ऐसे में नशा तस्कर या फैक्ट्री पकड़वाने में मदद पर सरकार 30 हजार से ढाई लाख रुपये तक का इनाम देगी। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तराखंड में जीओ
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि नशे की रोकथाम के लिए मुखबिरों से मिलने वाले इनपुट पर लगातार छापेमारी और बरामदगी की जा रही है। नशीले पदार्थों की बरामदगी के लिए भारत सरकार की इनाम योजना को देखते हुए अब उत्तराखंड सरकार ने भी शासनादेश जारी किया है।
दून से पिथौरागढ़ तक पकड़ी गईं फैक्ट्रियां
राज्य में हाल में एसटीएफ और पुलिस ने कई जगह नशे की बड़ी खेप के साथ अवैध फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। पिथौरागढ़ में नशे की सामग्री की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। वहां की तेज गंध के कारण स्थानीय लोग इसे मुर्गी केंद्र समझते थे। रुड़की, भगवानपुर, सेलाकुई व कोटद्वार में भी ऐसी फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं।
ऐसे करें संदिग्ध ठिकानों की पहचान
एसटीएफ ने नशे के मामले में आम लोगों से सतर्कता की अपील की है। किसी घर, गोदाम या किसी स्थान पर रसायनों की तेज या असामान्य गंध, देर रात संदिग्ध लोगों की आवाजाही, बार-बार अज्ञात वाहनों या डिलीवरी का पहुंचना, खिड़कियों का हमेशा बंद रहना या कोई भी असामान्य गतिविधियां दिखाई दें तो पुलिस या एसटीएफ को सूचना देने को कहा गया है।
किस पर कितना इनाम (रुपये में)
कोकीन- 2.40 लाख प्रति किग्रा
हेरोइन -1.20 लाख प्रति किग्रा
मॉर्फीन बेस -20 हजार प्रति किग्रा
अफीम -6 हजार प्रति किग्रा
चरस -10 हजार प्रति किग्रा
गांजा -600 प्रति किग्रा
एम्फैटेमिन -20 हजार प्रति किग्रा
इन नंबरों पर दें सूचना
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा कि आपकी सतर्कता युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। नशे का जाल तोड़ने में सहयोग करें। इसके लिए दो नंबर जारी हुए हैं। एसटीएफ- 01352656202, मोबाइल नंबर- 9412029536
