उत्तराखंड हल्द्वानी,ऋषिकेश। देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक परिवार की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया है। छह बच्चों की मां 40 वर्षीय विनीता देवी के अचानक लापता होने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पति विनोद बिष्ट का आरोप है कि विनीता 22 वर्षीय युवक के साथ चली गई है। युवक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला बताया गया है। पति ने पत्नी को बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
जानकारी के अनुसार मूल रूप से रुद्रप्रयाग के कौटा गांव निवासी विनोद बिष्ट और विनीता देवी की शादी करीब 20 वर्ष पहले हुई थी। दंपती पिछले लगभग 15 वर्षों से ऋषिकेश में किराये के मकान में रह रहा था। उनके छह बच्चे हैं, जिनमें पांच बेटियां और सबसे छोटा बेटा शामिल है। परिवार के मुताबिक विनीता घरेलू महिला थी और आमतौर पर घर से अकेले बहुत कम बाहर निकलती थी। ऐसे में 14 जुलाई की शाम उसके अचानक लापता होने से परिवार के लोग परेशान हो गए।
पति विनोद का कहना है कि विनीता बच्चों से बेहद जुड़ी हुई थी और परिवार को छोड़कर जाने की बात परिवार की समझ से परे है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इसी दौरान परिवार को 22 वर्षीय विनीत कुमार नाम के युवक के संबंध में जानकारी मिली। बताया गया कि युवक बिजनौर का रहने वाला है और ऋषिकेश में किराये पर रहता था। परिवार का दावा है कि विनीता की युवक से बीमारी के दौरान मुलाकात हुई थी और इसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया।
परिवार के अनुसार पिछले कुछ समय से विनीता की तबीयत खराब चल रही थी। इलाज पर करीब 85 हजार रुपये खर्च होने की बात भी सामने आई है। स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार के बाद परिवार ने दूसरे स्तर पर भी मदद लेने का प्रयास किया। इसी दौरान युवक से उसकी बातचीत और परिचय बढ़ने की बात परिवार ने बताई है।
पति विनोद ने यह भी आरोप लगाया है कि विनीता घर से जाते समय करीब तीन लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण और लगभग 35 हजार रुपये नकद साथ ले गई। इनमें हार, झुमके तथा पति और बेटे की चेन शामिल होने का दावा किया गया है। पति ने पुलिस से महिला की तलाश कराने के साथ ही युवक की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
विनोद ने आशंका जताई है कि मामला केवल पारिवारिक विवाद तक सीमित हो सकता है अथवा इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी हो सकती है। उन्होंने पुलिस से सभी पहलुओं की जांच की मांग की है। फिलहाल महिला के लापता होने और उसके युवक के साथ जाने से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
करीब दो दशक से साथ रह रहे परिवार के अचानक बिखरने से छह बच्चों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। परिवार के लोग महिला की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस द्वारा महिला की तलाश और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वह अपनी इच्छा से गई अथवा उसे किसी प्रकार के दबाव या बहकावे में ले जाया गया।
गोरापड़ाव डकैती का पर्दाफाश: जुए में लाखों हारने के बाद रची साजिश, 50 पुलिसकर्मियों की टीम ने दो आरोपित दबोचे
हल्द्वानी। गोरापड़ाव में कार शोरूम के पीछे बने कार्यालय में हथियारों के बल पर हुई लाखों रुपये की डकैती का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के मुताबिक वारदात की साजिश किच्छा निवासी यश सिडाना ने रची थी। बताया गया कि यश जुए में लाखों रुपये हारने के बाद आर्थिक तंगी में फंस गया था और हार की रकम की भरपाई के लिए उसने साथियों के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई।
शुक्रवार को एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने कोतवाली स्थित सभागार में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार को करीब 10 से 12 हथियारबंद बदमाश बरेली रोड स्थित एक कार शोरूम के पीछे बने कार्यालय में पहुंचे थे। यहां जुआ चल रहा था। आरोपितों ने हथियारों के बल पर वहां मौजूद लोगों को धमकाया और करीब आठ लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन और एक अंगूठी लूट ली।
वारदात को अंजाम देने के लिए तीन वाहनों का इस्तेमाल किए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम गठित की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से संदिग्धों की पहचान शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने 25 वर्षीय वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू निवासी विथा अकबर, सितारगंज और 28 वर्षीय रखवीर सिंह निवासी ईश्वरपुर, थाना शीशगढ़, बरेली को गुरुवार रात पूरनपुर, पीलीभीत से गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से 66 हजार रुपये, 315 बोर का तमंचा और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार यश सिडाना ने वंशप्रीत और रखवीर को बताया था कि वह गोरापड़ाव में जुए के दौरान लाखों रुपये गंवा चुका है। उसने अपनी मां की तबीयत खराब होने की बात भी साथियों को बताई थी। इसके बाद आरोपितों ने डकैती के जरिए रकम जुटाने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि लूटी गई रकम से यश के जुए में हारे पैसे की भरपाई करने और बची रकम को आपस में बांटने की योजना थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि डकैती के बाद आरोपितों ने डिजिटल साक्ष्यों से बचने के उद्देश्य से लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में फेंक दिए थे। हालांकि सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि गोरापड़ाव में चल रहे जुए के अड्डे पर हल्द्वानी के कुछ कारोबारी भी पहुंचते थे। बड़े स्तर पर जुआ खेले जाने के कारण आरोपितों को वहां बड़ी रकम मिलने की उम्मीद थी। इसी अनुमान के आधार पर कार्यालय को निशाना बनाने की योजना तैयार की गई।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार रखवीर सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से पांच प्राथमिकी दर्ज हैं। इनमें गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास, मारपीट, आगजनी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं। वहीं वंशप्रीत के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
डकैती की घटना के बाद पुलिस ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी और लूटी गई पूरी रकम तथा अन्य सामान की बरामदगी के लिए टीमें काम कर रही हैं।
एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने मामले के खुलासे में शामिल पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे, हथियार और वाहन कहां से उपलब्ध कराए गए तथा लूट की रकम का कितना हिस्सा आरोपितों तक पहुंचा।
गोरापड़ाव डकैती के खुलासे के साथ जुए के अड्डे और वहां आने वाले लोगों को लेकर भी पुलिस जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई से इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।
