रुद्रपुर, 2 अक्टूबर। उत्तराखंड जाट महासभा रुद्रपुर एवं युवा जाट महासभा के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को डीडी चौक के समीप बस स्टैंड के सामने विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में जाट समाज के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, यात्रियों और राहगीरों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान सेवा, सहयोग और सामाजिक भाईचारे की भावना दिखाई दी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
भंडारे की व्यवस्था सुबह से ही शुरू कर दी गई थी। आयोजन स्थल पर समाज के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता व्यवस्थाओं में जुटे रहे। भोजन तैयार करने से लेकर प्रसाद वितरण और आने वाले लोगों को बैठाकर भोजन कराने तक समाज के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। बस स्टैंड के सामने आयोजित होने के कारण रुद्रपुर के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी भंडारे का लाभ मिला।
उत्तराखंड जाट महासभा के अध्यक्ष चौधरी योगेंद्र सिंह सहरावत ने कहा कि समाज के लिए सेवा कार्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों, यात्रियों और आम लोगों को भोजन कराना समाज की सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का एक माध्यम है।
महासभा के सचिव हरजीत राठी ने कहा कि सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी है कि वे समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें, जिनसे समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना मजबूत हो। उन्होंने कहा कि भंडारे में समाज के लोगों ने जिस उत्साह के साथ जिम्मेदारी संभाली, वह संगठन की एकजुटता को दर्शाता है।
कोषाध्यक्ष सचिन देशवाल ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भंडारे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान के साथ भोजन कराया गया। आयोजन में युवा जाट महासभा के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की और विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रवीण तोमर, चौधरी प्रदीप सांगवान, चौधरी यशवीर राठी काशीपुर, चौधरी वेदपाल सिंह काशीपुर, अजीत, चौधरी कृष्ण पाल राठी, चौधरी महाराज सिंह, सुधीर डागर, उदयवीर, चौधरी आशीष पुनिया, चंद्रवीर सिंह राठी, सुमित चौधरी, दुष्यंत चौधरी, अमरिंदर डागर, चौधरी रणधीर सिंह मलिक, विनीत चौधरी सहित जाट समाज के अनेक पदाधिकारी, सदस्य और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भंडारे के दौरान डीडी चौक और बस स्टैंड क्षेत्र से गुजरने वाले लोगों ने भी रुककर प्रसाद ग्रहण किया। यात्रियों के लिए आयोजन विशेष रूप से सुविधाजनक रहा, क्योंकि बस स्टैंड के सामने होने के कारण विभिन्न मार्गों पर जाने वाले लोगों को यहां भोजन उपलब्ध हुआ। आयोजकों और कार्यकर्ताओं ने आने वाले लोगों को भोजन परोसा तथा आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया।
जाट महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की एकता केवल बैठकों और संगठनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सेवा कार्यों के माध्यम से उसका सामाजिक स्वरूप भी सामने आना चाहिए। भंडारे जैसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में समाज के वरिष्ठ लोगों के साथ युवाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे युवा पीढ़ी में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा की भावना विकसित होती है।
आयोजकों के अनुसार भविष्य में भी उत्तराखंड जाट महासभा और युवा जाट महासभा की ओर से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महासभा का प्रयास रहेगा कि समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ने के साथ जरूरतमंदों और आम लोगों की सेवा के कार्यों को भी निरंतर आगे बढ़ाया जाए।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए ऐसे भंडारे से समाज के लोगों के साथ-साथ राहगीरों और यात्रियों को भी भोजन की सुविधा मिलती है। सेवा कार्य में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सामाजिक समरसता का संदेश देती है।
भंडारे के समापन तक कार्यकर्ता सेवा में जुटे रहे। आयोजन में शामिल पदाधिकारियों और सदस्यों ने भविष्य में भी सामाजिक हित एवं जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर सेवा और सहयोग की भावना के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।
