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“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से…

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की…

गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों…

2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

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फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

नजूल की रजिस्ट्री का रास्ता: विधायक शिव अरोड़ा की पहल?नजूल की जमीन से सम्मान तक: रुद्रपुर के गरीबों को मालिकाना हक दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल,

महिला आयोग आपके द्वार अभियान के तहत उधम सिंह नगर में जनसुनवाई, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुनीं 12 शिकायतें

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फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज,…

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14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन में कुछ उथल-पुथल या बड़े…

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पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम के साथ ग्राम लोहरी गंगापुर में अंबेडकर पार्क का लोकार्पण, बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण किया

जिला पंचायत के गैंगमेटों का डीएम कार्यालय में प्रदर्शन, पूरे वर्ष रोजगार और न्यूनतम मजदूरी की मांग

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उत्तराखंड,पश्चिम एशिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से दुनिया का भू-राजनीतिक संतुलन बदल सकता है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव…

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देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की घटना एक बार फिर चर्चा में है। इस प्रकरण में राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने…

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गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। यह सत्र ऐसे समय में आयोजित हुआ…

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2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

देहरादून। देहरादून स्थित स्काई गार्डन में शनिवार को विभिन्न क्षेत्रीय दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का संयोजन हिमालय क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शंकर दत्त सती…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर उत्तराखंड में जनसभा करने आ रहे हैं। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गढ़वाल की जनता को संबोधित करेंगे और जनता से बीजेपी के पक्ष में वोट देने की अपील करेंगे।

उत्तराखंड में 5 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को चुनाव है। इसके लिए बीजेपी के स्टार प्रचारक अब मैदान संभाले हुए हैं। दो अप्रैल को उत्तराखंड के रुद्रपुर में प्रधानमंत्री […]

देश में भले ही अभी लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा हो, अभी एक भी सीट पर भले ही वोटिंग नहीं हुई हो, रिजल्ट आने में भले ही अभी दर्जनों दिन बचे हों, लेकिन मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल की तैयारी में जुटी है।

अधिकारी मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के काम पर जुट गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक टॉप सरकारी अधिकारी नए सरकार के लिए कार्ययोजना बनाने में जुटे हैं।– बिना वोटिंग ही अरुणाचल प्रदेश […]

सूर्य ग्रहण 8 अप्रैल को चैत्र अमावस्या के दिन लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण काल की अवधि को शुभ नहीं माना जाता है। परंतु ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ता है।

मेष राशि: साल का पहला सूर्य ग्रहण आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। इस दौरान इन्हें जमकर लाभ मिलेगा। नौकरीपेशा हैं तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी। वृषभ राशि: आपके लिए साल का […]

रूद्रपुर 07 अप्रैल, a लोकसभा सामान्य निर्वाचन को निर्बाध ,सुचारू संपादन हेतु रविवार को किच्छा व सितारगंज विधानसभा के पीठासीन व मतदान अधिकारियों के साथ ही सैक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट को दितीय प्रशिक्षण पंतनगर विश्वविद्यालय के गॉधी हॉल में दिया गया। मास्टर ट्रेनरों द्वारा दो पालियों में सैद्धान्तिक एवं ईवीएम का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। तीसरे दिन दो पालियों में विधानसभा किच्छा के 738 व सितारगंज के 629 कुल-1367 पीठासीन, मतदान अधिकारियों व को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में सामान्य प्रेक्षक गगनदीप सिंह बरार मौजूद थे। उन्होने ईवीएम हैण्डस्ऑन का निरीक्षण करते हुये सभी मतदान अधिकारियों को ईवीएम का भलिभांति प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिये।जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज सिंह ने कहा कि सभी मतदान अधिकारियों द्वारा मतदान का व्यवहारिका, सैद्धांतिक व ईवीएम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसे अच्छी तरह सीख लिया होगा, अभी भी यदि कोई शंका हो तो उसका सामाधान यही कर ले। उन्होने कहा प्रत्येक बूथ पर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार माईक्रो ऑब्जर्बर तैनात किये गये तथा 50 प्रतिशत मतदेय स्थलों की वैबकास्टिंग की जा रही है, जिस पर सीधे आयोग की पैनी नजर है। इसलिए कार्यो को सावधानी से करें व व्यवहार में भी संयम रखे। सभी मतदान कार्मिक तटस्थ होकर कार्य करेंगे तथा मतदान पार्टियां अपने ही बूथ पर ही रात्रि विश्राम करेंगे इसकी जिम्मेदारी पीठासीन अधिकारी की होगी व किसी का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होने कहा कि मतदान से पूर्व प्रातः 5.30 बजे मॉकपोल अनिवार्य रूप से करायेगें तथा निर्धारित समय प्रातः 7 बजे से मतदान प्रारम्भ कराना सुनिश्चित करेगें। उन्होने कहा कि प्रत्येक दो घण्टे में मतदान सूचना कन्ट्रोल रूम को देना सुनिश्चित करेगें। उन्होने कहा कि पीठासीन अधिकारी अपनी डायरी का अच्छी तरह अध्ययन कर ले साथ ही ईवीएम संचालन में दक्ष हो ले ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि लोकसभा निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से सम्पन्न कराने के लिए सभी कार्मिक सौंपे गए कार्याे एंव दायित्वों का बखूबी निर्वहन करना सुनिश्चित करेगें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही गलती की माफी नही होती इसलिए जो भी शंकाए है उनका सामाधान प्रशिक्षण के दौरान ही कर लें। उन्होने कहा कि मतदेय स्थल के भीतर मोबाईल पूर्णतः प्रतिबन्ध होगा तथा प्रत्याशियों के टेबल बूथ से 200 मीटर परिधि के बाहर लगाई जायेगी। उन्होने पीठासीन व मतदान अधिकारियों को निर्देश दिये कि मतदान सामाग्री का सूची से मिलान अवश्य करेगें ताकि मतदान दिवस पर किसी सामाग्री की कमी न हो।नोडल अधिकारी प्रशिक्षण नरेश दुर्गापाल, मास्टर ट्रेनरों ने सैद्धान्तिक प्रशिक्षण में बारीकियों को समझाते हुए ईवीएम प्रशिक्षण के दौरान मतदान कार्मिक को विभिन्न प्रपत्र भरने, ईवीएम को ऑन व ऑफ करने व सील करने के साथ ही बीयू, सीयू तथा वीवीपैट को संयोजित करने, खोलने और सील करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए हैंड्स ऑन प्रशिक्षण दिया गया।इसके उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी ने खानपान व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होने साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हुये ताजा व स्वच्छ भोजन देने के निर्देश नोडल खान-पान को दिये साथ ही कार्मिकों से भी खान-पान व्यवस्था के बारे में जानकारियां ली।प्रशिक्षण में नोडल ईवीएम टीएस मर्ताेलिया, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौस्तुभ मिश्र, परियोजना निदेशक अजय सिंह, नोडल खानपान श्याम आर्य, सहायक नोडल कार्मिक केएस रावत, नोडल इवीसी विवेक राय, सहायक नोडल सुभाष गुप्ता सहित पीठासीन व मतदान अधिकारी उपिस्थत।

लोकसभा चुनाव में नैनीताल उधम सिंह नगर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी प्रकाश जोशी के पक्ष में आगामी 9 अप्रैल को विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। जानकारी देते हुए वार्ड नंबर 1 के पूर्व पार्षद सुरेश गौरी ने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में वार्ड नंबर एक में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें तीन पानी डैम में एक जनसभा आयोजित की जाएगी इस जनसभा को किच्छा के विधायक तिलक राज बेहड संबोधित करेंगे आयोजन कर्ता गौरी ने बताया कि जनसभा के पश्चात स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें वार्ड की महिलाएं इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी। उसके बाद वार्ड में बाइक रैली निकाली जाएगी जो फुलसुंगा, फुलसुंगी ,जनपथ, लमरा, दक्ष चौराहे होती हुई शिमला बहादुर वापस पहुंचेगी। गौरी ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार बढ़ता जा रहा है और जनता कांग्रेस की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सदैव झूठे वादे किए हैं और जनता के हितों पर कुठाराघात किया है, ऐसे में अब जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है और इस बार केंद्र में गठबंधन की सरकार बनेगी और इस लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे।

चमत्कारी शक्तियों से भरा होता है रुद्राक्ष, हर संकट से मिलती है मुक्ति… जानिए अलग-अलग रुद्राक्ष धारण करने के क्या हैं लाभ जीवन में आने वाले संघर्षों को दूर करने के लिए रुद्राक्ष के इस्तेमाल अचूक माना जाता है. अगर आपको शनि परेशान करते हैं, और आपको शनि के कष्टों से दो चार होना पड़ रहा है तो आपके लिए रुद्राक्ष ब्रह्मास्त्र साबित हो सकता है .

रुद्राक्ष पास हो तो कोई भी नकारात्मक ऊर्जा परेशान नहीं करती है. रुद्राक्ष शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को सकारात्मक बनाता है. रुद्राक्ष एक सुरक्षा कवच की तरह काम करके परेशानियों […]

बनभूलपुरा हिस्सा में पीड़ित पत्रकारों को आर्थिक सहायता, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने उत्तराखंड सरकार व जिला प्रशासन का किया आभार व्यक्त,

श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, ने घटना के चंद घंटों के भीतर ही मुख्यमंत्री से की थी आर्थिक सहायता की मांग। अवतार सिंह बिष्ट प्रवक्ता श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तराखंड। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ […]

प्राधानाचार्य विभागीय सीमित भर्ती में अब 50 वर्ष से ऊपर आयु वालों को भी आवेदन का मौका मिलेगा। राजकीय शिक्षक संघ का कहना है कि विज्ञापन की खामी इससे स्पष्ट हो रही है। राजकीय शिक्षक संघ देहरादून के मंत्री अर्जुन पंवार का कहना है कि उच्च न्यायालय ने 50 वर्ष से ऊपर के प्रवक्ताओं को आवेदन करने की अनुमति प्रदान की है।जो पिछले माह जारी विज्ञप्ति में 50 वर्ष तक थी। इससे यह साफ होता है कि विज्ञापन में खामी थी।

राज्य सरकार की ओर से संगठन से विचार विमर्श किए बिना प्रधानाचार्य भर्ती नियमावली तैयार की गई है। विज्ञापन भी जारी कर दिया गया। विज्ञप्ति की कमियों को समझकर न्यायालय […]

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ऋषिकेश शहर के मुख्य मार्गों में पदयात्रा और जनसंपर्क करते हुए अपने बेटे हरिद्वार लोकसभा प्रत्याशी वीरेंद्र रावत के लिए वोट मांगे।

उन्होंने अपने अंदाज में एक दुकान पर जलेबी बनाई और एक दुकान पर ग्राहकों को साड़ियां भी बेची। शनिवार को जनसंपर्क अभियान के तहत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नगर […]

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को उधमसिंह नगर के बंडिया, खटीमा पहुंचे और भाजपा नौसर मंडल के ‘जनमिलन कार्यक्रम’ में शिरकत की।मौके पर मौजूद भीड़ देखकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “आपके असीम प्रेम और अपार जनसमर्थन से अभिभूत हूं। उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से एक पौड़ी गढ़वाल से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी शनिवार को अपने चुनाव प्रचार के लिए श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे।उन्होंने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवी-देवताओं का वास है।

उत्तराखंड की देवतुल्य जनता कांग्रेस का वास्तविक स्वरूप पहचान चुकी है। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में केवल भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण एवं परिवारवाद को बढ़ावा देने के अलावा कोई काम नहीं किया। […]