रुद्रपुर काशीपुर। उत्तराखंड में शुक्रवार का दिन कई गंभीर घटनाक्रमों और राजनीतिक बयानों के नाम रहा। काशीपुर में पुलिस और स्वास्थ्य व्यवस्था की कथित लापरवाही के चलते 18 वर्षीय कांति झा के शव को पोस्टमार्टम के लिए दो बार हल्द्वानी और काशीपुर के बीच करीब 170 किलोमीटर का सफर करना पड़ा। दूसरी ओर प्रदेश में मानसून के सक्रिय रहने से कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास सुरक्षा दीवार टूटने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसी बीच भाजपा ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर 200 से अधिक लोगों को जेल भेजे जाने का दावा किया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
कांति के शव को 170 किमी का सफर
काशीपुर निवासी 18 वर्षीय कांति झा का खून से लथपथ शव गुरुवार सुबह रामनगर हाईवे के किनारे मिला था। सिर पर गोली लगने की आशंका के चलते पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया और गुरुवार शाम शव को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम की तैयारी थी, लेकिन डॉक्टरों ने मेमो और अन्य दस्तावेजों में कमी बताते हुए प्रक्रिया आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। मृतका के स्वजन ने जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। इसके बावजूद कागजी प्रक्रिया पूरी होने तक शव का पोस्टमार्टम टल गया।
दोपहर करीब 12 बजे शव को दोबारा काशीपुर उप जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस टीम के साथ कांति की बड़ी बहन शांति भी शव लेकर काशीपुर पहुंचीं। वहां जरूरी कागज तैयार किए गए और शाम करीब चार बजे शव फिर हल्द्वानी के लिए रवाना किया गया। आखिरकार शाम करीब 6:30 बजे पोस्टमार्टम हो सका। रिपोर्ट का इंतजार है।
इस पूरी प्रक्रिया में मृतका के स्वजन को मानसिक पीड़ा के साथ लंबी दौड़भाग करनी पड़ी। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब पुलिस को पैनल से पोस्टमार्टम कराना था तो आवश्यक दस्तावेजों की जांच शव को हल्द्वानी भेजने से पहले क्यों पूरी नहीं की गई।
रात 11 बजे हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद कांति का शव देर रात काशीपुर पहुंचा। रात करीब 11 बजे ढेला नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पिता बच्ची झा ने मुखाग्नि दी। मां बिंदुल झा, बड़ी बहन शांति सहित अन्य स्वजन अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
प्रदेश में मानसून का प्रकोप जारी
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और पौड़ी गढ़वाल समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
प्रदेश के सभी 13 जिलों में आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश के तीव्र दौर को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में संपर्क मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हो रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क बाजारों और जिला मुख्यालयों से बाधित होने की स्थिति बन रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 से 27 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, बरसाती गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
पानीवाला बैंड पर दीवार टूटी, भारी वाहनों पर रोक
देहरादून-मसूरी मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास सड़क की सुरक्षा दीवार का बड़ा हिस्सा बारिश के कारण ढह गया। मार्ग की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने दून-मसूरी मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी है।
बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और सड़क क्षति की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था के साथ यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ गई है।
SIR पर भाजपा का कांग्रेस पर हमला
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं एसआईआर प्रदेश प्रभारी तरुण बंसल ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिहीन बनाना है। उनके मुताबिक उत्तराखंड में यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है और पूर्व में कांग्रेस शासनकाल में भी ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई थी।
बंसल ने कहा कि प्री-एसआईआर के बाद मतदाताओं की मैपिंग की गई। जिन मामलों में असंगति या मानवीय त्रुटि सामने आई, उनमें नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी विधानसभा क्षेत्र में 30 से 40 हजार नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि इतने मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
उनके अनुसार करीब 8.33 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है। इनमें मृतक, स्थानांतरित और एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने वाले मतदाता शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस प्राप्त लोगों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस के उन आरोपों को भी खारिज किया कि एसआईआर का प्रभाव उसके मजबूत बूथों पर अधिक पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के बूथ और पन्ना स्तर तक कार्यकर्ता सक्रिय हैं और पार्टी का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र मतदाता का मताधिकार सुरक्षित रहे।
बंसल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमजोरी का ठीकरा चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर फोड़ रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा उत्तराखंड की संस्कृति और जनसांख्यिकीय स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
भ्रष्टाचार पर धामी सरकार का बड़ा दावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि सरकार की लगातार कार्रवाई से प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत आधार मिला है।
सीएम धामी के अनुसार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत 200 से अधिक भ्रष्ट लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति के पद या स्तर को देखकर कार्रवाई में अंतर नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार का उद्देश्य प्रशासन में ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां आम नागरिक को सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का अनुभव हो।
1064 हेल्पलाइन को बताया जनता का हथियार
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में 1064 हेल्पलाइन को सरकार महत्वपूर्ण माध्यम बता रही है। मुख्यमंत्री ने जनता से भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें इस व्यवस्था के माध्यम से विजिलेंस तक पहुंचाने की अपील की है।
सरकार की ओर से पहले भी 1064 हेल्पलाइन की समीक्षा की जाती रही है। मार्च 2025 में हुई समीक्षा के दौरान सरकार ने बताया था कि पिछले तीन वर्षों में 66 लोगों को ट्रैप किया गया और 72 भ्रष्टाचारियों को हिरासत में लिया गया था। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने, विभागों में नोडल अधिकारियों की व्यवस्था और विजिलेंस को विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया था।
जनवरी 2026 में हरिद्वार में जिला पूर्ति अधिकारी और एक सहायक की रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी भी भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई के रूप में सामने आई थी।
चार मुद्दे, एक दिन और कई सवाल
काशीपुर में एक मृतका के शव को कागजी कमी के कारण बार-बार ले जाने की घटना ने सरकारी व्यवस्थाओं की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश में मौसम की चुनौती ने प्रशासन और आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। एसआईआर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संघर्ष तेज है, वहीं मुख्यमंत्री धामी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई को उपलब्धि के रूप में पेश कर रहे हैं।
एक तरफ सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन का दावा कर रही है, दूसरी तरफ कांति के शव के पोस्टमार्टम से जुड़ी घटना जैसी व्यवस्थागत चूकें प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। अब जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए विभागों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि किसी परिवार को अपने प्रियजन के शव के साथ इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
