उत्तराखण्ड

View All

देश

View All

“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से…

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की…

गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों…

2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

देहरादून। देहरादून स्थित स्काई गार्डन में शनिवार को विभिन्न क्षेत्रीय दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक…

दुनिया

View All

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

Express News

View All

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज,…

Read More

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन में कुछ उथल-पुथल या बड़े…

Read More

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम के साथ ग्राम लोहरी गंगापुर में अंबेडकर पार्क का लोकार्पण, बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण किया

जिला पंचायत के गैंगमेटों का डीएम कार्यालय में प्रदर्शन, पूरे वर्ष रोजगार और न्यूनतम मजदूरी की मांग

“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से दुनिया का भू-राजनीतिक संतुलन बदल सकता है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव…

Read More

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की घटना एक बार फिर चर्चा में है। इस प्रकरण में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने…

Read More

गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। यह सत्र ऐसे समय में आयोजित हुआ…

Read More

2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

देहरादून। देहरादून स्थित स्काई गार्डन में शनिवार को विभिन्न क्षेत्रीय दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का संयोजन हिमालय क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शंकर दत्त सती…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

एनकाउंटर ,बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड में पुलिस का खुफिया तंत्र बुरी तरफ फेल रहा। जिस शार्प शूटर के नेपाल, बांग्लादेश और कनाडा भागने की आशंका व्यक्त की जा रही थी, वह उत्तराखंड राज्य के भीतर ही हरिद्वार जिले में छुपा हुआ था।

28 मार्च 2024 को डेरे में घुसकर बाइक सवार शार्प शूटरों सर्बजीत सिंह और अमरजीत सिंह ने बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों बदमाशों के […]

सिंह कालोनी में डोर टू डोर जनसंपर्क कर भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट के लिए वोट मांगे

रूद्रपुर । निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह एवं भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौहान ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सिंह कालोनी में डोर टू डोर जनसंपर्क कर भाजपा […]

कांग्रेस ने उत्तराखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव के लिए 100 सदस्यीय प्रचार समिति का गठन किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ नेता हीरा सिंह बिष्ट को समिति का सहसंयोजक बनाते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी सदस्यों के नाम को मंजूरी दी है और उन्हें तत्काल प्रभाव से अपना काम शुरू करने के लिए कहा है।

केसी वेणुगोपाल ने बताया कि समिति में वरिष्ठ नेता करण महरा, हरीश रावत, गणेश गोदियाल, गुरदीप सिंह सप्पल, भुवन कापड़ी, जोत सिंह गुनसोला, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी, महेंद्र सिंह मेहरा, शूरवीर […]

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिन प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक से लेकर पूर्ण रूप से बादल छाये रह सकते हैं। चोटियों पर हल्का हिमपात और वर्षा के आसार हैं। निचले इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें और ओलावृष्टि हो सकती है। जबकि, मैदानी क्षेत्रों में अंधड़ चलने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

धूप और बादलों की आंख-मिचौनी मंगलवार को देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में दिनभर चटख धूप खिली रही। जिससे तपिश बढ़ गई और तापमान में भी वृद्धि दर्ज की गई। दून में […]

रुद्रपुर में राजनीतिक सन्नाटा मोदी मैजिक की आस में भारतीय जनता पार्टी। वहीं कांग्रेस  केवल कार्यकर्ताओं तक ही समिति है। रुद्रपुर में किसी भी तरह का कोई प्रचार या फिर जनसंपर्क नहीं दिखाई दे रहा है। कार्यालय में भी सन्नाटा छाया है।

दरअसल, उत्तराखंड के रुद्रपुर में ना तो बीजेपी के और ना ही कांग्रेस के प्रत्याशी पहुंच रहे हैं. केवल नगरीय क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. किसी भी राजनीतिक […]

तीर्थनगरी ऋषिकेश से गहरा लगाव रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अप्रैल को एक बार फिर चुनावी सभा के बहाने ऋषिकेश पहुंच रहे हैं।कांग्रेस की स्टार प्रचारक और पार्टी राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की 13 अप्रैल को गढ़वाल संसदीय क्षेत्र के रामनगर और हरिद्वार सीट के रुड़की में चुनावी रैली होगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रैली की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

चुनावी घोषणा के बाद कांग्रेस की यह पहली चुनावी रैली होगी। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने बताया, 13 अप्रैल को राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की चुनावी जनसभा का […]

भाजपा सरकार में सभी वर्गों का हो रहा कल्याणः रामपालदिव्यांगजनों ने लिया भाजपा प्रत्याशी को जिताने का संकल्प

रूद्रपुर। भाजपा चुनाव कार्यालय में आयोजित दिव्यांग प्रकोष्ठ की बैठक जिला संयोजक हरीश चौधरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में दिव्यांगजनों ने भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट को भारी मतों […]

उत्तराखंड से बड़ी खबर: बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड का इनामी शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू पुलिस एनकाउंटर में ढेर

भगवानपुर क्षेत्र में हुई मुठभेड़, उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने एक को मार गिरायाहरिद्वार। नानकमत्ता गुरुद्वारे के कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाले अमरजीत […]

मेट्रोपोलिस में  श्रीमद् भागवत  कथा का आज तीसरा दिन, मुख्य यजमान की भूमिका में mrwa उपाध्यक्ष विक्रांत फुटेला  सपरिवार श्रीमद् भागवत कथा में पहुंचे थे। श्रीमद् भागवत कथा अपने पूर्व निर्धारित समय ठीक 3:30 बजे शुरू होकर 8:00 बजे आरती के बाद समापन किया गया। आज के (प्रोग्राम) श्रीमद् भागवत कथा की पूरी व्यवस्था विक्रांत फुटेला , जो मुख्य यजमान भी थे, उनके द्वारा किया गया। प्रसाद वितरण में तरह-तरह के पकवान ड्राई फूड और फलों की लंबी श्रृंखला थी।  भक्तों  ने श्री कृष्ण श्रीमद् भागवत कथा का लुफ्त उठाया , श्रीमद् भागवत कथा में मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि की भूमिका में।   mrwa अध्यक्ष देवेंद्र शाही, उपाध्यक्ष विक्रांत फुटेला, कोषाध्यक्ष डॉक्टर वीरपाल ,  बी एल चोमवाल, सचिव सुनील शुक्ला, हितेश लालवानी, दलीप सिंह,विनय कुमार दुबे, आदित्य कुमार, बृजेश तिवारी,जीवन खाती,सुमित सक्सेना,राजेश तिवारी,सुमेश राय,रवि सिंह, गिरीश तड़ियाल, आदि बहुत भारी संख्या में लोग उपस्थित थे । श्रीमद् भागवत कथा का कल चौथा दिन होगा। जिसमें मुख्य यजमान की भूमिका में डॉक्टर वीरपाल सिंह होंगे। यह जानकारी मंच से   संबोधित करते हुए बी,L चोमवाल ने श्रीमद् भागवत कथा में भक्त जनों  को अवगत कराया।अवगत कराते हुए की अप्रैल 2024 दिन मंगलवार से नवरात्रि एवं हिंदू नूतन वर्ष का आगमन हो रहा है।नवरात्रि संस्कृत का शब्द है जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रात्रों एवं दस दिनों में देवी दुर्गा /शक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना का विधान है।नव संवत्सर के राजा मंगल देव और मंत्री शनि देव होंगे देव गुरु बृहस्पति मेष राशि में चंद्रमा के साथ विराजमान होकर गज केसरी योग का निर्माण कर रहे है अतिरिक्त शनिदेव अपनी स्वराशि कुंभ में विराजमान होकर शुभ फल प्रदान करेंगे तथा शुक्र देव अपनी राशि में बैठकर सुख सुविधाओं में वृद्धि करेंगे।नवरात्रि के मध्य क्रमस: 9, 10,15,16 अप्रैल को सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होगा इसके अतिरिक्त 9 अप्रैल को अमृत सिद्धि योग बनने से सभी कार्य सिद्ध एवं शुभ फल प्रदान करेंगे।माता के आगमन की सवारीदेवी शक्ति का वाहन शेर होता है परंतु देवी जब भी पृथ्वी लोक पर विचरण करती हैं तो अलग अलग वाहन पर सवार होकर आती है जोकि सप्ताह के दिनों पर निर्भर करता है। नवरात्र का प्रारंभ मंगल वार को होने से देवी दुर्गा घोड़े पर सवार होकर पृथ्वी लोक में विचरण करेंगी। घोड़े पर सवार होकर आने का अर्थ सर्वसिद्धिदायक होता है शुभ फलों की प्राप्ति होगी वर्षा पर्याप्त मात्रा में होगी। भौतिक सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी सभी मनोरथ पूर्ण होंगे।पूजा का शुभ मुहूर्त09 अप्रैल 2024 को कलश स्थापना का समय प्रातः 05:52 से 10:04 तक है। दूसरा मुहूर्त रहेगा 11:45 मिनट सेअपराह्न 12:35 तक अभिजीत मुहूर्त में। इन दोनों मुहूर्त में घट स्थापना कर सकते हैं।

पूजा विधिब्रह्म मुहूर्त में जागें नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नानादि करने के उपरांत संपूर्ण घर और पूजा स्थल को स्वच्छ करने के बाद घर में गंगाजल व गोमूत्र से […]

रुद्रपुर 08 अप्रैल, 2024 सू0वि0जिलाधिकारी उदयराज सिंह की निगरानी में मलसा गिरधरपुर के कृषक अंजू रानी के खेत में क्रॅाप कटिंग का कार्य किया गया। जिलाधिकारी ने स्वंय गेहू काट कर क्रॅाप कटिंग कार्य का शुभारंभ किया। कृषि एवं सांख्यकीय विभाग के नियमानुसार अंजू रानी के खेत में 43.3 वर्ग मीटर का प्लॉट बनाकर क्राप कटिंग के लिए चिन्हित किया गया। क्राप कटिंग के दौरान निर्धारित खेत से कुल 21 किग्रा गेहूॅ उपज प्राप्त हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने किसान से बोये गये बीज, उर्वरक, कीटनाशकों आदि के संबंध में जानकारियां ली। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में क्राप कटिंग प्रयोगों के आधार पर ही फसलों के औसत उपज और उत्पादन के आंकडे तैयार किये जाते है साथ ही इसके माध्यम से फसल बीमा योजना एवं कृषि उत्पादित संबंधित विभिन्न योजनाओं हेतु डाटा बेस भी तैयार किया जाता हैं। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि विभाग कृषकों के साथ मिलकर उत्पादन को बढाने के साथ-साथ नई तकनीकों केे उपयोग बढाने का प्रयास करें ,जिसका समय-समय पर विभागों द्वारा स्थलीय निरीक्षण भी किया जाय।

इस दौरान तहसीलदार दिनेश कुटौला , सांख्यिकी अधिकारी मदन सिंह बिष्ट, राजस्व उपनिरीक्षक पिपेन्द्र चौहान सहित कृषक उपस्थित थें। गोविंद सिंह बिष्ट, जिला सूचना अधिकारी, ऊधम सिंह नगर फोन नं-05944250890 […]