उत्तराखण्ड

View All

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च 2026 से आरंभ हो रहा है, जिसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दुर्गा की आराधना को समर्पित होता है।

नवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा कर शक्ति की उपासना करते हैं.

ईरान के एकमात्र एक्टिव न्यू्क्लियर पावर प्लांट बुशहर के पास मंगलवार (17 मार्च 2026) की शाम प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की बात यह है कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ.

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इज़रायल ने अमेरिका को गुप्त रूप से चेतावनी दी है कि ईरान की सत्ता पर पकड़ अभी भी बेहद मज़बूत है। जहाँ एक ओर इज़रायल सार्वजनिक रूप से ईरानी जनता को विद्रोह के लिए उकसा रहा है, वहीं निजी तौर पर उसका मानना है कि किसी भी बड़े जन-आंदोलन का अंत भयानक ‘नरसंहार’ (Massacre) के रूप में हो सकता है।

देश

View All

देहरादून: यूटीयू में सूफी कव्वाली की सुरमयी शाम, नियाज़ी ब्रदर्स ने बांधा समां

देहरादून, 18 मार्च 2026 (बुधवार)।वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में SPIC MACAY के…

शास्त्रसम्मत है 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ – पंडित त्रिलोचन पनेरू कृष्णात्रेयनव! संवत्सर 2083 ‘रौद्र’: परंपरा, तर्क और समय का संकेत

रुद्रपुर/विशेष।जब पूरी दुनिया ग्रेगोरियन कैलेंडर के नए साल के शोर में खो जाती है, तब…

संपादकीय: उत्तराखंड में UCC — समानता की पहल या सामाजिक संतुलन की चुनौती?

उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल…

संपादकीय: डॉक्टरों की नियुक्ति या घोषणाओं की राजनीति? पहाड़ अब भी इंतज़ार में…

उत्तराखंड,धन सिंह रावत द्वारा 30 नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को मंजूरी—कागज़ों पर यह खबर…

दुनिया

View All

नवरात्रि 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह पर्व मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, जिसमें श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर और विधि-विधान से पूजा कर शक्ति की उपासना करते हैं.

19 मार्च, 2026, धार्मिक और ज्योतिषीय, दोनों ही दृष्टिकोणों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होने वाला है। इसका कारण यह है कि इस एक ही दिन कई प्रमुख त्योहार, व्रत और दुर्लभ खगोलीय संयोग एक साथ घटित हो रहे हैं; परिणामस्वरूप, 19 मार्च को ‘सुपर कंजंक्शन’ या ‘महा संयोग’ (*Maha Samyog*) के दिन के रूप में सराहा जा रहा है।

ईरान के एकमात्र एक्टिव न्यू्क्लियर पावर प्लांट बुशहर के पास मंगलवार (17 मार्च 2026) की शाम प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की बात यह है कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ.

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इज़रायल ने अमेरिका को गुप्त रूप से चेतावनी दी है कि ईरान की सत्ता पर पकड़ अभी भी बेहद मज़बूत है। जहाँ एक ओर इज़रायल सार्वजनिक रूप से ईरानी जनता को विद्रोह के लिए उकसा रहा है, वहीं निजी तौर पर उसका मानना है कि किसी भी बड़े जन-आंदोलन का अंत भयानक ‘नरसंहार’ (Massacre) के रूप में हो सकता है।

Express News

View All

ईरान के एकमात्र एक्टिव न्यू्क्लियर पावर प्लांट बुशहर के पास मंगलवार (17 मार्च 2026) की शाम प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला किया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि राहत की बात यह है कि प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई भी कर्मचारी घायल नहीं हुआ.

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग तीसरे हफ्ते में पहुंच चुकी है.…

Read More

पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इज़रायल ने अमेरिका को गुप्त रूप से चेतावनी दी है कि ईरान की सत्ता पर पकड़ अभी भी बेहद मज़बूत है। जहाँ एक ओर इज़रायल सार्वजनिक रूप से ईरानी जनता को विद्रोह के लिए उकसा रहा है, वहीं निजी तौर पर उसका मानना है कि किसी भी बड़े जन-आंदोलन का अंत भयानक ‘नरसंहार’ (Massacre) के रूप में हो सकता है।

इज़रायल के शीर्ष अधिकारियों की एक कड़ी चेतावनी ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के केंद्र में मौजूद एक…

Read More

ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है.

फौजी मटकोटा में गूंजेगा मां भुवनेश्वरी का जयकारा, 14 अप्रैल को पहुंचेगी दिव्य डोली

सनातन चिंतन को नई दिशा देता “सृष्टिदर्शन”: गुरुग्राम में भव्य विमोचन

उत्तराखंड,चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड 23 मार्च से बनने शुरू हो जाएंगे। दुर्घटना नियंत्रण के लिए ग्रीन कार्ड बनाने को वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर परिवहन विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतने का दावा कर रहा है।

देहरादून: यूटीयू में सूफी कव्वाली की सुरमयी शाम, नियाज़ी ब्रदर्स ने बांधा समां

देहरादून, 18 मार्च 2026 (बुधवार)।वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में SPIC MACAY के तत्वावधान में आयोजित सूफी कव्वाली कार्यक्रम ने पूरे परिसर को सुर और आध्यात्मिकता से सराबोर…

Read More

शास्त्रसम्मत है 19 मार्च से नवरात्रि प्रारंभ – पंडित त्रिलोचन पनेरू कृष्णात्रेयनव! संवत्सर 2083 ‘रौद्र’: परंपरा, तर्क और समय का संकेत

रुद्रपुर/विशेष।जब पूरी दुनिया ग्रेगोरियन कैलेंडर के नए साल के शोर में खो जाती है, तब सनातन संस्कृति का वास्तविक नववर्ष—चैत्र शुक्ल प्रतिपदा—एक गहरे आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संदेश के साथ…

Read More

संपादकीय: उत्तराखंड में UCC — समानता की पहल या सामाजिक संतुलन की चुनौती?

उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल जरूर की है, लेकिन इस कानून के प्रभाव अब धीरे-धीरे समाज की गहराइयों में दिखने…

Read More

संपादकीय: डॉक्टरों की नियुक्ति या घोषणाओं की राजनीति? पहाड़ अब भी इंतज़ार में…

उत्तराखंड,धन सिंह रावत द्वारा 30 नए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को मंजूरी—कागज़ों पर यह खबर उम्मीद जगाती है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे पर्वतीय जिलों में चिकित्सा सेवाएं…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

होठों पर लिपस्टिक, माथे पर बिंदी, और लेडीज के कपड़े पहनने के बाद फुल मेकअप करने के बार एक अफसर ने ऐसा खतरनाक कदम उठाया कि हर कोई सन्न रह गया। परिजनों और पुलिस को भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि कोई शादीशुदा आदमी ऐसा

उ त्तराखंड के उधमसिंहनगर जिले में पंतनगर एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल टीम में कार्यरत असिस्टेंट मैनेजर आशीष चौंसाली ने रविवार रात संदिग्ध हालात में आत्महत्या कर ली। सरकारी आवास […]

लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो चुका है और बुधवार को लोकसभा के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा. विपक्षी इंडिया गठबंधन लोकसभा का उपाध्यक्ष पद मांग रहा है, जिसे न मिलने पर स्पीकर के पद पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है.

भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन विपक्ष से समझौते के मूड में नहीं दिख रहा है. ऐसे में अगर लोकसभा के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की नौबत आती है तो […]

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में जनपद ऊधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा स्थित शहीद स्थल पर शेड्स के निर्माण के लिए 66 लाख रुपए की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकासखंडवार हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के टॉपर 5-5 छात्र-छात्राओं को भारत दर्शन-शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में सम्मिलित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। पहले यह संख्या विकासखंडवार […]

नैनीताल,राजभवन के अधिकारियों व कर्मचारियों की समस्या मेरी समस्या है।

महामहिम राज्यपाल गुरमीत सिंह। राजभवन के 125 वर्ष पूर्ण होने पर कही यह बात। रिपोर्ट। ललित जोशी / हर्षित जोशी। हिंदुस्तान Global Times/शैल Global Times, नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में […]

काशीपुर, 24जून 2024 उत्तराखंड सरकार के वित्त एवं शहरी विकास एव आवास , विधायी एव संसदीय कार्य मंत्री प्रेम चन्द्र अग्रवाल ने आज सोमवार अपने जनपद भ्रमण के दौरान काशीपुर पहुंचकर निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया।

हिंदुस्तान Global Times/शैल Global Times /Avtar Singh Bisht ,रुद्रपुर, उत्तराखंड निरीक्षण के दौरान मंत्री जी ने अधिशासी अभियंता पेयजल निगम शिवम द्विवेदी से कार्य की धीमी गति होने पर नाराजगी […]

देवभूमि में चारधाम की भांति अब मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के तीर्थाटन, पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मंदिरों और धार्मिक स्थलों को संवारने के लिए सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है।

हिंदुस्तान Global Times/शैल Global Times /Avtar Singh Bisht ,रुद्रपुर, उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस मिशन के अंतर्गत प्रथम चरण में 16 में नौ मंदिरों […]

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर आज कल्याणी व्यू स्थित सेपक टकरा अकादमी में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस धूमधाम से मनाया गया तथा सेपक टकरा मैच का आयोजन किया गया तथा खिलाड़ियों ने केक काटकर मैच का शुभारंभ किया जिला उधम सिंह नगर ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ नागेंद्र शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड प्रदेश में आने वाले समय में राष्ट्रीय खेल प्रस्तावित है जिस तरह ओलंपिक में सभी देशों की टीमें भाग लेती है इस तरह जब उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल होंगे उसमें पूरे भारतवर्ष की विभिन्न प्रदेशों के विभिन्न खेलों की टीमों का भी एक मिनी ओलंपिक होगा उक्त अवसर पर भूपेश दुमका प्रोफेसर डीडी जोशी अंकुश रौतेला योगेश पांडे चेतन भट्ट प्रगति दुमका कशिश शर्मा श्वेता भाकुनी पवन सिंह बिष्ट दीपक अधिकारी राहुल जोशी शुभम नेगी संजय शाह राजेश कुमार शुभ श्रीवास्तव सचिन पांडे सहित अनेको खिलाड़ियों अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाया ओलंपिक दिवस के अवसर पर आयोजित मैच में कल्याणी व्यू स्थित सेपक टकरा अकादमी ने रुद्रपुर की टीम को 3-0 से पराजित किया l हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स। अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर, उत्तराखंड

रूद्रपुर, 23 जून, जिलाधिकारी/प्रशासक नगर निगम उदयराज सिंह द्वारा ट्रेंचिग ग्राउड लीगेसी वेस्ट एवं निस्तारण की प्रगति का स्थलीय मौका मुआयना किया।निरीक्षण दौरान उन्होंने 30 जून तक डंपिंग साइड लिगेसी वेस्ट को निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा लीगेसी वेस्ट निस्तारण की नियमित फोटोग्राफी की जाये ,जिससे डम्पिंग साईट के लिगेसी वेट निस्तारण का वास्तविक स्थिति का आंकलन हो सके। जिलाधिकारी ने कूड़ा निस्तारण हेतु सभी कार्य वैज्ञानिक तरीके से करने तथा एनजीटी के मानकों के अनुसार करने के निर्देश दिए । जिलाधिकारी द्वारा ट्रंचिग ग्राउण्ड में अवसेश एकत्रित लीगेसी वेस्ट के निस्तारण से प्राप्त आर०डी०एफ० के निस्तारण करने व अनुबन्धित फर्म मै० दयाचरन एण्ड कम्पनी को आगामी 30 जून तक अनिवार्य रूप से टार्चिंग स्थल से आर०डी०एफ० को हटाते हुए जी०पी०एस० ट्रैकिंग के साथ उक्त निस्तारण की रिर्पाेट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपनगर आयुक्त शिप्रा जोशी व अनुबंधित फर्म के मेंनेजर आदि उपस्थित थे।

रूद्रपुर, 23 जून, महामहिम राज्यपाल उत्तराखण्ड ले.जन. (रिट.) गुरमीत सिंह अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण दौरान रविवार को निर्धारित समय श्री नानकमत्ता साहिब पहुंचे। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पहुंचने पर महामहिम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गुरुद्वारा कमेटी द्वारा राज्यपाल महोदय को स्मृति चिन्ह व शरोपा भेंट किया । राज्यपाल महोदय ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब मै मत्था टेका व प्रदेश की सुख समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की । इसके बाद राज्यपाल महोदय ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यो से वार्ता भी की। इस दौरान अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक चंद्र शेखर घोड़के, एएसपी मनोज कत्याल,एडीएम रविन्द्र जुवाठ। ,पूर्व विधायक Dr प्रेम सिंह राणा, प्रबंधक रंजीत सिंह , प्रधान जोगेंद्र सिंह संधू,अमरजीत सिंह,किसान आयोग उपा राजपाल सिंह,गुरदयाल सिंह,खुसवंत सिंह, खुसवत सिंह भुल्लर आदि मौजूद थे। इसके उपरांत राज्यपाल महोदय ने नानकमत्ता से कार द्वारा जनपद नैनीताल के लिए प्रस्थान किया । हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स। अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर, उत्तराखंड ————————————————–

*पंतनगर/ रुद्रपुर , 23 जून, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह(से नि) ने जनपद भ्रमण के दौरान जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर स्थित तराई अतिथि गृह में देर साय: जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी उदय राज सिंह ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए अभिनव कार्यों एवं चुनौतियों को राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने बताया कि किस प्रकार विभिन्न केंद्र एवं राजकीय योजनाओं के माध्यम से सम्पूर्ण जनपद को लाभान्वित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि रूद्रपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत नजूल भूमि पर लाभार्थियों को मालिकाना हक देने हेतु उन्हें “सरकार आपके द्वार” योजना के अंतर्गत प्रशासन द्वारा उनके घर घर जाकर सुविधाएं प्रदान की गई, जिस पर राज्यपाल ने हर्ष व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टी. सी. ने विस्तार से जनपद की पुलिस क्रिया कलापों का विवरण दिया। डॉ मंजूनाथ टी सी ने बताया कि जनपद में बढ़ते अपराधों को रोकने के सीसीटीवी नेटवर्क का जाल विस्तृत रूप से फैलाया गया है, और जिसकी निगरानी केंद्रीयकृत माध्यम से की जा रही है। उन्होंने जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उधम सिंह नगर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्य उल्लेखनीय हैं। उन्होंने कहा कि उधम सिंह नगर उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं क्षेत्र का प्रवेश द्वार है एवं साथ ही यह जनपद उत्तर प्रदेश राज्य के पांच जनपदों के साथ भी अपनी सीमा साझा करता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानसखंड मंदिर माला परियोजना आकार ले रही है, उस से आने वाले समय में उधम सिंह नगर में भी श्रद्धालुओं और यात्रियों की आमद निश्चित रूप से बढ़ेगी। राज्यपाल ने कहा कि अभी से ही जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए आधारभूत संरंचाओं के विकास को बढ़ावा देने की ओर ध्यान देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से हेलीपैड निर्माण जैसे कार्यों को संपन्न कराना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंतनगर हवाई अड्डा, अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने जा रहा है, केंद्र सरकार की इस पहल से कुमाऊं क्षेत्र में ना सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा अपितु साथ ही औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में संपूर्ण विश्व कुछ वैश्विक चुनौतियों से निपटने की तैयारियों में जुटा हुआ है, जिसमें तापमान की बढ़ोतरी, भूमिगत जल का गिरना, वनाग्नि और आधुनिक शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाएं अहम हैं। राज्यपाल ने कहा कि जिस प्रकार उधम सिंह नगर जिला प्रशासन द्वारा यह सभी कार्य किए गए हैं, तो यह भी आवश्यक है कि इसको सही माध्यम में उल्लेखित किया जाए साथ ही इन कार्यों का उचित प्रचार एवं प्रसार भी किया जाए, इस हेतु राज्यपाल ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक एक कॉफी टेबल बुक बनाने के भी निर्देश दिए, जिस से उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी अन्य जिलों को भी प्राप्त हो सके। इस अवसर पर जिलाधिकारी उदय राज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा मंजुनाथ टीसी, सीडीओ मनीष कुमार सहित जनपद के सभी नगर निगमों के नगर आयुक्त, जल संस्थान एवं पेयजल निगम के महाप्रबंधक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता सहित जनपद के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स। अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर, उत्तराखंड