उत्तराखण्ड

View All

देश

View All

मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 20 मार्च तक कराने के निर्देश, तहसीलदार रुद्रपुर होंगे निर्वाचन अधिकारी

रुद्रपुर।जिला मजिस्ट्रेट उधम सिंह नगर ने मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण…

“फूलदेई का लोकसंदेश: नन्हे कदमों से खिलती संस्कृति, पर्वतीय समाज में प्रकृति और परंपरा का उत्सव”

रुद्रपुर।उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और प्रकृति से जुड़ी परंपराओं का प्रतीक लोकपर्व फूलदेई इस वर्ष…

“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से…

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की…

दुनिया

View All

रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

Express News

View All

डिजिटल इंडिया की हकीकत—रसोई गैस संकट में लौटते कदम 80 के दशक की ओर”

संपादकीय,उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले, विशेषकर रुद्रपुर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर जो हालात दिखाई दे रहे…

Read More

रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज होने जा रही है। शिवसेना…

Read More

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 20 मार्च तक कराने के निर्देश, तहसीलदार रुद्रपुर होंगे निर्वाचन अधिकारी

रुद्रपुर।जिला मजिस्ट्रेट उधम सिंह नगर ने मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार एसोसिएशन के चुनाव अब पूर्व में नामित…

Read More

“फूलदेई का लोकसंदेश: नन्हे कदमों से खिलती संस्कृति, पर्वतीय समाज में प्रकृति और परंपरा का उत्सव”

रुद्रपुर।उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और प्रकृति से जुड़ी परंपराओं का प्रतीक लोकपर्व फूलदेई इस वर्ष भी पूरे प्रदेश में उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। कुमाऊं से…

Read More

“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से दुनिया का भू-राजनीतिक संतुलन बदल सकता है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव…

Read More

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की घटना एक बार फिर चर्चा में है। इस प्रकरण में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

बसंत विहार के पर्ल हाइट अपार्टमेंट में लूट कर फरार हुए बदमाशों की बिहारीगढ़ में पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान एक एसआई गोली लगने से घायल हो गया और एक बदमाश के पैर में भी गोली लगी है।

दोनों घायलों को कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं, एक अन्य बदमाश गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अनुराग चौक के […]

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा ने अपना संकल्‍प पत्र जारी कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भाजपा के हेडक्वार्टर में संकल्‍प पत्र का अनावरण किया. उन्‍होंने बताया कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो आने वाले अगले 5 साल के लिए क्‍या-क्‍या काम किए जाएंगे और देश के नागरिकों को 5 साल के लिए क्‍या-क्‍या फ्री में मिलने वाला है.

पीएम मोदी ने कहा है कि चार ‘जातियां’ हैं- युवा, महिलाएं, किसान और गरीब को ध्‍यान में रखकर संकल्‍प पत्र बनाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत […]

( संशोधित )रूद्रपुर, 14 अप्रैल 2024/- एस आई ऑटो पैक युनिट में जिला निर्वाचन अधिकारी उदय राज सिंह व मुख्य विकास अधिकारी ( नोडल स्वीप ) मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में मतदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युनिट में कार्यरत कर्मचारियों को मतदान की महत्ता के विषय में अवगत कराया गया तथा मतदान के सम्बन्ध में जागरूक किया गया व मतदान दिवस 19 अप्रैल को बूथ पर जाकर मतदान करने की अपील की।उक्त कार्यक्रम में जागरूकता रैली निकाली गयी, जिसमें लगभग 500 लोगों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में जिला उद्योग प्रबंधक विपिन कुमार, स्वीप सहायक नोडल अमन अभिरूद्ध, व्योमा जैन, युनिट के प्रबंधक मनीष बेलवाल आदि उपस्थित रहे।

भाजपा जो कहती है वो पूरा करती हैः रामपाल सिंह

रूद्रपुर। भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट के लिए पार्टी के नेताओं ने ताकत झोंक दी हैं। निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह भी अजय भट्ट की रिकार्ड मतों से जीत के लिए जोर […]

2024: अब तक राजनीतिक चिर प्रतिद्वंद्वी रहे विनोद चमोली और दिनेश अग्रवाल शनिवार को पहली बार एक-दूसरे का हाथ थामे नजर आए। यह पहला मौका था, जब दोनों ने एक प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार किया और वोट मांगे।

बता दें कि, धर्मपुर विधानसभा सीट पर भाजपा के विनोद चमोली एवं कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल के बीच कभी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता थी, लेकिन पिछले दिनों ही अग्रवाल ने कांग्रेस का […]

लोकसभा चुनाव में पहले चरण की वोटिंग में अब मात्र पांच दिन का वक्त बचा हुआ है. हर पार्टी आगामी चुनाव के लिहाज से अपनी तैयारियों को दुरुस्त कर रही है. आम लोगों को लुभाने और अपने पाले में लाने का कोई अवसर इस वक्त कोई भी पार्टी नहीं छोड़ना चाहती है.

अब 24 साल पहले उत्तर प्रदेश से अलग हुए उत्तराखंड में समाजवादी पार्टी के जैसा ही हाल मायावती की पार्टी का होता जा रहा है. हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ प्रिंट मीडिया […]

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल के हल्द्वानी में आयोजित जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शामिल होकर भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट को विजयी बनाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री धामी ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ प्रिंट मीडिया : शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर ,उत्तराखंड सीएम धामी ने ट्वीट कर लिखा […]

रूद्रपुर 13 अप्रैल, 2024 (सू.वि.)- शनिवार को पीएसी 31वीं वाहिनी रूद्रपुर में बनाये गये सुविधा केन्द्र में पीएसी के 46वी व 31वीं बटालियन एवं एसडीआरएफ के जवानो द्वारा पोस्टल बैलेट से अपना मतदान किया गया।जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज सिंह, नोडल कार्मिक मनीष कुमार, 66-विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर सहायक निर्वाचन अधिकारी मनीष बिष्ट ने प्रातः 11.30 बजे 31वीं बटालियन के आडिटोरियम हॉल में बनाये गये सुविधा केन्द्र में मतदान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी को सावधानी से मतदान करने व मतदान की गोपनीयता बनाये रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान मतदान जारी था।

निरीक्षण के दौनान डिप्टी कमांडेट 31वीं वाहिनी पीएसी उत्तम सिंह नेगी, सहायक नोडल अधिकारी पोस्टल बैलेट सुभाष गुप्ता, तहसीलदार दिनेश कुटौला व पीएसी के जवान मौजूद थे। रुद्रपुर 13 अप्रैल […]

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ गणेश उपाध्याय ने उत्तराखंड सरकार पर सूचना अधिकार अधिनियम के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 87 वर्तमान 109 रुद्रपुर- काठगोदाम राज्य मार्ग के अंतर्गत नगला तिराहे से शमशान घाट लालकुआं के बीच सड़क को फोर लेन चौड़ीकरण ना किए जाने के मामले में सरकार की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रयोक्ता एजेंसी को रामपुर काठगोदाम अनुभाग के 43.3 किलोमीटर से 88 किलोमीटर तक जिला उधम सिंह नगर से जिला नैनीताल में चार लेन सड़क चौड़ीकरण हेतु विधिवत स्वीकृति दिनांक 10 सितंबर 2014 को दी गई थी। साथ ही स्वीकृति में स्पष्ट रूप से अंकित है कि परिवर्तित वन भूमि की कानूनी स्थिति अपरिवर्तित रहेगी।

केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति के बिना प्रस्ताव का ले आउट प्लान नहीं बदला जाएगा। जबकि मुख्य वन्यजीव वार्डन, उत्तराखंड द्वारा तैयार की जाने वाली इस योजना को लागू करने […]

चेत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा की जाती है. कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण इनको स्कन्दमाता कहा जाता है. मां स्कंदमाता चार भुजाधारी कमल के पुष्प पर बैठती हैं.

इसलिए इनको पद्मासना देवी भी कहा जाता है. देवी मां की चार भुजाएं हैं. ऊपर की दाहिनी भुजा में ये अपने पुत्र स्कंद को पकड़े हुए हैं और इनके निचले […]