लोक-संस्कृति और प्रशासनिक सहभागिता का सुंदर संगम

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रुद्रपुर। शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद) ने उत्तराखंड की लोक-संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए 13 व 14 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले उत्तरायणी (घुघुतिया त्यार) महोत्सव 2026 के लिए प्रशासनिक तंत्र को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

IPS निहारिका तोमर


9 जनवरी 2026 को शैल परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों—वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, आईपीएस निहारिका तोमर, अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं LIU स्टाफ से भेंट कर उन्हें शैल परिषद उत्तरायणी घुघुति कार्यक्रम में आमंत्रित किया। इस अवसर पर शैल परिषद रुद्रपुर के अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवारी, मुख्य कार्यक्रम संयोजक दिनेश बम, आर.एस. बोरा, सतीश लोहनी  विजय ढोडियाल एवं अवतार सिंह बिष्ट मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
शैल भवन, गंगापुर रोड में होने वाला यह महोत्सव लोक–आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बनेगा। आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं—टेंट, मंच व स्टॉल सजने लगे हैं और स्वच्छता कार्य युद्धस्तर पर जारी है। पहले दिन प्रसिद्ध लोक कलाकार गजेन्द्र राणा और डॉ. कुसुम भट्ट अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे, जबकि दूसरे दिन विद्यालयी बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करेंगे।
यह आयोजन न केवल उत्तरायणी पर्व की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास है, बल्कि समाज और प्रशासन के बीच संवाद व सहयोग की सकारात्मक मिसाल भी प्रस्तुत करता है। शैल परिषद की यह पहल लोक-संस्कृति के संरक्षण के साथ सामाजिक एकजुटता को नई दिशा देने वाली साबित होगी।


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