महाकुंभ में साधु-संतों का मेला भी लगा हुआ है. साधु-संत अपने-अपने डेरों में भगवान की भक्ति में लीन हैं. दूसरा अमृत स्नान 29 जनवरी को होने वाला है. प्रयागराज प्रशासन के मुताबिक इस अमृत स्नान में 8 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.

बता दें कि अमृत स्नान का पहला अधिकार नागा साधुओं को दिया गया है. महाकुंभ में नागा साधु अपने अखाड़े के साथ कल्पवास कर रहे हैं.

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)

अगर ये चीजें मिल जाएं…
इस दौरान यदि किसी व्यक्ति के हाथों फूल, फूल माला, भस्म या कोई प्रसाद मिलता है तो माना जाता है कि दुर्भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाता है. साथ ही उसके सारे पाप धुल जाते हैं और वह मृत्यु के बाद स्वर्ग चला जाता है.

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