खबर का असर: भूमाफियाओं पर चला बुलडोजर, पत्रकार दीपक अधिकारी हमले के बाद प्रशासन एक्शन मोड में?हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स का असर: पत्रकार पर हमले के बाद सीएम धामी ने चलवाया बुलडोज़र

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(विशेष रिपोर्ट — अवतार सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, उत्तराखंड / राज्य आंदोलनकारी)

हल्द्वानी रुद्रपुर/ पत्रकार दीपक अधिकारी पर हुए जानलेवा हमले की गूंज अब पूरे उत्तराखंड में सुनाई दे रही है। Hindustan Global Times में प्रकाशित संपादकीय “अब खतरे में कलम – उत्तराखंड में भूमाफिया के साए तले पत्रकारिता” का असर महज तीन घंटे तीस मिनट के भीतर दिख गया। नैनीताल हल्द्वानी प्रशासन ने अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाकर यह संदेश दिया कि अब अपराध और अतिक्रमण पर प्रशासनिक कठोरता बरती जाएगी।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स का असर: पत्रकार पर हमले के बाद सीएम धामी ने चलवाया बुलडोज़र,हल्द्वानी में पत्रकार दीपक अधिकारी पर हुए कातिलाना हमले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। लेकिन राहत की बात यह रही कि इस बार सरकार ने तत्काल कार्रवाई कर मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की खबर  वायरल होते ही निर्देश दिए, और अगले ही पल सुबह आरोपी बिल्डर के अवैध निर्माण पर बुलडोज़र चल गया। यह वही भवन था जो सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर बनाया गया था।

पत्रकार दीपक अधिकारी ऊंचापुल क्षेत्र में अतिक्रमण की कवरेज कर रहे थे, तभी बिल्डर और उसके गुर्गों ने उन पर धारदार हथियारों और लात-घूसों से हमला कर दिया, फिर उन्हें 20 फीट गहरे नाले में फेंक दिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस निर्मम हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद न सिर्फ पत्रकार संगठनों में आक्रोश फैला बल्कि हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स सहित तमाम मीडिया संस्थानों की मुहिम ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।

बुधवार सुबह साढ़े दस बजे विकास प्राधिकरण की टीम पुलिस फोर्स के साथ पहुंची और नाले पर बने अवैध ढांचे को ध्वस्त कर दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि सरकारी जमीन पर बने इस निर्माण का नक्शा आखिर प्राधिकरण ने कैसे पास किया? अब जेई और आर्किटेक्ट की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

मुख्यमंत्री धामी की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सरकार पत्रकारों पर हमले को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की आवाज ने असर दिखाया है — इस बार सच के साथ बुलडोज़र भी चला है।

यह वही स्थान था जहां पत्रकार दीपक अधिकारी ने भूमाफिया के अवैध कब्जे और निर्माण को कैमरे में कैद करने की कोशिश की थी। इसी कवरेज के दौरान उन पर हमला हुआ, और उन्हें गंभीर चोटें आईं। लेकिन पत्रकार की कलम और जनता की आवाज़ इतनी प्रबल थी कि यह खबर सरकार और पुलिस तक बिजली की तरह पहुँची।

तीन घंटे तीस मिनट में एक्शन:
Hindustan Global Times पर प्रकाशित रिपोर्ट को सोशल मीडिया पर पत्रकारों और नागरिकों ने जबरदस्त रूप से साझा किया — एक साथ करीब 70 से अधिक पोस्ट वायरल हुईं। यह जनदबाव प्रशासन के लिए निर्णायक साबित हुआ।
महज कुछ ही घंटों में पुलिस और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुँची, और जिस अवैध बिल्डिंग पर पत्रकार कवरेज कर रहे थे, उस पर बुलडोजर चला दिया गया।

पत्रकार एकजुट, सरकार पर बढ़ा दबाव:
श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, उत्तराखंड ने इस घटना को “लोकतंत्र पर हमला” करार देते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। प्रदेशभर के पत्रकारों ने दीपक अधिकारी के समर्थन में मोर्चा खोल दिया। यह एकजुटता न केवल एक घायल पत्रकार की आवाज़ बनी, बल्कि उत्तराखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून की आवश्यकता को भी उजागर कर गई।

पुलिस एक्शन मोड पर:
नैनीताल पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, एसएसपी नैनीताल के निर्देश पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं रुद्रपुर किच्छा और हल्द्वानी क्षेत्र में भूमाफिया पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।

पत्रकारिता की जीत – जनता की जागरूकता का परिणाम:
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि जब पत्रकारिता ईमानदारी से की जाती है और समाज एकजुट होकर उसका साथ देता है, तो असत्य और भ्रष्टाचार की दीवारें गिरती ही हैं।
दीपक अधिकारी भले ही अस्पताल में हैं, लेकिन उनकी कलम ने वह कर दिखाया जो कई बड़े मंच नहीं कर पाए — सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।

राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया:
रुद्रपुर, उत्तराखंड रुद्रपुर किच्छा खटीमा और हल्द्वानी के राज्य आंदोलनकारियों ने इसे “सच्चाई की ऐतिहासिक जीत” बताया है। उनका कहना है कि अगर मीडिया इसी प्रकार जनता के पक्ष में डटा रहा, तो उत्तराखंड फिर से अपने मूल उद्देश्य — ईमानदार शासन और न्यायपूर्ण समाज — की ओर लौट सकता है।


अब पत्रकारिता केवल खबर नहीं, असर भी बन चुकी है।
भूमाफिया और अपराधी गिरोहों को यह समझ लेना चाहिए कि अब कलम डरती नहीं — लड़ती है।


– अवतार सिंह बिष्ट
प्रदेश प्रवक्ता, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, उत्तराखंड
राज्य आंदोलनकारी / रुद्रपुर



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