उत्तराखंड के सरकारी विभागों में यूपी राजकीय निर्माण निगम से कराए गए कार्यों में 130 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। वर्ष 2018 से पूर्व के इन मामलों की विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि हुई।

इसके बाद पुलिस ने दून में रविवार को निगम के पांच तत्कालीन अफसरों (अब रिटायर) के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने रविवार को बताया कि निगम के अपर परियोजना प्रबंधक (इकाई-1) सुनील मलिक ने नेहरू कॉलोनी थाने में गबन के मामले में तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बताया कि गबन के सभी प्रकरण करीब सात वर्ष पहले के हैं।

पूर्व ये मामले प्रकाश में आने पर विभागीय जांच कराई गई थी। उसमें 130 करोड़ रुपये के गबन समेत कई अनियमितताएं सामने आईं। एसएसपी ने बताया कि तहरीर पर पुलिस ने छह अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इनको किया नामजद

1. शिव आसरे शर्मा तत्कालीन परियोजना प्रबंधक (अतिरिक्त महाप्रबंधक पद से रिटायर) निवासी आजमगढ़, यूपी

2. प्रदीप कुमार शर्मा तत्कालीन परियोजना प्रबंधक (अतिरिक्त महाप्रबंधक के पद से रिटायर) निवासी पूर्वी पंजाबी बाग, नई दिल्ली

3. वीरेंद्र कुमार रवि तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी स्तर-2 (बर्खास्त एवं सेवानिवृत) निवासी भोजपुर, तहसील नजीबाबाद, जिला बिजनौर (यूपी)

4. रामप्रकाश गुप्ता तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी स्तर-2 (रिटायर) निवासी संडिला, हरदोई (यूपी),

5. सतीश उपाध्याय तत्कालीन इकाई प्रभारी/स्थानिक अभियंता (रिटायर) निवासी कुंडा, प्रतापगढ़, यूपी