Breaking News

उत्तराखण्ड

View All

देश

View All

हनीट्रैप कर युवक से लूटपाट: अश्लील वीडियो बनाकर 50 लाख की फिरौती मांगने की साजिश, 6 आरोपी गिरफ्तार

रुद्रपुर,नानकमत्ता/जनपद ऊधमसिंहनगर के नानकमत्ता क्षेत्र में हनीट्रैप के जरिए युवक को फंसाकर लूटपाट और ब्लैकमेल…

देहरादून में 22 मार्च को सीनियर राष्ट्रीय जिम्नास्टिक चैंपियनशिप के लिए ट्रायल

रुद्रपुर,देहरादून।जिमनास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली सीनियर राष्ट्रीय जिम्नास्टिक चैंपियनशिप के…

यूसीसी और आरक्षण नीति पर शिवसेना का प्रदर्शन, रुद्रपुर में पैदल मार्च कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

रुद्रपुर।शिवसेना कुमाऊँ मंडल के नेतृत्व में सोमवार को रुद्रपुर के गांधी पार्क में यूसीसी और…

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने यहां कथित जासूसी नेटवर्क और सूचना लीक करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने रविवार को कहा कि अब तक सूचनाएं लीक करने वाले 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मनों के साथ जानकारी साझा करने का आरोप है.

रादान के मुताबिक इन मामलों में करीब 250 गंभीर श्रेणी के हैं, जिनमें ऐसे लोग…

दुनिया

View All

Express News

View All

महापौर विकास शर्मा ने देवेंद्र शाही व विक्रांत फुटेला के साथ मेट्रोपोलिस सिटी गेट नंबर-1 का किया उद्घाटन?मेयर विकास शर्मा ने मेट्रोपोलिस सिटी के गेट नंबर-1 का किया उद्घाटन, कॉलोनीवासियों में उत्साह

रुद्रपुर। शहर की प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में रविवार को एक भव्य समारोह के बीच मुख्य प्रवेश द्वार गेट…

Read More

मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव 20 मार्च तक कराने के निर्देश, तहसीलदार रुद्रपुर होंगे निर्वाचन अधिकारी

रुद्रपुर।जिला मजिस्ट्रेट उधम सिंह नगर ने मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जारी…

Read More

“फूलदेई का लोकसंदेश: नन्हे कदमों से खिलती संस्कृति, पर्वतीय समाज में प्रकृति और परंपरा का उत्सव”

“जंग की आग में दुनिया: वैश्विक टकराव के बीच अवतार सिंह बिष्ट की विशेष रिपोर्ट” होर्मुज की दहलीज पर खड़ा महायुद्ध: ट्रंप की जिद, ईरान की चुनौती और मध्य-पूर्व में सुलगता संकट”

देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

हनीट्रैप कर युवक से लूटपाट: अश्लील वीडियो बनाकर 50 लाख की फिरौती मांगने की साजिश, 6 आरोपी गिरफ्तार

रुद्रपुर,नानकमत्ता/जनपद ऊधमसिंहनगर के नानकमत्ता क्षेत्र में हनीट्रैप के जरिए युवक को फंसाकर लूटपाट और ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने दो महिलाओं सहित…

Read More

देहरादून में 22 मार्च को सीनियर राष्ट्रीय जिम्नास्टिक चैंपियनशिप के लिए ट्रायल

रुद्रपुर,देहरादून।जिमनास्टिक फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली सीनियर राष्ट्रीय जिम्नास्टिक चैंपियनशिप के लिए उत्तराखंड के खिलाड़ियों का ट्रायल 22 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह ट्रायल…

Read More

यूसीसी और आरक्षण नीति पर शिवसेना का प्रदर्शन, रुद्रपुर में पैदल मार्च कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

रुद्रपुर।शिवसेना कुमाऊँ मंडल के नेतृत्व में सोमवार को रुद्रपुर के गांधी पार्क में यूसीसी और आरक्षण व्यवस्था सहित विभिन्न मांगों को लेकर सभा आयोजित की गई। सभा के बाद शिवसैनिकों…

Read More

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने यहां कथित जासूसी नेटवर्क और सूचना लीक करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. ईरान के पुलिस प्रमुख अहमदरेजा रादान ने रविवार को कहा कि अब तक सूचनाएं लीक करने वाले 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दुश्मनों के साथ जानकारी साझा करने का आरोप है.

रादान के मुताबिक इन मामलों में करीब 250 गंभीर श्रेणी के हैं, जिनमें ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने हमलों के लिए लक्ष्य संबंधी जानकारी दी या फिर हमले वाली जगहों…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने देहरादून में मुख्यमंत्री कार्यालय में उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र सौपा जिसमें कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान राजेश शुक्ला ने ग्राम नजीमाबाद में उनका मानसिक संतुलन खराब बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। बेहड़ ने पत्र के माध्यम से कहा कि पूर्व विधायक राजेश शुक्ला द्वारा अपने भाषण में कहा गया है कि बेहड़ का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है उनका इलाज दिल्ली के ऐम्स या आगरा में चेकअप कराया जाए इनकी आँखे भी खराब हो गयी है आँखों की भी जांच कराई जाए। बेहड़ ने सीएम से कहा कि इस तरह की बात आपकी पार्टी के नेता ने एक नहीं बल्कि अनेको सभाओं में व सोशल मीडिया में बयान देकर कही है। उत्तराखण्ड की राजनीति में इस तरह की भाषा का प्रयोग पहली बार किया गया है। जिससे मुझे बड़ा मानसिक कष्ट पहुंचा है। बेहड़ ने सीएम से कहा कि उच्च स्तरीय मानसिक चिकित्सालय में मेरा मेडिकल चेकअप कराया जाये ताकि उत्तराखंड की जनता के सामने मेरे मानसिक संतुलन की सही जानकारी आ सके। अगर मेडिकल चेकअप में मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ा होता है तो किसी बेहतर अस्पताल में भर्ती कराकर सरकार की तरफ से इलाज कराया जाए ताकि मैं ठीक होकर दुबारा से जनता की सेवा कर सकूँ। साथ ही बेहड़ ने मुख्यमंत्री धामी से किच्छा में विकास की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत चर्चा की। बेहड़ ने मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत किच्छा में कम्युनिटी हाल व फायर बिग्रेड स्टेशन तथा ग्राम नजीमाबाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना हेतु भूमि उपलब्ध कराने हेतु अधिकारियों को आदेशित करने का अनुरोध किया। साथ ही पंतनगर की आंतरिक सड़कों का निर्माण शीघ्र प्रारंभ कराये जाने , लेफ्ट पाहा नहर की कवरिंग का कार्य समय पर पूरा कराने ,किच्छा में बंडिया व पुरानी गल्ला मंडी में नदी पार करने हेतु दो पुलों का शीघ्र निर्माण कराये जाने व किच्छा के विकास हेतु अनेकों योजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री धामी ने विधायक बेहड़ की बात को गंभीरता से सुना व सभी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।

रूद्रपुर जसपुर क्षेत्र की पतरामपुर चौकी में बृहस्पतिवार रात मित्र पुलिस की दबंगई और अनुशासनहीनता का बड़ा उदाहरण सामने आया। चौकी इंचार्ज की अनुपस्थिति में चौकी के सिपाही अन्य बाहरी लोगों के साथ दारू पार्टी कर रहे थे। इसी बीच 112 पर आई मारपीट की सूचना पर चौकी के पुलिस कर्मी एक व्यक्ति को चौकी उठा लाये। जब उसकी पैरवी करने कुछ लोग पहुंचे तो नशे में धुत सिपाही ने उनसे बदसलूकी और मारपीट की। शिकायत पर जब पुलिस के अधिकारी चौकी में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गये। इस पूरे मामले में एसएसपी मंजूनाथ टिसी ने सख्ती से एक्शन लेकर बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे चौकी इंचार्ज सहित तीन सिपाहियों को निलंबत कर दिया है और मामले की जांच के आदेश दिये हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंतरामपुर चौकी की बैरक में बीती रात चौकी के सिपाही शराब पी रहे थे। इसी बीच 112 पर सूचना मिली कि दो पक्षों में मारपीट हो गयी है। मारपीट में एक व्यक्ति को बुरी तरह पीटे जाने की सूचना थी। इस सूचना पर पतरामपुर चौकी से सिपाही सचिन और अनिल मोके पर पहुंचे और एक पक्ष के मंगल सिंह नाम के व्यक्ति को चौकी उठा लाये। कुछ देर बाद मंगल सिंह पक्ष के कुछ लोग उसकी पैरवी करने चौकी पहुंच गये। इनमें कुछ सभ्रांत लोग भी थे। पैरवी करने पहुंचे लोगों पर कांस्टेबल सचिन आग बबूला हो गया, उसने न सिर्फ अभद्रता की बल्कि उनके साथ मारपीट की। सचिन द्वारा की जा रही मारपीट पर सिपाही अनिल और बिना किसी सूचना के वहां पहुंचा दोराहा चौकी का सिपाही सुभाष चौधरी भी मूकदर्शक बना रहा।दोनों ने कोई बीच बचाव नहीं किया। क्षेत्र के सभ्रांत लोगों ने चौकी में हुए इस वाकये की शिकायत तुरंत एएसपी, सीओ और कोतवाल से की। जिस पर रात को ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गये। जब चौकी का नजारा देखा तो पुलिस अधिकारी भी दंग रह गये। चौकी की बैरक में शराब की पार्टी चल रही थी। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने सिपाही का मेडिकल कराया तो वह नशे में था। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी मंजूनाथ टिसी ने पिछले तीन दिनों से बिना अनुमति चौकी से गायब चल रहे चौकी इंचार्ज संदीप शर्मा सहित चौकी के सिपाही सचिन और अनिल एवं दोराहा चौकी के सिपाही सुभाष चौधरी को भी निलंबित कर दिया। एसएसपी ने पत्रकार वार्ता करते हुए बताया कि चौकी की बैरक में बाहरी लोगों के साथ महफिल जमाना घोर अपराध है। उन्होंने कहा कि यह घटना हैरान करने वाली है। उन्होंने कहा कि पब्लिक के लोगों के साथ बदसलूकी करना कतई सहन नहीं किया जायेगा। एसएसपी ने बताया कि चौकी इंचार्ज संदीप शर्मा टेªनिंग के नाम पर पिछले तीन दिनों से चौकी से गायब है। इस पूरी घटना में सबसे बड़ी लापरवाही चौकी इंचाज की है। चौकी इंचार्ज के गायब होने से ही उनके अधीनस्थों के हौंसले बुलंद हैं। एसएसपी ने कहा कि जब शिकायत के बाद टीम पतरामपुर चौकी पहुंची तो वहां पर मौजूद दो बाहरी लोग फरार हो गये। उन्होंने बताया कि चौकी में चल रही महफिल में दोराहा चौकी का सिपाही सुभाष चौधरी भी अवैध तरीके से वहां गया था उसने चौकी इंचार्ज कोई सूचना दी नहीं दी थी। इसको लेकर दोराहा चौकी इंचार्ज से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसएसपी ने कहा कि इस तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मामले की जांच सीनियर अधिकारी द्वारा की जायेगी। जिन लोगों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की है अगर वो चाहेंगे तो उनकी ओर से पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जायेगी।

केदारनाथ धाम में सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की पहली पूजा, हजारों श्रद्धालु बने कपाट खुलने की प्रक्रिया के साक्षी । श्रद्धालुओं के लिए केदारनाथ धाम के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शुक्रवार सुबह सबसे पहले 7 बजे विधि-विधान से केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के खोले गये। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ पहुंची। वहीं यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट भी विधि विधान से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। केदारनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के अवसर पर सीएम धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ मौजूद रहे और बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। उन्होंने केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा कराई और सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की। शुक्रवार को अक्षय तृतीया के मौके पर श्रद्धालुओं के लिए तीन धामों के कपाट खोले गए और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा आरंभ हो गई। पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी गीता के साथ केदारनाथ में द्वार खोले जाने की प्रक्रिया के साक्षी बने। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा कराई। इस दौरान बम-बम भोले और बाबा केदार की जय के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान ण् हो उठा। केदारनाथ धाम के कपाट खोलने के अवसर पर सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ मंदिर परिसर में मौजूद करीब 10 हजार श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए। कुछ श्रद्धालु परिसर में डमरू के साथ नृत्य करते दिखाई दिए । मंदिर को 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। कपाट खुलते समय तीर्थ यात्रियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई। वहीं यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दौरान परिसर में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। चार धाम यात्र के शुरू होने के मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को बधाई दी और देश एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस बार चारधाम यात्र नया कीर्तिमान बनाएगी। गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर बाद खुलेंगे, जबकि चारधामों में शामिल बद्रीनाथ के द्वार रविवार को खुलेंगे। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भक्त और तीर्थयात्री इस यात्र का इंतजार करते रहते हैं। वह पवित्र दिन आ गया और कपाट खुल गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। यात्र के लिए सभी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। मैं सभी का अभिनंदन करता हूं और सभी का स्वागत करता हूं। पीएम मोदी के नाम पर यहां पहली पूजा की गई, उनके पीएम बनने के बाद पूरे विधि-विधान के साथ दर्शन का काम शुरू हो गया है। उनके पीएम बनने के बाद बाबा केदार मंदिर के पुनर्विकास का काम तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि यह जल्द पूरा हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस बार चारधाम यात्र पिछले सभी पुराने रिकार्ड तोड़ेगी। राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्र के लिए प्रयासरत है। इस वर्ष अभी तक लगभग 20 लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।

अक्षय तृतीया को धन-वैभव समृद्धि का देवता भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन कुछ खास उपाय करके आप भगवान कुबेर को प्रसन्न कर सकते हैं अपने जीवन में धन-समृद्धि ला सकते हैं.

भगवान कुबेर हिन्दू धर्म में धन, ऐश्वर्य, समृद्धि के देवता के रूप में पूजे जाते हैं. वे धन के संरक्षक संचालक माने जाते हैं उन्हें ‘लोकपाल’ के रूप में भी […]

भगवान परशुराम चालीसा, भगवान परशुराम की भक्ति स्तुति का एक भक्तिपूर्ण भजन है. यह 40 छंदों का एक संग्रह है जो भगवान परशुराम के जीवन, उनकी वीरता, उनके गुणों उनके भक्तों पर उनकी कृपा का वर्णन करता है.

चालीसा का पाठ करने से भक्तों में भगवान परशुराम के प्रति भक्ति श्रद्धा बढ़ती है. ऐसा माना जाता है कि चालीसा का पाठ करने से पापों का नाश होता है […]

उत्तरकाशी। Incredible Uttarakhand: सड़क मार्ग जांगला से गंगोत्री धाम के लिए गंगा की डोली रथ पर लेकर जाने के निर्णय पर मुखवा गांव के ग्राम देवता सोमेश्वर के आदेश ने विराम लगा दिया।

इस बार मां गंगा की डोली को रथ पर लेकर जाने के लिए रथ भी तैयार किया गया। देवता के आदेश में मां गंगा की डोली को परंपरा के अनुसार […]

उत्तराखंड हाईकोर्ट की बेंच ऋषिकेश शिफ्ट किए जाने को लेकर पूरे गढ़वाल मंडल के वकील एकजुट होंगे। शुक्रवार को देहरादून में गढ़वाल मंडल की सभी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया गया है।

इनकी संयुक्त बैठक होगी। इसके बाद बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी आगामी सोमवार को हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगेंगे। बार एसोसिएशन देहरादून […]

देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है. गर्मी के कारण जहां एक तरफ लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ जगंलों में आग भी लग रही है. उत्तराखंड में भी लगी आग अभी तक बुझी नहीं है. इस आग को बुझाने के लिए सेना के साथ 3 हजार से ज्यादा कर्मचारी लगे हुए हैं.

ऊत्तराखंड हाईकोर्ट की बेंच ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल क्षेत्र में शिफ्ट करने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस बीच इस फैसले के विरोध और समर्थन में पक्ष आमने सामने हो गए है।

ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल क्षेत्र में हाईकोर्ट की बेंच शिफ्ट करने का आदेश जारी होते ही हाईकोर्ट बार में उबाल है। अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच शिफ्टिंग का अलग-अलग तरीके से विरोध […]

केद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने वनाग्नि की स्थिति पर उत्तराखंड सरकार से रिपोर्ट ली। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उन्हें बताया कि प्रदेश में 0.1 प्रतिशत वन क्षेत्र वनाग्नि से प्रभावित हुआ है, लेकिन कुछ लोग गलत आंकड़ों से दुष्प्रचार कर रहे हैं।