Hindustan Global Times अवतार सिंह बिष्ट, journalist from Uttarakhand,

रुद्रपुर उधम सिंह नगर,उत्तराखंड में पीएनबी घोटाले के बाद अब चावल घोटाले का मामला सामने आया है। ऊधमसिंह नगर जिले के लिए 2015 से 2017 के बीच खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करने में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।

<mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-red-color">Hindustan Global Times अवतार सिंह बिष्ट, journalist from Uttarakhand,</mark>

इस घोटाले को लेकर अब उत्तराखंड हाईकोर्ट भी सख्त हो गई है।

हाई कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले के लिए 2015 से 2017 के बीच खाद्य विभाग की ओर से चावल क्रय करने में कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये का घोटाला करने की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका करते हुए राज्य सरकार, खाद्य सचिव, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर , एसपी रुद्रपुर सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई हेतु सात नवंबर की तिथि नियत की है।

हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में बागेश्वर के गरुड़ निवासी गोपाल वनवासी की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2020 में कई दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से घोटाला जनता के सामने लाया गया था। उन्होंने इसकी सूचना खाद्य विभाग से मांगी लेकिन विभाग ने उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सूचना उपलब्ध नहीं कराई।

विभागों से मांगी गई थी सूचना

सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर प्रथम अपील विभागीय सूचना अधिकारी के समक्ष की, वहां से भी कोई जवाब न मिलने पर द्वितीय सूचना अपील अधिकारी राज्य सूचना आयोग में की। राज्य सूचना आयोग ने अपील को निस्तारित करते हुए राज्य सरकार व खाद्य विभाग को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद।

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सरकार ने नहीं की कार्रवाई

सूचना प्राप्त होने के बाद उनकी शिकायत पर वर्ष 2020 में एसआईटी ने मामले की जांच की, जिस में घोटाले की पुष्टि हुई, लेकिन सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की ।