शहीदों के बलिदान को किया नमन, वीरता और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने का आह्वान
रुद्रपुर, 26 जुलाई। 27वें कारगिल विजय दिवस को रविवार को रुद्रपुर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित प्रशासनिक अधिकारियों, पूर्व सैनिकों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जनपद के वीर सपूत हवलदार पदम राम और राइफलमैन अमित नेगी के चित्रों पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कारगिल युद्ध में घायल हुए पूर्व सैनिक मान सिंह मेहता को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के त्याग और बलिदान के कारण ही देशवासी सुरक्षित जीवन जी रहे हैं तथा युवाओं को शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा और अनुशासन को अपनाना चाहिए।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल के.डी. सिंह ने कारगिल युद्ध के अनुभव साझा करते हुए भारतीय सेना, वायुसेना और सुरक्षा बलों के अद्वितीय समन्वय, साहस और बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सैनिक का जीवन केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च संकल्प होता है।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
कारगिल विजय दिवस पर विधायक शिव अरोरा ने वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन स्थित अमर जवान विजय स्मारक में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा ने वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त कर तिरंगे की आन, बान और शान को अक्षुण्ण रखा। उनका सर्वोच्च बलिदान देश कभी भुला नहीं सकता।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम, त्याग और समर्पण का गौरवशाली प्रतीक है। अत्यंत विषम परिस्थितियों और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में भारतीय जवानों ने अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन कर देश की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता के सबसे बड़े प्रहरी हैं।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे वीर सैनिकों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करें तथा सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। विधायक ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अमर शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखे और “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सी.पी. कोठारी ने कारगिल युद्ध के इतिहास और विजय की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1999 के युद्ध में देश के 527 सैनिक शहीद हुए, जिनमें उत्तराखंड के 75 और ऊधमसिंह नगर के दो वीर जवान शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित निबंध, भाषण, चित्रकला, देशभक्ति कविता एवं क्रॉस कंट्री प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
