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मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 20 मार्च तक कराने के निर्देश, तहसीलदार रुद्रपुर होंगे निर्वाचन अधिकारी

रुद्रपुर।जिला मजिस्ट्रेट उधम सिंह नगर ने मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण…

“फूलदेई का लोकसंदेश: नन्हे कदमों से खिलती संस्कृति, पर्वतीय समाज में प्रकृति और परंपरा का उत्सव”

रुद्रपुर।उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और प्रकृति से जुड़ी परंपराओं का प्रतीक लोकपर्व फूलदेई इस वर्ष…

“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से…

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की…

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रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

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डिजिटल इंडिया की हकीकत—रसोई गैस संकट में लौटते कदम 80 के दशक की ओर”

संपादकीय,उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले, विशेषकर रुद्रपुर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर जो हालात दिखाई दे रहे…

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रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज होने जा रही है। शिवसेना…

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फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 20 मार्च तक कराने के निर्देश, तहसीलदार रुद्रपुर होंगे निर्वाचन अधिकारी

रुद्रपुर।जिला मजिस्ट्रेट उधम सिंह नगर ने मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार एसोसिएशन के चुनाव अब पूर्व में नामित…

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“फूलदेई का लोकसंदेश: नन्हे कदमों से खिलती संस्कृति, पर्वतीय समाज में प्रकृति और परंपरा का उत्सव”

रुद्रपुर।उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और प्रकृति से जुड़ी परंपराओं का प्रतीक लोकपर्व फूलदेई इस वर्ष भी पूरे प्रदेश में उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। कुमाऊं से…

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“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से दुनिया का भू-राजनीतिक संतुलन बदल सकता है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव…

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देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की घटना एक बार फिर चर्चा में है। इस प्रकरण में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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सी,जी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर 4 प्लॉट नंबर 77 मैं आज फिर एक बड़ा हादसा, सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में ख्याली नाम का लड़के को मशीनों पर काम करने पर विवश किया गया ।जैसा कि पहले भी सी,जी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में होता आया है आज फिर एक लड़के की चारों उंगलियां मशीन में दबाकर कुचल गई। ख्याली हल्द्वानी बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट है। सिडकुल प्रबंधन ने ख्याली के परिजनों के साथ मिलकर सौदेबाजी की बात शुरू कर दी है।  रुद्रपुर सिडकुल के अंदर हजारों की संख्या में परिणाम स्वरूप अनट्रेन हाथ कटे हुए या फिर अपाहिज मजदूर मिल जाएंगे। जिन्हें प्रबंधन के द्वारा डरा धमका कर या फिर लालच देकर बड़ी-बड़ी मशीनों मैं काम करने को विवश किया गया था। सी जी food India private limited उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना को पलीता लगाते हुए।

सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत ख्याली से जब हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स के अवतार सिंह विष्ट में बात की तो उन्होंने बताया मेरी चार उंगलियां जड़ से कुचल गई […]

पौड़ी गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार गणेश गोदियाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शराब बांटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारी संरक्षण में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को बाधित करने का काम कर रही है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के गौचर में जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान राजनाथ ने कहा कि सेना के प्रति हमारे प्रधानमंत्री के मन में कितना सम्मान है ये उत्तराखंड को बताने की कोई आवश्यकता नहीं है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार गणेश गोदियाल ने एक वीडियो जारी कर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शराब बांटकर चुनाव […]

उत्तराखंड में 10 मई से चारधाम यात्रा 2024 का आगाज हो रहा है. केदारनाथ के कपाट 10 मई, बद्रीनाथ के कपाट 12 मई और गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भी अक्षय तृतीया यानि 10 मई के दिन खुलेंगे.

इसी के साथ चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. तीर्थ यात्री जो चारधाम यात्रा पर जाना चाहते हैं, उन्‍हें पहले ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन की […]

लोकसभा चुनाव में बतौर निर्दलीय प्रत्याशी बॉबी पंवार ने एक बार फिर अपनी धमक पेश की है ।आज राजधानी देहरादून में परेड ग्राउंड से विकासनगर तक निकाली गई बाइक रैली से यह ज़ाहिर होता है कि बॉबी पंवार टिहरी में किसी को भी आसानी से जीतने नहीं देंगे, इस रैली में एक विशाल युवा वर्ग फिर इकट्ठा हो गया और बॉबी की दावेदारी को मज़बूत करने का काम कर गाया । बॉबी पंवार के पर्चा भरने वाले दिन भी एक विशाल जनसमूह बॉबी के समर्थन में आया था और अपनी दावेदारी का मुज़ाहिरा पेश किया था, ग़ौरतलब है कि बॉबी पिछले कुछ समय से युवाओं के मुद्दों जैसे भर्ती घोटाले, नियुक्तियों में धांधली , भ्रष्टाचार को लेकर लगातार सड़कों पर आंदोलन के रहे है , सरकार से सीधा टकरा रहे थे जिस करण एक बार जेल भी गये ,जिसमें उनको युवाओं का भरपूर सहयोग भी मिला था।परेड ग्राउंड से शुरू हुई यह बाइक रैली प्रेमनगर – सुधोवाला-झजरा-सेलाकुई – सहसपुर होते हुए विकासनगर तक पहुँची, इस दौरान बॉबी पंवार ने लोगों से जनसंपर्क भी किया और अपने पक्ष में लोगो से वोट करने कि अपील की ।चुनाव में बॉबी पंवार का सीधा मुक़ाबला भाजपा की माला राज्यलक्ष्मी शाह एवं कांग्रेस के जोत सिंह गुनसोला से है । जहां माला राज्यलक्ष्मी दो बार से सांसद है तो वहीं ज़ोत सिंह गुनसोला भी पूर्व में 2 बार विधायक रह चुके है वहीं एक बेरोज़गार युवा का दो दिग्गजों को चुनाव में चुनौती पेश करना बड़ी बात है । लोकसभा के लिए उत्तराखण्ड में चुनाव पहले चरण में 19 अप्रैल को होने है ।

भारतीय जनता पार्टी के नैनीताल उधम सिंह नगर के लोकसभा प्रत्याशी माननीय अजय भट्ट जी द्वारा नानक सागर, झनकट, सैजना, कंजाबाग, मुंडेली, राजीव नगर, शिव कॉलोनी, कुर्वान्चल कॉलोनी आदि स्थानों पर चुनावी सभा की व आदि स्थानों का भ्रमण किया,

सभा के दौरान उन्होंने केंद्रीय सरकार द्वारा जनता को दिए गए लाभानित कार्यों से अवगत कराया व आगामी 19 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के […]

हिल व्यू कॉलोनी में निर्मित मंदिर में मां दुर्गा की मूर्ति की स्थापना व प्राण प्रतिष्ठा की गई ।उसके साथ-साथ शिवलिंग, राम दरबार, पवन पुत्र हनुमान एवं शनि देव की भी प्राण प्रतिष्ठा की गई।हिल व्यू कॉलोनी का वातावरण पिछले कई दिनों से भक्तिमय बना हुआ है। 12 अप्रैल 2024शुक्रवार को कलश यात्रा के साथ प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की शुरूआत हुई। हिल व्यू कॉलोनी की महिलाओं और युवतियों ने कलश के साथ पूरे कॉलोनी की परिक्रमा की।

श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शिव मंदिर में विधि विधान के साथ कलश पूजन किया गया। इसके बाद संगीत की मधुर ध्वनि के बीच कलश यात्रा शुरू हुई। रंग बिरंगे परिधानों […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश से प्रदेश के लोगों को इस बात की गारंटी दी कि उनका वोट सुरक्षित और मजबूत सरकार के हाथों में है। उन्होंने देवभूमि से अपने रिश्ते, राज्य के विकास और सभी वर्गों के लिए अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का प्रमुखता से जिक्र किया।

गढ़वाल मंडल के तीनों उम्मीदवारों की गारंटी पक्की करने की कोशिश की। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/प्रिंट मीडिया :शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर (उत्तराखंड) उन्होंने केंद्र में मजबूत और कमजोर […]

पांच जिलों के कुछ इलाकों में आज (शुक्रवार) भी मौसम खराब रहने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में तेज गर्जन के साथ बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पर्वतीय इलाकों में बदल रहे मौसम का मैदानी इलाकों में कोई खास असर नहीं दिख रहा है। मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक होने की वजह से गर्मी […]

लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की रणभूमि में कांग्रेस की जीत की राह में सबसे बड़ी बाधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। गुरुवार तक प्रदेश में मोदी दो चुनावी सभाएं कर चुके हैं और कांग्रेस सीधे तौर पर उनके निशाने पर रही।

मोदी के हमले और भाजपा की चुनाव प्रचार की आक्रामक शैली का दबाव प्रमुख विपक्षी पार्टी महसूस कर रही है। मोदी मैजिक इस बार भी मतदाताओं के सिर चढ़कर न […]

राजनीति से सन्यास लिया है।।राष्ट्रनीति से नहीं। भगत सिंह कोश्यारी।

रिपोर्ट। ललित जोशी/ हर्षित जोशी। नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल के मालड़न काटेज में पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने क्षेत्र वासियों से अनोपचारिक वार्ता कर […]