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फौजी मटकोटा में गूंजेगा मां भुवनेश्वरी का जयकारा, 14 अप्रैल को पहुंचेगी दिव्य डोली

रुद्रपुर। आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम आगामी दिनों में फौजी मटकोटा स्थित दश महाविद्या…

सनातन चिंतन को नई दिशा देता “सृष्टिदर्शन”: गुरुग्राम में भव्य विमोचन

गुरुग्राम में आयोजित “सचेतना तृतीय वार्षिकोत्सव- सनातन साहित्य सम्मान एवं समागम” के ऐतिहासिक अवसर पर…

उत्तराखंड,चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड 23 मार्च से बनने शुरू हो जाएंगे। दुर्घटना नियंत्रण के लिए ग्रीन कार्ड बनाने को वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर परिवहन विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतने का दावा कर रहा है।

बाहरी राज्यों के 12 सीट से अधिक श्रेणी के वाहनों का ग्रीन कार्ड केवल 15…

इस साल, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने वाली है। इस भव्य त्योहार की शुरुआत पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की रस्म के साथ होगी। नवरात्रि के उत्सव 27 मार्च को महानवमी के साथ समाप्त होंगे।

हालाँकि, इस साल नवरात्रि की शुरुआत एक काफी दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ हो रही…

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देहरादून में ‘फ्यूचर कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी’ पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारम्भ, राष्ट्रीय सम्मेलन का पोस्टर भी जारी

रामनगर में UKD की संगठनात्मक बैठक, नए पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने यहां कथित जासूसी नेटवर्क और सूचना लीक करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने रविवार को कहा कि अब तक सूचनाएं लीक करने वाले 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मनों के साथ जानकारी साझा करने का आरोप है.

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

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रामनगर में UKD की संगठनात्मक बैठक, नए पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

रामनगर (नैनीताल)। 61 विधानसभा क्षेत्र रामनगर में उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के संगठन को मजबूती देने के उद्देश्य से स्थानीय…

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देव होम्स कॉलोनी में बदहाल सड़कें और घटिया निर्माण से residents परेशान? रेरा की मुहर के पीछे छिपा खेल—देव होम्स में घटिया निर्माण पर कब होगी कार्रवाई

काशीपुर मुख्य हाईवे से बिंदुखेड़ा और देव होम्स कॉलोनी को जोड़ने वाली सड़कों की जर्जर हालत से स्थानीय निवासी लंबे…

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मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 20 मार्च तक कराने के निर्देश, तहसीलदार रुद्रपुर होंगे निर्वाचन अधिकारी

मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 20 मार्च तक कराने के निर्देश, तहसीलदार रुद्रपुर होंगे निर्वाचन अधिकारी

हनीट्रैप कर युवक से लूटपाट: अश्लील वीडियो बनाकर 50 लाख की फिरौती मांगने की साजिश, 6 आरोपी गिरफ्तार

देहरादून में 22 मार्च को सीनियर राष्ट्रीय जिम्नास्टिक चैंपियनशिप के लिए ट्रायल

फौजी मटकोटा में गूंजेगा मां भुवनेश्वरी का जयकारा, 14 अप्रैल को पहुंचेगी दिव्य डोली

रुद्रपुर। आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम आगामी दिनों में फौजी मटकोटा स्थित दश महाविद्या जग जननी मां भुवनेश्वरी देवी मंदिर में देखने को मिलेगा। मंदिर प्रांगण में मां भुवनेश्वरी…

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सनातन चिंतन को नई दिशा देता “सृष्टिदर्शन”: गुरुग्राम में भव्य विमोचन

गुरुग्राम में आयोजित “सचेतना तृतीय वार्षिकोत्सव- सनातन साहित्य सम्मान एवं समागम” के ऐतिहासिक अवसर पर साहित्यिक जगत को एक महत्वपूर्ण दार्शनिक कृति प्राप्त हुई। साहित्यिक सचेतना मंच के संस्थापक एवं…

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उत्तराखंड,चारधाम यात्रा के लिए व्यावसायिक वाहनों के ग्रीन कार्ड 23 मार्च से बनने शुरू हो जाएंगे। दुर्घटना नियंत्रण के लिए ग्रीन कार्ड बनाने को वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर परिवहन विभाग इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरतने का दावा कर रहा है।

बाहरी राज्यों के 12 सीट से अधिक श्रेणी के वाहनों का ग्रीन कार्ड केवल 15 दिन का बनेगा, जबकि उत्तराखंड के वाहनों का ग्रीन कार्ड हर बार की तरह पूरे…

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इस साल, चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने वाली है। इस भव्य त्योहार की शुरुआत पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की रस्म के साथ होगी। नवरात्रि के उत्सव 27 मार्च को महानवमी के साथ समाप्त होंगे।

हालाँकि, इस साल नवरात्रि की शुरुआत एक काफी दुर्लभ खगोलीय संयोग के साथ हो रही है। पहले दिन-यानी घटस्थापना के दिन-का समय पंचक और *खरमास* दोनों के प्रभाव में रहेगा।…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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किच्छा:- लोकसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक विजय एवं सांसद अजय भट्ट जी के पुनः 3 लाख से अधिक मतों की विजय पर किच्छा ग्रामीण मंडल के कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, वरिष्ठ भाजपा नेता विपिन जल्होत्रा एवं मंडल अध्यक्ष अक्षय अरोड़ा के साथ मिष्ठान वितरित कर एवं आतिशबाजी कर खुशी मनाइ।पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि लोकसभा चुनाव में एनडीए की यह ऐतिहासिक विजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों पर जनता जनार्दन के अटल विश्वास की जीत है, विकसित भारत का हमारा ध्येय लगातार तीसरे कार्यकाल में नए आयाम प्राप्त करेगा। सेवा, सुशासन और विकास का संकल्प लेकर अंत्योदय का हमारा प्रण देश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त करने के साथ ही उनके आत्मविश्वास को नए पंख देगा। भारत की राजनीति अब नए युग में प्रवेश कर रही है, जहां देश की जनता ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण को नकार कर विकासवाद और राष्ट्रवाद को चुना है। यह विजय भारत के जन-जन की विजय व पुनर्जागरण की विजय है। 1962 के बाद पहली बार कोई सरकार अपने दो कार्यकाल पूरे करने के बाद तीसरी बार वापस आई है, राज्यों में जहां भी विधानसभा के चुनाव हुए वहां पर एनडीए को भव्य विजय मिली है चाहे वो अरुणाचल प्रदेश हो, आंध्र प्रदेश हो, उड़ीसा हो या फिर सिक्किम।कहा कि चाहे चुनाव की बेला हो, देश का नेतृत्व करने की बात हो और देश की को समस्याओं से निकालने की बात हो- मोदी जी ने हमेशा देश और देश की जनता को आगे बढ़ने का काम किया है।पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि विपक्ष द्वारा पूरे चुनाव यह भ्रम फैलाया गया कि सांसद अजय भट्ट जी द्वारा विकास कार्य नहीं किया गया है लेकिन जनता ने 3 लाख से अधिक के अंतर से अजय भट्ट जी को जीताकर यह साबित किया कि क्षेत्र का विकास भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। प्रदेश व देश की डबल इंजन की सरकार के कार्यों पर जनता ने मोहर लगाकर प्रदेश की पांचो सीटें भाजपा की झोली में डालने का काम किया है, इस ऐतिहासिक विजय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बधाई के पात्र हैं।किच्छा की जनता ने अजय भट्ट जी को ऐतिहासिक मतों से विजई बनाकर किच्छा में झूठ-फरेब की राजनीति को नकार दिया है।मिष्ठान वितरण एवं आतिशबाजी कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष राजेश तिवारी, जिला मंत्री किसान मोर्चा धीरज सिंह, मंडल महामंत्री बलजीत गाबा और सुशील यादव, व्यापार मंडल अध्यक्ष बिट्टू हुलिया, अमित महान, अमृतपाल सिंह, राजेश कश्यप, मन्नू पाल, अबरार अहमद, मोहित भारद्वाज, अमित कश्यप, रवीना गंगवार, अखिलेश यादव, मनीष पांडे, नीरज द्विवेदी समेत समस्त ग्रामीण मण्डल कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बहुमत से बहुत पीछे I.N.D.I.A. गठबंधन, फिर भी सरकार बना सकती है कांग्रेस, जानें कैसे?2024 लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझानों ने हर किसी को चौंकाकर रख दिया है. 400 पार का नारा लगाने वाली बीजेपी अकेले दम पर बहुमत लाने में नाकाम साबित हो रही है तो पूरी एनडीए मिलकर भी बमुश्किल 300 पार पहुंच पा रही है. इन नतीजों ने अगर किसी को खुशी दी है तो वह है I.N.D.I.A. गठबंधन. रुझानों के हिसाब से 225 सीटों पर अटका इंडिया गठबंधन वैसे तो बहुमत से काफी पीछे है, लेकिन कांग्रेस फिर भी सत्ता में काबिज हो सकती है. जानते हैं कि पंजा कैसे अपनी पावर दिखाए कि सत्ता का समीकरण उसके पक्ष में आ जाए?

2024 लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझानों ने हर किसी को चौंकाकर रख दिया है. 400 पार का नारा लगाने वाली बीजेपी अकेले दम पर बहुमत लाने में नाकाम […]

भारत के आम चुनाव के नतीजों में बीजेपी बहुमत से पीछे रह गई है.

अब नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के सहारे ही बीजेपी सत्ता में रह सकती है. बीजेपी को 240 सीटें मिली हैं. सरकार बनाने के लिए 272 के आँकड़े चाहिए. एनडीए […]

लोकसभा चुनाव में 44 उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। उत्तराखंड लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के अलावा सिर्फ निर्दलीय बॉबी पंवार ही जमाहिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड

प्रदेश में इस बार लोकसभा चुनाव में 55 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे थे। लोकसभा चुनाव में जमानत बचाने के लिए प्रत्याशी को कुल वैध मतों का छठा हिस्सा प्राप्त करना […]

2024: मोदी के सामने लगातार तीसरी बार ढेर हो गई कांग्रेस, इन मोर्चों पर भारी पड़ी कमजाेर तैयारी

Uttarakhand Lok Sabha Election Result 2024: आखिर वही हुआ, जिस कारण उत्तराखंड में कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वयं लोकसभा चुनाव के संग्राम में कूदने से झिझक रहे थे। प्रदेश में […]

लोकसभा की पांचों सीटों पर जीत की हैट्रिक लगाने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धमक भी दिखाई दी। चुनाव का एलान होने से पहले से लेकर प्रचार के आखिरी दिन तक समर में जनसभाएं, रोड शो और जनसंपर्क अभियान में जुटे रहे।

उनकी सक्रियता का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड में ही उन्होंने 109 से अधिक जनसभाएं कीं। मुख्यमंत्री की किरदार में जहां उन्होंने सख्त प्रशासक के […]

कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन ने पूरे देश में बेहतर प्रदर्शन किया, दूसरी तरफ उत्तराखंड में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला है।

कांग्रेस के अंदरखाने एक बार फिर टिकट बंटवारे से लेकर बड़े नेताओं को लेकर नाराजगी सामने आने लगी है। जिसका असर कुछ दिनों बाद खुलकर भी सामने आ सकता है। […]

गढ़वाल संसदीय सीट पर उजड़ी सल्तनत को संवारने और अजेय दुर्ग पर भगवा बुलंद रखने के बीच जो जंग थी उसे भाजपा ने फिर जीत लिया। वह एक लाख 63 हजार 503 मतों से विजयी हुए। इस जंग में बेशक 13 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी थी, लेकिन मुख्य मुकाबला कांग्रेस के गणेश गोदियाल और भाजपा के अनिल बलूनी के बीच ही होता दिखा।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड चुनाव जीतने के बाद उन्होंने कहा कि मैं गढ़वाल के सम्मानित मतदाताओं का हृदय से […]

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एनडीए की जीत पर बधाई दी है और प्रदेश की जनता का भी आभार जताया है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि उत्तराखंड में पीएम मोदी का जादू काम कर गया.हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /प्रिंटिंग मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स /संपादक अवतार सिंह बिष्ट , रूद्रपुर, उत्तराखंड

उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- जनकल्याणकारी योजनाओं से एनडीए को मिली निर्णायक जीत पर सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई. जनता जनार्दन से मिले अपार स्नेह, समर्थन और आशीर्वाद […]

लोकसभा की टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट पर मतदाताओं ने इस बार भी राज परिवार पर ही विश्वास बनाए रखा। टिहरी राज परिवार से ताल्लुक रखने वाली भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह ने 53.66 प्रतिशत मत हासिल कर यहां लगातार चौथी जीत दर्ज की।

यद्यपि, इस बार उनके मत प्रतिशत में गिरावट आई है। पिछली बार उन्हें 64.53 मत प्राप्त हुए थे। वह 2012 के उपचुनाव में जीत दर्ज करने के बाद से इस […]