उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अगले 24 घंटों के दौरान मैदानी और पर्वतीय दोनों क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
उधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में मध्यम से भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी तथा देवल क्षेत्र में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, लोहाघाट और बागेश्वर में भी रुक-रुक कर वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने देहरादून, पौड़ी, चमोली, बागेश्वर सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी बारिश के कारण फिसलन और मलबा आने की आशंका बनी हुई है। कुल मिलाकर पूरे उत्तराखंड में बादल छाए रहेंगे, अधिकांश जिलों में वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा और तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है।
इसका सबसे बुरा असर शिवसागर, चराइदेव और नज़ीरा इलाकों में पड़ा है। हज़ारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई गांवों में घरों के अंदर पांच फीट तक गाद (मिट्टी-कीचड़) जमा हो गई है, जिससे लोगों का अपने घरों में रहना मुश्किल हो गया है।
कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। खेती की ज़मीन, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, और लोगों का राशन, कपड़े और घरेलू सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। कई गांवों तक सड़क मार्ग से पहुंचना असंभव हो गया है, जिससे नाव ही परिवहन का एकमात्र ज़रिया रह गई है। हज़ारों लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं भोजन, साफ़ पीने का पानी और राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही हैं।
**उत्तराखंड में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट**
*लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड में गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल ज़िलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन ज़िलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि बाकी ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने सभी ज़िलों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को ज़ोर-शोर से जारी रखने का निर्देश दिया है।
**टिहरी में नदियां उफान पर; स्कूल बंद**
टिहरी ज़िले में मूसलाधार बारिश के कारण भिलंगना, बालगंगा, नैलचामी और भागीरथी समेत कई नदियां उफान पर हैं। लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और कई इलाकों में लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए, घनसाली के उप-ज़िला मजिस्ट्रेट ने सभी स्कूलों (कक्षा 1 से 12) और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। ज़िला प्रशासन लगातार स्थिति पर नज़र रखे हुए है।
**हिमाचल में 108 सड़कें बंद; अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा**
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का असर जारी है। मौसम विभाग ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक कई ज़िलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन ज़िलों के लिए अचानक बाढ़ (flash flood) की चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य भर में 108 सड़कें बंद हैं, जबकि 38 पेयजल योजनाएं और नौ बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। सबसे ज़्यादा सड़कें मंडी और कुल्लू ज़िलों में बंद हैं।
**1 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना**
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 1 अगस्त तक मॉनसून सक्रिय रहेगा, जिससे कई इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदियों, नहरों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहें और मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण असम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। असम में लाखों लोग अभी भी राहत और पुनर्वास का इंतज़ार कर रहे हैं, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल में प्रशासन संभावित आपदाओं से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर है। आने वाले दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और बहुत सावधानी बरतने की अपील की है।🌥 मौसम अपडेट
