मुर्गे के खून से प्रेमपत्र लिखकर युवतियों को फंसाता था डॉ. रमीज, निजी वीडियो से ब्लैकमेल कर तुड़वाए चार रिश्ते



केजीएमयू मतांतरण और यौन शोषण प्रकरण में चौंकाने वाले खुलासे, मंगेतरों को वीडियो भेजकर युवतियों पर लौटने का बनाता था दबाव

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर


लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से जुड़े मतांतरण और यौन शोषण के मामले में आरोपित डॉ. रमीज उर्फ रमीजुद्दीन की कथित करतूतों को लेकर पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। आरोप है कि वह युवतियों को भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसाने के लिए बेहद शातिर तरीके अपनाता था। यहां तक कि वह मुर्गे के खून से प्रेमपत्र लिखकर भेजता था, जिसे युवतियां उसका अपना खून समझकर प्रभावित हो जाती थीं।
दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस पूछताछ के दौरान रमीज ने स्वीकार किया था कि उसने एक युवती को प्रभावित करने के लिए मुर्गे के खून से प्रेमपत्र लिखा था। आरोप है कि वह पहले युवतियों से नजदीकियां बढ़ाता, फिर शारीरिक संबंध बनाकर उनके निजी वीडियो तैयार कर लेता था। बाद में इन्हीं वीडियो का इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए करता था।
मंगेतरों को वीडियो भेजकर तुड़वाता था रिश्ते
पुलिस पूछताछ में सामने आए आरोपों के अनुसार, जब किसी युवती का विवाह तय होता तो रमीज उसके मंगेतर को निजी वीडियो भेज देता था। इससे रिश्ते टूट जाते और युवतियों पर दोबारा उसके पास लौटने का दबाव बनता। रिपोर्ट के अनुसार, एक युवती के करीब चार रिश्ते इसी तरीके से तुड़वाने का आरोप है। निजी वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर भी वह युवतियों को मानसिक दबाव में रखता था।
पढ़ाई छुड़वाने और परिवार से अलग करने का आरोप
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2023 में रमीज ने केजीएमयू में एमडी पैथोलॉजी में दाखिला लिया था, जबकि संबंधित युवती ने आगरा के एक कॉलेज में प्रवेश लिया था। आरोप है कि रमीज नहीं चाहता था कि युवती अपनी पढ़ाई जारी रखे। उसे लखनऊ बुलाकर अपने फ्लैट के नजदीक कमरा दिलाया गया और परिवार के साथ रहने के लिए दबाव बनाया गया। पढ़ाई छोड़ने का दबाव बनाने तथा मारपीट करने के आरोप भी सामने आए हैं।
एमबीबीएस के दौरान हुई थी पहली मुलाकात
पुलिस पूछताछ में रमीज ने बताया कि वर्ष 2012 में आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान उसकी एक युवती से मुलाकात हुई थी। आरोप है कि डांस प्रैक्टिस के बहाने युवती को कमरे पर बुलाकर शराब पिलाई गई और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। बाद में शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गए तथा वीडियो भी बनाया गया। युवती को उसके परिवार से अलग करने के लिए उसके बैग में बीयर की बोतल और गर्भ निरोधक सामग्री रखने जैसी हरकतें करने का भी आरोप है।
मेडिकल कॉलेजों में तीन स्तरीय शिकायत व्यवस्था लागू
केजीएमयू प्रकरण के बाद उत्तर प्रदेश के राजकीय और स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों की शिकायतों के निस्तारण के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग की महानिदेशक नेहा शर्मा ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और संस्थानों के निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में छात्र कल्याण अधिकारी नामित किया जाएगा। शैक्षणिक परिसर में शिकायत पेटिका स्थापित होगी, जिसकी निगरानी प्राचार्य अथवा निदेशक करेंगे। विद्यार्थी पढ़ाई, छात्रावास, सुरक्षा, उत्पीड़न, भेदभाव और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
मेडिकल संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों की निष्पक्ष सुनवाई को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण में कितनी प्रभावी साबित होती है।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट, उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर