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों ने नशे से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक तथा व्यक्तिगत नुकसान की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवार, विद्यालय तथा समाज को मिलकर जागरूकता का वातावरण तैयार करना होगा।
मुख्य अतिथि उप निरीक्षक श्री प्रकाश चंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे से होने वाली विभिन्न हानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ उसके परिवार तथा सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की सलाह दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी व्यक्ति को नशे की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे तो उसे समझाने का प्रयास करें तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों की सहायता लें। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, सकारात्मक सोच तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का आह्वान किया।
महिला कांस्टेबल श्रीमती कंचन चौधरी ने भी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों एवं युवाओं के सामने कई प्रकार की चुनौतियां हैं। सोशल मीडिया तथा इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के बीच विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान साइबर क्राइम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां विद्यार्थियों के साथ साझा कीं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान लोगों से ऑनलाइन संपर्क करने, संदिग्ध लिंक खोलने, निजी जानकारी साझा करने तथा साइबर ठगी से बचने के संबंध में सावधान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी अपने अभिभावकों या शिक्षकों को दें।
विद्यालय के प्रबंधक श्री गोपाल सिंह पटवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे से मुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अच्छे लक्ष्य निर्धारित करने तथा अपने समय का सदुपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए। खेलकूद, योग, रचनात्मक गतिविधियां तथा सामाजिक कार्य युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें, अपने मित्रों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें तथा समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाएं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी। शिक्षकों ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन में अनेक समस्याओं को जन्म दे सकता है। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन में आकर नशे की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने तथा अपने परिवार एवं विद्यालय का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति से संबंधित विचारों को ध्यानपूर्वक सुना तथा अतिथियों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच तथा अनुशासित जीवन ही बेहतर भविष्य की आधारशिला है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को नशा उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे। विद्यार्थियों ने स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
विद्यालय प्रबंधन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी अतिथियों, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उपयोगी होते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में संपन्न हुआ।
