राम सिंह रावत: उत्तराखंड पुलिस का गौरव, जनता की आशा
पुलिस प्रशासन किसी भी समाज की रीढ़ होता है। एक अनुशासित, ईमानदार और कर्मठ पुलिस अधिकारी न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में योगदान देता है, बल्कि समाज को भी जागरूक करता है। उत्तराखंड पुलिस के ऐसे ही एक समर्पित अधिकारी हैं राम सिंह रावत, जिन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, कार्यकुशलता और अदम्य साहस से पुलिस विभाग का नाम रोशन किया है।
शुरुआती सफर और उत्कृष्ट कार्यशैली
राम सिंह रावत वर्तमान में एडिशनल SI, टीपी ट्रैफिक के रूप में कार्यरत हैं। ट्रैफिक नियमों के उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए उनकी पहचान पूरे राज्य में है। किच्छा थाना क्षेत्र में वे न केवल सुचारू रूप से यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं, बल्कि आम जनता को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देकर जागरूक भी कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली का लाभ पूरे किच्छा क्षेत्र को मिल रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है और यातायात पहले से अधिक व्यवस्थित हुआ है।
सम्मान और उपलब्धियां
राम सिंह रावत की उत्कृष्ट सेवाओं को उत्तराखंड पुलिस एवं प्रशासन ने कई बार सराहा और पुरस्कृत किया।
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डीजी उत्तराखंड प्रशस्ति पत्र – तत्कालीन डीजीपी बीरेंद्र सिंह सिद्धू द्वारा उन्हें यह सम्मान दिया गया था।
- डकैती का 18 घंटे में अनावरण – 06 सितंबर 2014 की रात खटीमा नगर में हुई डकैती की गुत्थी को महज 18 घंटे के भीतर सुलझाकर उन्होंने अपनी कुशलता का परिचय दिया। इस कार्य के लिए उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ऊधम सिंह नगर, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कुमाऊँ परिक्षेत्र और उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा सराहना मिली।
- स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी स्मृति उत्तराखंड गौरव सम्मान (2025-26) – उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद द्वारा उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा की गई है।


