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धामी सरकार: हिंदुत्व में 100/100, भ्रष्टाचार में भी 100/100 — विरोधाभास की पराकाष्ठा

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्तमान धामी सरकार एक विरोधाभास बनकर उभरी है। हिंदुत्व के…

Saudi Arabia Warning Iran: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा किए गए हमलों ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। इसी पृष्ठभूमि में सऊदी अरब ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है।

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को…

मेष धन हानि और प्रॉपर्टी से जुड़ा नुकसान हो सकता है। विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए शांत रहें। लंबी यात्रा के योग हैं। शेयर मार्केट में निवेश बहुत सोच-समझकर करें, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है।

वृषभपैसे कमाने के लिए मेहनत करेंगे और नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में थोड़ी…

H indu Nav Varsh 2026: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सनातन सभ्यता की जीवंत स्मृति है. इसी पावन दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना का शुभारंभ किया था और कालचक्र को गति दी थी. यह वही दिन है जब प्रकृति स्वयं नवीन वस्त्र धारण करती है, आम्रमंजरी महकने लगती है, खेतों में सरसों की पीली चादर बिछ जाती है और कोयल की कूक दिशाओं को मधुर कर देती है.

भारतीय कालगणना के अनुसार यह दिन नववर्ष का प्रथम प्रहर है जिसे विक्रम संवत के…

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संपादकीय: उत्तराखंड में UCC — समानता की पहल या सामाजिक संतुलन की चुनौती?

संपादकीय: डॉक्टरों की नियुक्ति या घोषणाओं की राजनीति? पहाड़ अब भी इंतज़ार में…

रुद्रपुर,नई दिल्ली। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि पिछले महीने तक सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के 40 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को लगभग 8,800 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं।

उत्तराखंड नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी की गई है। NCERT ने सिलेबस और किताबों में बदलाव का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई को अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाना है।

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संपादकीय: डॉक्टरों की नियुक्ति या घोषणाओं की राजनीति? पहाड़ अब भी इंतज़ार में…

उत्तराखंड,धन सिंह रावत द्वारा 30 नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को मंजूरी—कागज़ों पर यह खबर उम्मीद जगाती है। स्वास्थ्य विभाग…

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रुद्रपुर,नई दिल्ली। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि पिछले महीने तक सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के 40 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को लगभग 8,800 करोड़ रुपये लौटाए जा चुके हैं।

8,800 करोड़ रुपये लौटाए गए अमित शाह ने प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि फरवरी 2026 तक सीआरसीएस- सहारा…

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उत्तराखंड नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूल शिक्षा में बड़े बदलाव की तैयारी की गई है। NCERT ने सिलेबस और किताबों में बदलाव का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य पढ़ाई को अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाना है।

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च 2026 से आरंभ हो रहा है, जिसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दुर्गा की आराधना को समर्पित होता है।

नवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा कर शक्ति की उपासना करते हैं.

19 मार्च, 2026, धार्मिक और ज्योतिषीय, दोनों ही दृष्टिकोणों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होने वाला है। इसका कारण यह है कि इस एक ही दिन कई प्रमुख त्योहार, व्रत और दुर्लभ खगोलीय संयोग एक साथ घटित हो रहे हैं; परिणामस्वरूप, 19 मार्च को ‘सुपर कंजंक्शन’ या ‘महा संयोग’ (*Maha Samyog*) के दिन के रूप में सराहा जा रहा है।

धामी सरकार: हिंदुत्व में 100/100, भ्रष्टाचार में भी 100/100 — विरोधाभास की पराकाष्ठा

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्तमान धामी सरकार एक विरोधाभास बनकर उभरी है। हिंदुत्व के मुद्दे पर, विशेषकर चारधाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक जैसे फैसलों के लिए इसे…

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Saudi Arabia Warning Iran: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान द्वारा किए गए हमलों ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। इसी पृष्ठभूमि में सऊदी अरब ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है।

सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को अपने पड़ोसी देशों पर हमले करने के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने यह भी कहा…

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मेष धन हानि और प्रॉपर्टी से जुड़ा नुकसान हो सकता है। विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए शांत रहें। लंबी यात्रा के योग हैं। शेयर मार्केट में निवेश बहुत सोच-समझकर करें, जल्दबाज़ी नुकसान दे सकती है।

वृषभपैसे कमाने के लिए मेहनत करेंगे और नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में थोड़ी परेशानी रहेगी, लेकिन सोशल स्टेटस में बढ़ोतरी होगी। जो लोग सोशल मीडिया से जुड़े हैं,…

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H indu Nav Varsh 2026: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सनातन सभ्यता की जीवंत स्मृति है. इसी पावन दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना का शुभारंभ किया था और कालचक्र को गति दी थी. यह वही दिन है जब प्रकृति स्वयं नवीन वस्त्र धारण करती है, आम्रमंजरी महकने लगती है, खेतों में सरसों की पीली चादर बिछ जाती है और कोयल की कूक दिशाओं को मधुर कर देती है.

भारतीय कालगणना के अनुसार यह दिन नववर्ष का प्रथम प्रहर है जिसे विक्रम संवत के रूप में मनाया जाता है. सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन शकों को परास्त कर विजय…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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रया ,जागी रया हरेला पर्व मनाते रया , बच रया। दीपा पांडे। लेक सिटी के सदस्यों द्वारा बोया गया हरेला। रिपोर्ट। ललित जोशी / हर्षित जोशी।हिंदुस्तान Global Times/print media,शैल ग्लोबल टाइम्स,

नेनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल लेक सिटी वेलफेयर क्लब द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में 21 टोकरियों में शगुन आंखर के साथ हरेला बो कर हरेला पखवाड़े की शुरुआत की गयी। पर्यावरण […]

रूद्रपुर, 08 जुलाई, 2024/ खटीमा क्षेत्र में वर्षा बाढ़ से भारी जलभराव होने पर मण्डलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी योगेन्द्र सिंह रावत ने खटीमा बाजार, नगला तराई गांव, मेलाघाट जमौट, प्रतापपुर आदि जलभराव क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया

रूद्रपुर, 08 जुलाई, 2024/सू0वि0- खटीमा क्षेत्र में वर्षा बाढ़ से भारी जलभराव होने पर मण्डलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी योगेन्द्र सिंह रावत ने खटीमा बाजार, नगला तराई गांव, मेलाघाट जमौट, प्रतापपुर […]

नीट पेपर लीक मामले में 38 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी हैं. उनमें से ज्यादातर याचिकाएं नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली हैं. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच आज उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने का विरोध किया था. केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा था कि परीक्षा रद्द […]

उत्तराखंड में हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. बारिश की यह लगातार जारी रहने वाली आफत न केवल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, बल्कि नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा रही है.तहसील गदरपुर के नगरपालिका के वार्ड संख्या 11 के लोगो को जलभराव होने के कारण सुरक्षित स्थल पर विस्थापित किया गया।तहसील गदरपुर के नगरपालिका के वार्ड संख्या 11 के लोगो को जलभराव होने के कारण सुरक्षित स्थल पर विस्थापित किया गया।ग्राम तुर्कातीसोर में एक परिवार को अत्यधिक जलभराव के कारण अन्यत्र शिफ्ट किया गया ।

पिछले कुछ दिन से उत्तराखंड के विभिन्न भागों में भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है तथा बद्रीनाथ जाने वाला राजमार्ग कई स्थानों पर पहाड़ी से […]

टीम इंडिया को ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा से भी घातक बल्लेबाज मिल गया है, जिसने अपने तूफानी प्रदर्शन के दम पर भारत की टी20 टीम में ओपनिंग पोजीशन के लिए दावा ठोक दिया है. रोहित शर्मा अब टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं.

टीम इंडिया को मिला गया दूसरा ‘हिटमैन’ अभिषेक शर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में खेले गए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में सिर्फ 46 गेंदों में ही शतक जड़ दिया. […]

2024-25: मोदी 3.0 का पहला बजट कब पेश किया जाएगा ये तो सभी जान गए है लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि बीजेपी के दो बड़े सहयोगियों ने बजट से पहले पीएम मोदी और केंद्र सरकार से भारी भरकम डिमांड कर डाली है।

जानकारी के अनुसार नीतीश और नायडू ने पीएम मोदी से बजट में विशेष सहायता पैकेज की मांग की है। इसके साथ ही राज्य द्वारा लिए जाने वाले कर्ज की सीमा […]

: भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केन्द्र, देहरादून से जारी पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 07-07-2024 से दिनांक 11-07-2024 तक उत्तराखण्ड के जनपदों में कहीं कहीं बहुत भारी से अत्यन्त भारी वर्षा होने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी किये जा रहे बुलेटिन एवं एडवाइजरी के आधार पर जनपद ऊधमसिंह नगर में दिनांक 06.07.2024 की रात्रि से दिनांक 07.07.2024 तक 63 मि०मी० औसत वर्षा दर्ज की गयी है वर्तमान में जनपद में हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान में है, साथ ही पहाड़ी जनपदों में हो रही लगातार वर्षा से नदी-नालों के जलस्तर अधिक से अधिक बढ़ने की सम्भावना के दृष्टिगत आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा-30(2) में प्रदत्त शक्तियों और कृत्य के आधार पर छात्रहित एवं बाल्यहित को देखते हुए (कक्षा 01 से 12 तक संचालित) समस्त राजकीय / परिषदीय / सहायता प्राप्त / मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों एवं समस्त आंगनबाडी केन्द्र का संचालन दिनांक 08.07.2024 (सोमवार) को बन्द रहेगा। अतएव निर्देशित किया जाता है कि समस्त तहसील एवं सम्बन्धित विभाग उक्त आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। यदि कोई विद्यालय उक्त आदेश की अवहेलना करता है तो आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 के अन्तर्गत उनके विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। दिनांक 07 जुलाई 2024 (उदय राज सिंह) जिलाधिकारी/अध्यक्ष, जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, ऊधमसिंह नगर। कार्यालय जिलाधिकारी, ऊधम सिंह नगर। जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण एवं आपातकालीन परिचालन केन्द्र, ऊधम सिंह नगर। दूरभाष 40 05044-250250/250719 फैक्स नं0 290103 टोल की 10 1077 email.ddmausn@gmail.com दिनांक 07 जुलाई 2024 पत्र संख्या-२/०4/आ०प्र० प्रा०/ आदेश/2024-25 प्रतिलिपिः- 01-सचिव, आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास, उत्तराखण्ड शासन देहरादून। 02-महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तराखण्ड शाासन, देहरादून। 03. निम्नांकित को अनुपालनार्थः- 01. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंह नगर। 02. मुख्य विकास अधिकारी, ऊधमसिंह नगर। 03. मुख्य चिकित्साधिकारी, ऊधमसिंह नगर। 04. समस्त उपजिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर। 05. मुख्य शिक्षा अधिकारी, ऊधमसिंह नगर। 06. जिला शिक्षा अधिकारी, बेसिक / माध्यमिक, ऊधमसिंह नगर। 07. जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास, ऊधमसिंह नगर। 08. समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, ऊधमसिंह नगर। 09. समस्त प्रधानाचार्य / प्रधानाध्यापक, जनपद ऊधमसिंह नगर। 10. जिला सूचना अधिकारी, ऊधमसिंह नगर को इस निर्देश के साथ प्रेषित कि जनहित के दृष्टिगत प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से उक्त आदेश का निःशुल्क प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी/अध्यक्ष, जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, ऊधमसिंह नगर।

रूद्रपुर, 04 जुलाई, 2024/सू0वि0- नीति आयोग भारत सरकार द्वारा आकांक्षी जनपद एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अन्तर्गत एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में ‘सम्पूर्णता अभियान‘ का शुभारम्भ जिलाधिकारी उदयराज सिंह व राज्य आंदोलनकारी अवतार सिंह बिष्ट के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया । जिला अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न कार्यक्रम में समस्त अधिकारियों को जिलाधिकारी द्वारा 6 सूचकांकों की संतृप्तता हेतु प्रतिज्ञा दिलायी गई। मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार के द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया व कार्यक्रम हेतु अपने विचार व्यक्त करने का आग्रह किया गया। मुख्य अतिथि अरविंद पांडेय (विधायक गदरपुर) ने आयोजन में सभी को प्रेरित किया कि कैसे हम सभी मिलकर एक बदलाव ला सकते हैं, साथ ही संपूर्णता अभियान को सफलता पूर्वक तीन माह के अंतराल में जन जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गदरपुर को आकांक्षी ब्लॉक में चयनित किया गया है इस क्षेत्र को संपूर्णता अभियान के माध्यम से अन्य विकासशील व विकसित ब्लॉक के समकक्ष लाया जा सकेगा। नीति आयोग से चंद्रमणि पालीवाल ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार रखे। जिलाधिकारी ने बताया कि नीति आयोग द्वारा 4 जुलाई से 30 सितंबर 2024 तक 3 महीने का ‘सम्पूर्णता अभियान‘ आरंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य देश भर के आकांक्षी जिलों में 6 प्रमुख संकेतकों और आकांक्षी ब्लॉकों में 6 प्रमुख संकेतकों की परिपूर्णता अर्जित करने के लिए निरंतर प्रयास करना है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत आकांक्षी जिलों में 6 संकेतकों में मासिक लक्ष्य बनाते हुए योजनानुसार कार्य किया जाना है इन संकेतकों में पहली त्रैमासिक अवधि के दौरान प्रसवपूर्व देखभाल के लिए पंजीकृत गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत, आईसीडीएस कार्यक्रम के अंतर्गत नियमित रूप से पूरक पोषण लेने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत, पूर्णतः प्रतिरक्षित बच्चों का प्रतिशत (9-11 माह) , वितरित मृदा स्वास्थ्य कार्डों की संख्या, माध्यमिक स्तर पर कार्यात्मक विद्युत सुविधा वाले विद्यालयों का प्रतिशत, शैक्षणिक सत्र शुरू होने के एक महीने के भीतर बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने वाले स्कूलों का प्रतिशत को शत-प्रतिशत बनाना है साथ ही जिन क्षेत्रों में जनपद अच्छा प्रदर्शन कर रहा है उनके शत-प्रतिशत को भी सतत बनाये रखना है। उन्होंने कहा कि जिला व ब्लॉक के सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि तीन माह के रोस्टर के हिसाब से ही इस अभियान को पूरा किया जाएगा इस हेतु रणनीति के साथ सभी को कार्य करना है। सहायक परियोजना निदेशक संगीता आर्य ने पीपीटी द्वारा इस अभियान की तीन माह की प्लानिंग को साझा करते हुए बताया कि हर विभाग की साझेदारी इंडीकेटर्स को 100 प्रतिशत पूरा करने के लिए जरूरी है। नीति आयोग की सहयोगी संस्था पीरामल फाउंडेशन की टीम ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपना सहयोग दिया। पीरामल फाउंडेशन की अभिलाषा ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में उपस्थित राज्य आंदोलनकारी अवतार सिंह बिष्ट ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री का मानना है कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड राज्य का दशक होगा। इसे साकार करने हेतु मा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सशक्त उत्तराखण्ड बनाने का लक्ष्य रखा है, जो कि उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने के क्रम में सरकार का सराहनीय कदम है । कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति से यह बताया गया कि सरकार की नीतियों का लाभ उठाने के लिए उसकी जानकारी कितनी जरूरी है और इसलिए हम सभी का जागरूक होना अति आवश्यक है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, नीति आयोग सलाहकार चन्द्रमणी पालीवाल, उ.ख. राज्य आंदोलकारी अवतार सिंह बिष्ट, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, एपीडी संगीता आर्या, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. एके वर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. राजपूत, हरेन्द्र कुमार मिश्रा, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी, आशा कार्यकत्रियां आदि उपस्थित थीं। ————- जिला सूचना अधिकारी, ऊधम सिंह नगर।

नीति आयोग ने आज ‘सम्पूर्णता अभियान’ शुरू किया। इसमें देश भर के नागरिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी देखी गई। सभी 112 आकांक्षी जिलों और 500 आकांक्षी ब्लॉकों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। 4 जुलाई से 30 सितंबर 2024 तक चलने वाले तीन महीने के इस व्यापक अभियान का लक्ष्य सभी आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में 12 प्रमुख सामाजिक क्षेत्रों में संकेतकों की शत-प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त करना है।

स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, सामाजिक विकास और शिक्षा जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए 4 जुलाई से 30 सितंबर, 2024 तक 3 महीने का अभियान नीति आयोग ने आज ‘सम्पूर्णता […]

500 आकांक्षी ब्लॉकों और 112 आकांक्षी जिलों में 12 प्रमुख सामाजिक क्षेत्र संकेतकों में संतृप्ति प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है।

नीति आयोग नीति आयोग ने ‘सम्पूर्णता अभियान’ शुरू किय 500 आकांक्षी ब्लॉकों और 112 आकांक्षी जिलों में 12 प्रमुख सामाजिक क्षेत्र संकेतकों में संतृप्ति प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करते […]