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संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में लाया गया 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया है। हैरानी की बात यह रही कि विधेयक को विपक्ष के मुकाबले ज्यादा वोट मिले, लेकिन फिर भी यह तकनीकी और संवैधानिक कारणों से पारित नहीं हो सका।

लोकसभा में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करा पाई। इस बिल को पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन बिल के पक्ष में महज 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े।

जयपुर में अपराध और पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला राजधानी के मोस्ट वॉन्टेड आरोपी से जुड़ा है, जिसे आखिरकार पुलिस ने पकड़कर जयपुर ला दिया है. मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं है, बल्कि उस डर और सवाल का भी है जो शहर की सड़कों पर घूम रहा था.

राजस्थान के एंटी-करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को एक सब डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) समेत दो अन्य लोगों को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, करौली जिले के नादौती उपखंड में तैनात सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) काजल मीणा को कथित तौर पर 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

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रुद्रपुर। सितारगंज में गिरफ्तार असलहा तस्करों का अल बदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से मिले कनेक्शन के बाद दिल्ली स्पेशल सेल और आईबी की पूछताछ के बाद अब में एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) भी जांच करेगी।

इसके लिए एक-दो दिन में एनआईए ऊधम सिंह नगर पहुंचकर पुलिस से संपर्क कर आवश्यक…

नोएडा की सख्ती बनाम उत्तराखंड सिडकुल की खामोशी: श्रमिकों के शोषण, हादसों और तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा सवाल?सिडकुल की हकीकत: मशीनों के बीच टूटते श्रमिकों के सपने

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद जिस तरह श्रम विभाग…

18 April 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

क्या आपको शानदार परिणाम मिलेंगे या दिन मिलाजुला रहेगा अथवा करना होगा चुनौतियों का सामना।…

उत्तराखंड अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. टूरिस्ट अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से ऊब कर शांति और नेचर के बीच रहने के लिए उत्तराखंड तो आते ही हैं, साथ ही एडवेंचर लवर्स भी यहां पर ट्रेकिंग, हाइकिंग, वॉटर राफ्टिंग जैसी कई मजेदार एक्टिविटी करते हैं.

लेकिन पहाड़ों की इस खूबसूरती के बीच एक ऐसी जगह भी है, जहां लोग जाना…

दुनिया

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संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में लाया गया 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया है। हैरानी की बात यह रही कि विधेयक को विपक्ष के मुकाबले ज्यादा वोट मिले, लेकिन फिर भी यह तकनीकी और संवैधानिक कारणों से पारित नहीं हो सका।

लोकसभा में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करा पाई। इस बिल को पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन बिल के पक्ष में महज 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े।

जयपुर में अपराध और पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला राजधानी के मोस्ट वॉन्टेड आरोपी से जुड़ा है, जिसे आखिरकार पुलिस ने पकड़कर जयपुर ला दिया है. मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं है, बल्कि उस डर और सवाल का भी है जो शहर की सड़कों पर घूम रहा था.

राजस्थान के एंटी-करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को एक सब डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) समेत दो अन्य लोगों को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, करौली जिले के नादौती उपखंड में तैनात सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) काजल मीणा को कथित तौर पर 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

Express News

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राजस्थान के एंटी-करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को एक सब डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) समेत दो अन्य लोगों को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, करौली जिले के नादौती उपखंड में तैनात सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) काजल मीणा को कथित तौर पर 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

यह रिश्वत उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और सीनियर असिस्टेंट प्रवीण धाकड़ के जरिए ली जा रही थी। अवतार सिंह…

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कालाढूंगी में यूकेडी का जोरदार प्रदर्शन, जनसमस्याओं के समाधान को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कालाढूंगी। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने आज कालाढूंगी क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों…

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“उत्तराखण्ड की महिलाएँ” — 351 नारी शक्तियों के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों का जीवंत दस्तावेज! उत्तराखण्ड की महिलाओं पर पुस्तक में आंदोलनकारी नारी शक्ति की उपेक्षा क्यों?

HKP का क्षेत्र भ्रमण तेज, “राजनीतिक अतिक्रमण खत्म करने” का दावा

सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान के निर्देश

रुद्रपुर में बेदखली नोटिस पर बवाल: संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी के सैकड़ों परिवार सड़कों पर, पुनर्वास से पहले कार्रवाई न करने की मांग

रुद्रपुर। सितारगंज में गिरफ्तार असलहा तस्करों का अल बदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से मिले कनेक्शन के बाद दिल्ली स्पेशल सेल और आईबी की पूछताछ के बाद अब में एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) भी जांच करेगी।

इसके लिए एक-दो दिन में एनआईए ऊधम सिंह नगर पहुंचकर पुलिस से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटा सकती है। जिसके बाद जरूरत पड़ने पर वह बी-वारंट में जेल में बंद…

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नोएडा की सख्ती बनाम उत्तराखंड सिडकुल की खामोशी: श्रमिकों के शोषण, हादसों और तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा सवाल?सिडकुल की हकीकत: मशीनों के बीच टूटते श्रमिकों के सपने

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद जिस तरह श्रम विभाग ने 24 फैक्ट्रियों से जुड़े 200 से अधिक ठेकेदारों पर एक करोड़ 16 लाख रुपये…

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18 April 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

क्या आपको शानदार परिणाम मिलेंगे या दिन मिलाजुला रहेगा अथवा करना होगा चुनौतियों का सामना। इसमें सभी 12 राशियों (मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ…

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उत्तराखंड अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है. टूरिस्ट अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से ऊब कर शांति और नेचर के बीच रहने के लिए उत्तराखंड तो आते ही हैं, साथ ही एडवेंचर लवर्स भी यहां पर ट्रेकिंग, हाइकिंग, वॉटर राफ्टिंग जैसी कई मजेदार एक्टिविटी करते हैं.

लेकिन पहाड़ों की इस खूबसूरती के बीच एक ऐसी जगह भी है, जहां लोग जाना तो दूर उसके बारे में बात भी नहीं करना चाहते. इस जगह के बारे में…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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जिस श्रावण के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, जप-तप और व्रत शीघ्र ही फलदायी होते हैं, उसके शुक्लपक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान प्रदान करता है.

हिंदू मान्यता है इसी दिन माता पार्वती (Mata Parvati) को भगवान शिव (Lord Shiva) पति के रूप में प्राप्त हुए थे. जिस हरियाली तीज व्रत को सुहागिन महिलाएं एक बड़े […]

कविवर रामधारी सिंह दिनकर की एक प्रसिद्ध कविता है, मनुष्य और सर्प. इस कविता में महाभारत युद्ध के आखिरी दिनों का वर्णन है, जब कर्ण को सेनापति बनाया गया था. होता यूं है कि कर्ण अपने रथ पर होता है, वह अर्जुन पर प्रहार करने के लिए अपने तरकश में हाथ बढ़ाता है तो तीर में लिपटा हुआ एक सर्प भी उसके हाथ में आ जाता है.

इसका नाम अश्वसेन है और यह तक्षक कुल का है. इस कविता में कर्ण और अश्वसेन की ही बातचीत है. सर्प अश्वसेन खांडवप्रस्थ जलाए जाने को लेकर अर्जुन से अपना […]

संपादकीय लेख ‘ऑपरेशन कालनेमि’: उत्तराखंड में धर्मरक्षक बनती धामी सरकार ✍️ अवतार सिंह बिष्ट, विशेष संपादकीय – हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

उत्तराखंड, जो कभी देवभूमि के नाम से जाना जाता था, आज एक बार फिर उसी स्वरूप में पुनर्स्थापित हो रहा है — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में। जहां […]

अखंड श्री रामचरितमानस पाठ और भंडारे का आयोजन अल्पाइन गियरवर्क प्राइवेट लिमिटेड, रुद्रपुर

रुद्रपुर, 27 जुलाई 2025 – श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए अल्पाइन गियरवर्क प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिष्ठान में एक दिवसीय अखंड श्री रामचरितमानस पाठ और भंडारे […]

संपादकीय लेख “नौकुचियाताल-भीमताल : इतिहास, अध्यात्म और पर्यटन का त्रिवेणी संगम” ✍️ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स के लिए विशेष संपादकीय

उत्तराखंड की देवभूमि केवल हिमालय की गोद में बसे तीर्थ स्थलों तक सीमित नहीं, बल्कि यहाँ की हर झील, हर घाटी, हर चोटी, हर पेड़ भी अपनी कोई ना कोई […]

कारगिल विजय दिवस पर विशेष संपादकीय लेख 📝 शीर्षक: “कारगिल के शूरवीरों को नमन: देशभक्ति का अमिट अध्याय और युवाओं के लिए प्रेरणा”

26 जुलाई 2025, रुद्रपुर – जब देश की सीमाएं खतरे में थीं, तब हिमालय की ऊँचाइयों पर लहू की गर्मी से बर्फ पिघली थी। और वहीं से उभरा था भारतीय […]

संपादकीय लेख “रोड शो, रणनीति और ग्रामीण बनाम शहरी समीकरण: जिला पंचायत चुनाव 2025 की तसवीर” ✍️ अवतार सिंह बिष्ट, विशेष संवाददाता हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स / उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

उत्तराखंड रुद्रपुर 2025 के जिला पंचायत, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनावों ने उत्तराखंड की राजनीति को एक बार फिर गाँव-शहर के अंतर्संघर्ष में लाकर खड़ा कर दिया है। […]

हिं दू धर्म में महामृत्युंजय मंत्र को जीवनदायिनी शक्ति के रूप में जाना जाता है। यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत चमत्कारी और दिव्य स्तोत्र है, जिसे अकाल मृत्यु से रक्षा करने वाला माना गया है।

इस मंत्र का नियमित, श्रद्धा और विधिपूर्वक जाप करने से न केवल मानसिक और शारीरिक बल की प्राप्ति होती है, बल्कि यह मृत्यु जैसे महाबंधन से भी सुरक्षा प्रदान करता […]

आज ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. शुक्र वृषभ में, गुरु मिथुन में, जबकि सूर्य, चंद्रमा और बुध कर्क राशि में स्थित हैं. मंगल और केतु सिंह में हैं, राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं.

आइए जानते हैं इसका बारह राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा.✍️ अवतार सिंह बिष्ट विशेष संवाददाता, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स मेष राशि: स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, खासतौर पर मां की तबीयत […]

सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने वाला छांगुर गैंग एक बार फिर चर्चा में है. इस गैंग ने देहरादून की एक युवती को निशाना बनाया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका षड्यंत्र नाकाम हो गया.

देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गैंग इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवतियों को धर्मांतरण के लिए प्रभावित कर रहा है.✍️ अवतार सिंह बिष्ट विशेष संवाददाता, […]