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डिजिटल इंडिया की हकीकत—रसोई गैस संकट में लौटते कदम 80 के दशक की ओर”

संपादकीय,उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले, विशेषकर रुद्रपुर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर…

रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज…

फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल…

14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन…

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जनसेवा का पर्याय बने संजय ठुकराल—रुद्रपुर के “108” को जन्मदिन की शुभकामनाएं

रुद्रपुर  जब भी सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं की चर्चा होती है, तो एक नाम स्वतः ही लोगों की…

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अशोक गुलाटी बने पत्रकार प्रेस महासंघ के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष

रुद्रपुर/नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार अशोक गुलाटी को पत्रकार प्रेस महासंघ का उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके इस…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में पैदा हुए गंभीर हालात और मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपने पहले बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि होरमुज की खाड़ी बंद रहेगी। इसका अर्थ है कि किसी भी देश के जहाज को इस खाड़ी से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।

गैस की किल्लत: हक़ीक़त, अफवाह या प्रशासनिक विफलता?

संपादकीय,मानव-वन्यजीव संघर्ष, आपदाएँ और पलायन : क्या केवल मुआवजा ही समाधान है?

डिजिटल इंडिया की हकीकत—रसोई गैस संकट में लौटते कदम 80 के दशक की ओर”

संपादकीय,उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले, विशेषकर रुद्रपुर में इन दिनों रसोई गैस को लेकर जो हालात दिखाई दे रहे हैं, वह केवल एक आपूर्ति संकट नहीं बल्कि व्यवस्था की…

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रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

रुद्रपुर।उधम सिंह नगर में एक बार फिर सामाजिक और शैक्षिक नीतियों को लेकर बहस तेज होने जा रही है। शिवसेना (उधम सिंह नगर) ने 16 मार्च, सोमवार को सुबह 10…

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फूलदेई पर्व पर पंडित त्रिलोचन पनेरु की ज्योतिषीय व्याख्या, रामदत्त पंचांग का हवालाफूलदेई : उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, प्रकृति और मासूमियत का अनोखा उत्सव

उत्तराखंड की संस्कृति प्रकृति के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। यहाँ के पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के सुंदर संगम का प्रतीक होते…

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14 March 2026: 14 मार्च की सुबह ब्रह्मांड में एक बड़े बदलाव की गवाह बन रही है. चंद्रदेव का मकर राशि में प्रवेश हमें आलस्य त्यागकर कर्तव्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.

कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, राहु और वक्री बुध की मौजूदगी सामाजिक और निजी जीवन में कुछ उथल-पुथल या बड़े बदलाव ला सकती है. साथ ही, मीन राशि में शुक्र…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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ऊधम सिंह नगर: लोक अदालत में निस्तारित किए गए 2302 मामले ऊधम सिंह नगर: मौसम में बदलाव से बढ़े जुकाम-बुखार के मरीज अस्पताल और निजी अस्पताल में पहुंच रहे मरीज, II25 मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित पहुंच रहे अस्पतालIरुद्रपुर।मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव से सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।ऊधम सिंह नगर: समलैंगिकों में भी बढ़ रहा एचआईवी संक्रमण का खतरा

रूद्रपुर/जसपुर/सितारगंज। जिला न्यायालय सहित काशीपुर, काशीपुर, खटीमा, जसपुर, सितारगंज और बाजपुर में गठित पीठों में 2302 मामलों का निस्तारण किया गया। पिछले साल लोक अदालत में 2139 मामले निस्तारित किए […]

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड में सियासी पारा उफान पर है, उत्तराखंड में अपनी सियासी पकड़ बनाने के लिए जुटी कांग्रेस पार्टी को चुनाव से पहले एक और झटका लगा है. पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया है.ED की छापेमारी के बाद पूर्व मंत्री की पत्नी ने छोड़ी पार्टी, कहा- ‘बुरे समय में नहीं दिया उनका साथ’lहरक सिंह की करीबी लक्ष्मी राणा ने छोड़ी कांग्रेस, ईडी की कार्रवाई पर पार्टी ने नहीं दिया साथ

वहीं कुछ दिन पहले हरक सिंह रावत के साथ ही ईडी की रडार पर आईं लक्ष्मी राणा से भी पूछताछ की गई थी. ईडी पाखरो टाइगर सफारी घोटाले के मामले […]

हल्द्वानी,पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के संरक्षक हुकम सिंह कुंवर ने बताया पर्वतीय समाज की एक आम सभा बुलाने पर विचार किया जा रहा है,आज कुंवर ने मंच को विगत 42 साल से समर्थन दे रहे व्यक्तियों व 1982 मैं मंच के लिए जेल गए लोगों से इस संबंध मैं व्यक्तिगत संपर्क किया,कुंवर ने डॉक्टर महेंद्र सिंह पाल,हरीश मेहता, किरन पांडे,भुवन जोशी,प्रकाश बोरा,दीवान सिंह मटियाली, पुरन सिंह रौतेला,राजेंद्र सिंह चुपाल,प्रेम सिंह अधिकारी,भुवन तिवारी,डॉक्टर केदार पलड़िया,जगमोहन सिंह चिलवाल,हरेंद्र सिंह बोरा,भुवन भाकुनी,दीवान सिंह बिष्ट,राम सिंह बसेड़ा,सुरेश तिवारी, बृजमोहन सिजवाली,हेमंत सिंह बगड़वाल,विजय सिंह सिजवाली,मनोज शर्मा,भुवन दर्मवाल,रमेश जोशी,सहित कई लोगों से संपर्क किया,कुंवर ने कहा कि हम पर्वतीय समाज को दिए गए वचन के लिए कृत संकल्प हैं,कुंवर ने आज की बैठक पर कहा कि उनको बैठक की जानकारी नहीं है,हम अपना काम कर रहे हैं,

मंच किसी की जागीर नहीं है यह आम पर्वतीय की धरोहर है,,,कुंवरपर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के संरक्षक हुकम सिंह कुंवर ने कहा कि उनको आज की बैठक की कोई जानकारी […]

रूद्रपुर। नगर निगम की ओर से शैल भवन में स्वीकृत आरसीसी ओपन शेड के निर्माण कार्य का निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह एवं शैल सांस्कृतिक समिति के पदाधिकारियों ने पूजा अर्चना के साथ विधिवत शुभारम्भ किया।

बता दें नगर निगम बोर्ड की बैठक में गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में आरीसीसी ओपन शेड के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया था। जिसके बाद निवर्तमान मेयर रामपाल […]

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व सीएम के बेटे और राहुल गांधी के करीबी नेता ने छोड़ी पार्टी,2024: क्या इंडिया गठबंधन में आएंगी मायावती, कांग्रेस की पहली लिस्ट से मिल रहे ये संकेत2024: क्या इंडिया गठबंधन में आएंगी मायावती, कांग्रेस की पहली लिस्ट से मिल रहे ये संकेत

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मनीष खंडूडी ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में उन्होंने […]

किसी की मौत हो गई है या फिर वो समाधि में लीन है, ये कैसे पता चलेगा? जाहिर इस बारे में डॉक्टर बताएगा. लेकिन अब एक ऐसी मौत या यूं कहें कि समाधि का मामला सामने आया है, जो डॉक्टर के पास जाने से पहले ही कोर्ट पहुंच गया.

अब अदालत से एक लाश को सहेजकर रखने की इजाजत मांगी जा रही है. क्योंकि वो लाश कभी भी जिंदा हो सकती है. मामला आशुतोष महाराज की उस शिष्या का […]

पोड़ी  के ग्राम पयासूं के शिकायतकर्ता राजेश सिंह राजा कोली की लिखित तहरीर के आधार पर अंकिता भंडारी को न्याय देने की मांग को लेकर उनके माता-पिता के साथ शुरू से आवाज उठा रहे पत्रकार आशुतोष नेगी को अचानक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

सड़कों पर विरोध प्रदर्शन, X पर हैशटैग कैम्पेन… पत्रकार की गिरफ्तारी के बाद फिर सुर्खियों में अंकिता भंडारी हत्याकांड इस पहले पत्रकार दीप मैठाणी को देहरादून से गिरफ्तार किया गया […]

रुद्रपुर, 08 मार्च,2024- मुख्य चिकित्सा कार्यालय सभागार में महिला दिवस मनाया गया जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी उपस्थित थे । कार्यक्रम मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा महिलाओं को एनीमिया ,ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर के संबंध में जानकारी दी गई तथा महिलाओं को स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी दी गई । तत्पश्चात जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा पोक्सो एक्ट, एडॉप्शन एवं जुनाइयल जस्टिस बोर्ड, वात्सल्य योजना एवं विभाग द्वारा चलाई जारी रही अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई।जिला जिला समयंक प्रदीप मेहरा द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कानूनी जानकारी दी गई तथा लिंगानुपात के संबंध आंकड़े दिए गए।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा महिलाओं के सम्मान में वृक्षारोपण भी किया गया तत्पश्चात उन महिलाओं को सम्मानित किया गया जिनके द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए अपना उत्कृष्ट योगदान दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा महिलाओं को प्रशस्ति पत्र एवं मेमोंटो देकर सम्मानित किया गया साथ ही मुख्य विकास अधिकारी द्वारा समस्त महिलाओं को मतदाता शपथ भी दिलाई गई। मंच का संचालन डॉ राजेश आर्य द्वारा की गई।

इस अवसर पर अमृता शर्मा प्रभारी कलेक्ट, अपर नगर आयुक्त शिल्पा, अनुपमा फुटेला, डॉ अंजलि सोलंकी, सीडीपीओ आशा नेगी, डॉ अमृता शर्मा, हीरा जंगपांगी आदि उपस्थित थे।

खटीमा 8 मार्च 2020 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर चकरपुर स्थित बनखंडी महादेव मंदिर में फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया । इसके उपरान्त माननीय मुख्यमंत्री श्री धामी ने बनखंडी महादेव मंदिर में जलाभिषेक पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली की कामना की । उन्होंने क्षेत्रवासियों व सभी मेलार्थियों को महाशिवरात्रि की बधाई व शुभकामनाएं दी । इसके उपरांत माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय लोहिया हेड में जनता से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी व अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए । इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल,ब्लॉक प्रमुख रणजीत सिंह नामधारी,जीवन सिंह धामी ,भवानी भंडारी,ललित। बोरा,सोमनाथ ,विक्रम भट्ट,कमलदीप राणा,गोपाल बोरा,नवीन बोरा,रमेश जोशी राजू ,सतीश गोयल, नंदन सिंह खरायत, रेणु भंडारी, मोहिनी पोखरिया,भुवन भट्ट,सहित जिलाधिकारी उदय राज सिंह ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजुनाथ टीसी ,अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय , उप जिलाधिकारी रविंद्र सिंह बेस्ट ,मनीष बिष्ट ,सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,मौजूद थे ।

उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम तय कर पाना कांग्रेस के लिए मुश्किल काम साबित हो रहा है।लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों का चयन न होने पर कांग्रेस में बेचैनी

प्रदेश कांग्रेस कमेटी भले ही 25 नामों की सूची स्क्रीनिंग कमेटी को भेज चुकी हो, लेकिन स्क्रीनिंग कमेटी की दो बैठकों में माथा पच्ची के बाद भी प्रत्याशियों के नाम […]