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यौन हिंसा की घटनाओं पर एक नई दृष्टिसमाज में यौन हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे हर कोई प्रभावित हो रहा है। चाहे घर हो या सड़क, लड़के और लड़कियां दोनों ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

उत्तराखंड परिवहन निगम ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए इस बार परिवहन व्यवस्था को अधिक अनुशासित और जवाबदेह बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यात्रा शुरू होने से पहले निगम ने केदारनाथ और बदरीनाथ धाम मार्ग पर विशेष प्रवर्तन तंत्र लागू करते हुए 20 अप्रैल से 20 जून तक आठ अधिकारियों की चरणबद्ध तैनाती कर दी है।

संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में लाया गया 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया है। हैरानी की बात यह रही कि विधेयक को विपक्ष के मुकाबले ज्यादा वोट मिले, लेकिन फिर भी यह तकनीकी और संवैधानिक कारणों से पारित नहीं हो सका।

लोकसभा में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करा पाई। इस बिल को पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन बिल के पक्ष में महज 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े।

देश

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रुद्रपुर में श्री गोलूज्यू महाराज यात्रा को लेकर आज महत्वपूर्ण बैठक, पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य

रुद्रपुर। शैल सांस्कृतिक समिति एवं शैल परिषद रुद्रपुर द्वारा आराध्य देव श्री गोलूज्यू महाराज की…

उधम सिंह नगर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अवैध धार्मिक संरचनाएं ध्वस्त, सरकारी भूमि मुक्त

उधम सिंह नगर।जिले में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने…

रुद्रपुर। सितारगंज में गिरफ्तार असलहा तस्करों का अल बदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से मिले कनेक्शन के बाद दिल्ली स्पेशल सेल और आईबी की पूछताछ के बाद अब में एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) भी जांच करेगी।

इसके लिए एक-दो दिन में एनआईए ऊधम सिंह नगर पहुंचकर पुलिस से संपर्क कर आवश्यक…

नोएडा की सख्ती बनाम उत्तराखंड सिडकुल की खामोशी: श्रमिकों के शोषण, हादसों और तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा सवाल?सिडकुल की हकीकत: मशीनों के बीच टूटते श्रमिकों के सपने

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद जिस तरह श्रम विभाग…

दुनिया

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यौन हिंसा की घटनाओं पर एक नई दृष्टिसमाज में यौन हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे हर कोई प्रभावित हो रहा है। चाहे घर हो या सड़क, लड़के और लड़कियां दोनों ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

उत्तराखंड परिवहन निगम ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए इस बार परिवहन व्यवस्था को अधिक अनुशासित और जवाबदेह बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यात्रा शुरू होने से पहले निगम ने केदारनाथ और बदरीनाथ धाम मार्ग पर विशेष प्रवर्तन तंत्र लागू करते हुए 20 अप्रैल से 20 जून तक आठ अधिकारियों की चरणबद्ध तैनाती कर दी है।

संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में लाया गया 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया है। हैरानी की बात यह रही कि विधेयक को विपक्ष के मुकाबले ज्यादा वोट मिले, लेकिन फिर भी यह तकनीकी और संवैधानिक कारणों से पारित नहीं हो सका।

लोकसभा में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करा पाई। इस बिल को पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन बिल के पक्ष में महज 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े।

Express News

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लोकसभा में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पारित नहीं करा पाई। इस बिल को पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन बिल के पक्ष में महज 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े।

इस बिल के लोकसभा में गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। अवतार…

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जयपुर में अपराध और पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला राजधानी के मोस्ट वॉन्टेड आरोपी से जुड़ा है, जिसे आखिरकार पुलिस ने पकड़कर जयपुर ला दिया है. मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं है, बल्कि उस डर और सवाल का भी है जो शहर की सड़कों पर घूम रहा था.

गर्भवती महिला के साथ छेड़छाड़ जैसी घटना के बाद यह केस और ज्यादा संवेदनशील हो गया था, और लोग लगातार…

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राजस्थान के एंटी-करप्शन ब्यूरो ने गुरुवार को एक सब डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) समेत दो अन्य लोगों को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, करौली जिले के नादौती उपखंड में तैनात सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) काजल मीणा को कथित तौर पर 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

कालाढूंगी में यूकेडी का जोरदार प्रदर्शन, जनसमस्याओं के समाधान को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

“उत्तराखण्ड की महिलाएँ” — 351 नारी शक्तियों के संघर्ष, साहस और उपलब्धियों का जीवंत दस्तावेज! उत्तराखण्ड की महिलाओं पर पुस्तक में आंदोलनकारी नारी शक्ति की उपेक्षा क्यों?

HKP का क्षेत्र भ्रमण तेज, “राजनीतिक अतिक्रमण खत्म करने” का दावा

रुद्रपुर में श्री गोलूज्यू महाराज यात्रा को लेकर आज महत्वपूर्ण बैठक, पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य

रुद्रपुर। शैल सांस्कृतिक समिति एवं शैल परिषद रुद्रपुर द्वारा आराध्य देव श्री गोलूज्यू महाराज की वार्षिक पावन यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में यात्रा…

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उधम सिंह नगर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: अवैध धार्मिक संरचनाएं ध्वस्त, सरकारी भूमि मुक्त

उधम सिंह नगर।जिले में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने शुक्रवार तड़के गूलरभोज–दिनेशपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग की भूमि पर बनी…

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रुद्रपुर। सितारगंज में गिरफ्तार असलहा तस्करों का अल बदर आतंकी संगठन के ओवर ग्राउंड वर्कर रेहान मीर से मिले कनेक्शन के बाद दिल्ली स्पेशल सेल और आईबी की पूछताछ के बाद अब में एनआईए (राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी) भी जांच करेगी।

इसके लिए एक-दो दिन में एनआईए ऊधम सिंह नगर पहुंचकर पुलिस से संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटा सकती है। जिसके बाद जरूरत पड़ने पर वह बी-वारंट में जेल में बंद…

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नोएडा की सख्ती बनाम उत्तराखंड सिडकुल की खामोशी: श्रमिकों के शोषण, हादसों और तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा सवाल?सिडकुल की हकीकत: मशीनों के बीच टूटते श्रमिकों के सपने

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद जिस तरह श्रम विभाग ने 24 फैक्ट्रियों से जुड़े 200 से अधिक ठेकेदारों पर एक करोड़ 16 लाख रुपये…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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आज ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. शुक्र वृषभ में, गुरु मिथुन में, जबकि सूर्य, चंद्रमा और बुध कर्क राशि में स्थित हैं. मंगल और केतु सिंह में हैं, राहु कुंभ राशि में और शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं.

आइए जानते हैं इसका बारह राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा.✍️ अवतार सिंह बिष्ट विशेष संवाददाता, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स मेष राशि: स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें, खासतौर पर मां की तबीयत […]

सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाने वाला छांगुर गैंग एक बार फिर चर्चा में है. इस गैंग ने देहरादून की एक युवती को निशाना बनाया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उनका षड्यंत्र नाकाम हो गया.

देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि गैंग इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवतियों को धर्मांतरण के लिए प्रभावित कर रहा है.✍️ अवतार सिंह बिष्ट विशेष संवाददाता, […]

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण में 40 विकासखंडों में 28 जुलाई को होने वाले मतदान के दृष्टिगत प्रचार का शोर शनिवार शाम पांच बजे थम जाएगा। शनिवार से ही पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो जाएगी।

द्वितीय चरण में 5033 पदों के लिए 14751 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।मौसम विभाग ने 28 जुलाई को देहरादून, टिहरी, नैनीताल व बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत […]

साल 26 जुलाई को भारत कारगिल विजय दिवस मनाता है. उस ऐतिहासिक दिन की याद में जब भारतीय सेना ने कारगिल की बर्फीली चोटियों पर दुश्मन के मंसूबों को चूर-चूर कर दिया.

यह विजय केवल युद्ध की जीत नहीं थी बल्कि भारतीय सैनिकों की बहादुरी, आत्मबलिदान और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक बन चुकी है. कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज पांडे, योगेंद्र यादव […]

ट क्षिण-पूर्व एशिया के दो पड़ोसी देशों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद अब खुली जंग में बदलता दिख रहा है. 24 जुलाई से जारी खूनी संघर्ष के दौरान कंबोडियाई सेना ने कथित तौर पर रूसी मूल के BM-21 ग्रैड मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया है, जिसके बाद हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं.

थाई सेना ने इसका जवाब संतुलित लेकिन सख्त गोलाबारी से दिया है.✍️ अवतार सिंह बिष्ट विशेष संवाददाता, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अब तक इस संघर्ष में कम से कम 15 लोगों […]

देहरादून में जल निगम निर्माण विंग मुख्यालय की बिल्डिंग में जमकर हंगामा, खींचतान, मारपीट जैसे हालात पैदा हुए। मुख्यालय में स्थित एक डिवीजन की महिला जेई पर उसी डिवीजन में तैनात उपनल कर्मचारी की पत्नी ने उसका घर तोड़ने का आरोप लगाया।

पहले महिला जेई और उपनल कर्मचारी की पत्नी के बीच गालीगलौज, खींचतान हुई। इसके बाद महिला जेई की मां और उपनल कर्मी की पत्नी के बीच मारपीट हो गई। पुलिस […]

गाजियाबाद में फर्जी दूतावास चलाने के मामले में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन ने 10 वर्ष में 162 बार विदेश यात्राएं की हैं। उसने वहां कंपनियां बनाईं और उनका इस्तेमाल दलाली में किया।

वह सबसे अधिक 54 बार यूएई और 22 बार यूके गया था। अब तक 25 कंपनियों और 20 बैंक खातों की जानकारी सामने आ चुकी है। इस मामले का खुलासा […]

प्र वर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े पैमाने पर हुए चिटफंड घोटाले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व सांसद कंवर दीप सिंह से जुड़ी संस्थाओं के स्वामित्व वाले दो अस्पतालों के 127.33 करोड़ रुपये के शेयर कुर्क किए हैं।

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत पंचकूला स्थित अल्केमिस्ट अस्पताल और ओजस अस्पताल के शेयरों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। बताया जा रहा है […]

संपादकीय लेख :पंचायत चुनावों में भविष्य की बुनियाद: उत्तराखंड में कांग्रेस भाजपा और यूकेडी का ग्रामीण शक्ति परीक्षण” ✍️ अवतार सिंह बिष्ट विशेष संवाददाता, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

उत्तराखंड में एक बार फिर पंचायत चुनावों की सरगर्मी शुरू हो चुकी है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, जो अक्सर राष्ट्रीय दलों की पकड़ का असली इम्तिहान बनते हैं, इस बार एक […]

डायनामिक सिटी से दानपुर तक गूंजेगा ‘उगता सूरज’: 26 जुलाई को कोमल चौधरी का रोड शो बदल सकता है कुरैया का चुनावी गणित”

रुद्रपुर, नू जुलाई 2025 | विशेष प्रतिनिधि रिपोर्ट , जिला पंचायत चुनाव प्रत्याशी 14, कुरैया से भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी श्रीमती कोमल चौधरी आगामी 26 जुलाई। , शनिवार को सुबह […]