मतदाता सूची की शुद्धता से लेकर धान की पैदावार तक जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की नजर, स्कूल में बच्चों को भी सिखाया गया सुरक्षा का पाठ
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुरअवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
रुद्रपुर, 28 अक्टूबर। ऊधम सिंह नगर में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारियों के बीच जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के निर्देश दिए। वहीं, किसानों की धान की पैदावार का वास्तविक आकलन करने के लिए वह स्वयं खेत में पहुंचे और धान की कटाई कर क्रॉप कटिंग प्रयोग का शुभारंभ किया। इसी दिन रुद्रपुर के एक निजी विद्यालय में बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा, बाल अधिकारों और आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रति जागरूक किया गया। इन तीनों गतिविधियों के जरिए चुनावी तैयारियों, कृषि उत्पादन के आकलन और बाल सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सक्रियता सामने आई।
खेत में पहुंचे डीएम साहब, खुद काटा धान; 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर निकली उपज!
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बुधवार को तहसील रुद्रपुर के राजस्व ग्राम जयनगर नंबर-3 में पहुंचकर धान की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत और फसलों की वास्तविक उत्पादकता का अनुमान लगाने के उद्देश्य से काश्तकार दौलत सिंह और अदालत सिंह के खेत में फसल कटाई प्रयोग किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं धान काटकर प्रयोग का शुभारंभ किया।
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क्रॉप कटिंग प्रयोग के अंतर्गत 43.30 वर्गमीटर के त्रिभुजाकार प्लॉट से 16.200 किलोग्राम धान की उपज प्राप्त हुई। इसके आधार पर धान की उत्पादकता लगभग 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि फसल कटाई प्रयोग केवल किसी एक खेत की पैदावार जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके आंकड़े कृषि संबंधी नीतियों और सरकारी योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर फसल बीमा के दावों के निर्धारण, उत्पादन के अनुमान और खाद्य नीति तैयार करने में सहायता मिलती है।
क्रॉप कटिंग प्रयोग के दौरान तहसीलदार दिनेश कुटौला, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीकेएस यादव, सहायक भूलेख अधिकारी मदन बिष्ट, क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और राजस्व उपनिरीक्षक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
खेत में जिलाधिकारी की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि फसल की उत्पादकता का आकलन कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर सत्यापन भी जरूरी है।
विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारी तेज, हर मतदान केंद्र का होगा स्थलीय सत्यापन
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी मतदेय स्थलों का बीएलओ के माध्यम से शत-प्रतिशत स्थलीय निरीक्षण कराकर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों के भवनों की स्थिति का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए। जिन भवनों को जर्जर अथवा मतदान के लिए अनुपयुक्त पाया जाए, उन्हें निकटवर्ती उपयुक्त सरकारी भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
उन्होंने मतदान केंद्रों पर बिजली, रैंप, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य मतदान के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी से बचाना और मतदान केंद्रों को सुविधाजनक बनाना है।
मतदाता सूची में नाम, उम्र और विवरण की होगी जांच
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्वाचक नामावलियों की शुद्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर मतदाता सूची में दर्ज नामों, आयु, संबंधित व्यक्ति के नाम और अन्य विवरणों का दोबारा सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के विवरण में त्रुटि या अपूर्णता मिलती है तो सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। ऐसे मामलों में प्रपत्र-8 भरवाकर आवश्यक संशोधन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने नो-मैपिंग अथवा अन्य विसंगतियों के कारण मतदाता सूची से बाहर रह गए पात्र मतदाताओं की पहचान करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम विशेष पुनरीक्षण के दौरान सूची से छूट गया हो तो उससे प्रपत्र-6 भरवाकर नाम शामिल करने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मतदाता अनावश्यक रूप से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के अधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, ओसी हिमांशु कफलटिया और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र सिंह अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े।
स्कूल में बच्चों को बताया गया सुरक्षित बचपन का पाठ
इधर, रुद्रपुर के गंगापुर रोड स्थित पाथ सीकर इंटरनेशनल स्कूल में बुधवार को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान का हिस्सा था।
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी ने छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, यौन अपराधों से बचाव और पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित विभाग को तत्काल जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच अंतर समझाने के साथ ही अपने शरीर की सुरक्षा, व्यक्तिगत सीमाओं और किसी अनुचित व्यवहार की स्थिति में मदद मांगने के महत्व के बारे में बताया गया।
तीन हेल्पलाइन नंबर, मुश्किल समय में बन सकते हैं मददगार
जागरूकता अभियान में बच्चों को सहायता के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098: संकट में फंसे बच्चों की सहायता और संरक्षण के लिए।
पुलिस हेल्पलाइन 112: आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए।
बच्चों को समझाया गया कि किसी भी परेशानी या असुरक्षित स्थिति में भरोसेमंद वयस्क की मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। समय रहते शिकायत और सूचना देने से बच्चों को सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
अभियान का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना और बाल संरक्षण सेवाओं की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, समस्त विद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
प्रशासन के सामने तीन अहम जिम्मेदारियां
28 अक्टूबर को हुई इन गतिविधियों में प्रशासन के सामने तीन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिखाई दीं—आगामी विधानसभा चुनाव के लिए शुद्ध मतदाता सूची और सुविधायुक्त मतदान केंद्र तैयार करना, किसानों की फसल उत्पादकता का वास्तविक आकलन करना तथा बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना।
चुनाव की तैयारियों में पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल रखना जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक है कि मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी तरह क्रॉप कटिंग के आंकड़े किसानों और फसल बीमा संबंधी व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी जागरूकता बच्चों को अपने अधिकार पहचानने में मदद करती है।
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