रुद्रपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को रुद्रपुर के गांधी पार्क में कांग्रेसजनों ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा तथा लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस मेयर प्रत्याशी रुद्रपुर मोहनलाल खेड़ा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के रुद्रपुर अध्यक्ष संजय जुनेजा तथा नगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रसेवा के विचारों को याद किया। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
गांधी का सत्य और अहिंसा आज भी प्रासंगिक : मोहनलाल खेड़ा
पूर्व कांग्रेस मेयर प्रत्याशी मोहनलाल खेड़ा ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने पूरी दुनिया को सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने अपने जीवन में जो सिद्धांत अपनाए, उनमें सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, भाईचारा और समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति संवेदना प्रमुख थी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
खेड़ा ने कहा कि गांधीजी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि बड़े से बड़ा परिवर्तन भी अहिंसा और लोकतांत्रिक तरीके से किया जा सकता है। आज जब समाज विभिन्न प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है, ऐसे समय में गांधीजी के विचार और अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी को केवल उनकी जयंती पर याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके विचारों को व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना। स्वच्छ भारत केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ विचार, स्वच्छ आचरण और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार भी इसका हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि गांधीजी के स्वच्छता संबंधी विचार आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं।
शास्त्रीजी की सादगी और ईमानदारी को किया याद
मोहनलाल खेड़ा ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शास्त्रीजी भारतीय राजनीति में सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक रहे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया और देशवासियों में आत्मविश्वास पैदा किया।
उन्होंने कहा कि शास्त्रीजी द्वारा दिया गया ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा भारत की आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण में सैनिकों तथा किसानों के महत्व को रेखांकित करता है। देश की सुरक्षा में जवानों की भूमिका जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण देश के अन्नदाता किसानों की भूमिका है।
खेड़ा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। दोनों नेताओं ने अपने जीवन में पद से अधिक राष्ट्रहित को महत्व दिया। उनका जीवन बताता है कि सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी और जनसेवा को सर्वोच्च स्थान दिया जाना चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा में गूंजे राष्ट्रसेवा के संदेश
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेसजनों ने दोनों महान विभूतियों के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। उपस्थित नेताओं ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक देश के अनेक महान नेताओं ने अपना जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित किया। गांधीजी ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन से जोड़ा, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने स्वतंत्र भारत के कठिन दौर में देश का नेतृत्व किया।
संजय जुनेजा ने कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी के विचार किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे देश की साझा विरासत हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया जाए।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी ने भी दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी का जीवन त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर देशहित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों ने दोनों महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा तथा लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
रुद्रपुर से अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स
