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उत्तराखंड भारत में रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, ऊर्जा संसाधनों की कमी और आयात पर निर्भरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण और उपयोग से जुड़े कुछ सख्त फैसले लिए हैं।

इन नए नियमों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सरकार का मानना…

बेटियों की सेहत की सुरक्षा का संकल्प: एएनएम दीपा जोशी की जागरूकता मुहिम और हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की पहल”

रुद्रपुर।ऊधमसिंहनगर में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत रुद्रपुर के जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय…

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

रुद्रपुर,उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पहाड़ से लेकर तराई और मैदानी…

रुद्रपुर में एनसीईआरटी की जाली किताबों का बड़ा भंडाफोड़, संयुक्त टीम ने गोदाम पर मारा औचक छापा

रुद्रपुर,जनपद उधम सिंह नगर के ग्राम किरतपुर कोलड़ा स्थित एक गोदाम में एनसीईआरटी की जाली…

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देहरादून की कोठी कांड: पुलिस की लापरवाही ने उजाड़ दिया एक परिवार, अब कार्रवाई की संस्तुति”

देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में वर्ष 2022 में दिनदहाड़े हुई कोठी ध्वस्तीकरण और लूटपाट की घटना एक बार फिर चर्चा…

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गैरसैंण का बजट सत्र—उपलब्धियों के दावे और सड़कों पर उतरती जनता के सवाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप…

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2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

मेट्रोपोलिस सिटी का नया आधुनिक भव्य द्वार—लड्डुओं से तौले जाएंगे महापौर विकास शर्मा, MRWA की पहल से लौट रही पहचान

पंतनगर एयरपोर्ट पर पूर्व विधायक Rajesh Shukla ने किया स्वागत, किच्छा की विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति देने पर Pushkar Singh Dhami को सौंपा आभार पत्र”

पंतनगर में 119वां अखिल भारतीय किसान मेला शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उद्घाटन, प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

उत्तराखंड भारत में रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों में हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, ऊर्जा संसाधनों की कमी और आयात पर निर्भरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने गैस वितरण और उपयोग से जुड़े कुछ सख्त फैसले लिए हैं।

इन नए नियमों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। सरकार का मानना है कि ऊर्जा संसाधनों का संतुलित उपयोग और गैस की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के…

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बेटियों की सेहत की सुरक्षा का संकल्प: एएनएम दीपा जोशी की जागरूकता मुहिम और हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की पहल”

रुद्रपुर।ऊधमसिंहनगर में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत रुद्रपुर के जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय में 1 मार्च से लगातार 14–15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु…

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उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

रुद्रपुर,उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पहाड़ से लेकर तराई और मैदानी इलाकों तक ठंड एक बार फिर लौट आई है और तापमान में गिरावट दर्ज की…

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रुद्रपुर में एनसीईआरटी की जाली किताबों का बड़ा भंडाफोड़, संयुक्त टीम ने गोदाम पर मारा औचक छापा

रुद्रपुर,जनपद उधम सिंह नगर के ग्राम किरतपुर कोलड़ा स्थित एक गोदाम में एनसीईआरटी की जाली किताबों के बड़े भंडारण का मामला सामने आया है। रविवार को राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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रूद्रपुर 07 मई, 2024-जिलाधिकारी उदयराज सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जिला गंगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने कल्याणी, बहल्ला, ढेला नदियों में हो रहे प्रदुषण को रोकने के लिये ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होने जल निगम के अभियंताओं को निर्देश दिये कि जनपद में बन रहे एसटीपी प्लान्ट का निर्माण सयमबद्ध पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने एसटीपी निर्माण से सम्बन्धित विस्तृत रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद में नदियों की विशेष परिस्थितियों के कारण बाढ़ प्रभावित एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों का डाटा संकलित करने निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने नगर आयुक्त तथा नगर पालिकाओं/नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिये कि नालियों को बरसात से पहले सफाई कराना सुनिश्चित करें ताकि जल भराव की स्थिति न हो। उन्होने नगर निगम रूद्रपुर व अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देश दिये कि कल्याणी नदी को टीम लगाकर 15 मई से 15 जून 2024 तक सफाई कराना सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में पुराना लीगेसी वेस्ट पड़ा हो, उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जाये और पुराने कूड़े के निस्तारण की वर्तमान स्थिति के बारे में भी अवगत कराये साथ ही सीवेज जनरेशन तथा निस्तारण की स्थिति से भी अवगत कराया जाये। उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले सोलिड एवं लिक्विड वेस्ट आदि के निस्तारण के लिये सम्बन्धित औद्योगिक इकाईयों को चिन्हित करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। जिलाधिकारी ने डीएफओ निर्देश दिये कि उप जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता सिचांई, जल निगम, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बार्ड, आरएम सिडकूल, सहायक नगर आयुक्त की संयुक्त कमेटी बनाये जो प्रदूषण करने वाले संस्थानों, शहरो आदि का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगें। उन्होने नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायत के अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहर में कितने घर है व कितनी जनसंख्या है और कितना कूडा़ एकत्र हो रहा है उसकी पूरी डिटेल बनाकर प्रस्तुत करेें ताकि पता चल सकें कि जनसंख्या के मानक के आधार पर कूड़ा एकत्र हो रहा है या नही।

बैठक में डीएफओ उमेश चन्द्र तिवारी, सीएमओ डॉ0 मनोज शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नरेश गोस्वामी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट, नामित सदस्य पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ0 […]

रुद्रपुर, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मिया तेज हो गई है। आरक्षण को लेकर गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग से निकाय क्षेत्रों में ओबीसी की रिपोर्ट मिलने के बाद निकायों में आरक्षण को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यदि ओबीसी आरक्षण के लिये गठित वर्मा आयोग की सिफारिश को मान लिया जाता है तो प्रदेश के कुल 9 नगर निगमों में से 2 सीटे ओबीसी के लिये और 1 सीट एससी के लिये आरक्षित हो जायेगी। एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने सरकार को जो रिपोर्ट सौंपी थी, उसमें 9 नगर निगमों में कुल 21,50,227 की आबादी बताई गई है। इनमें से अनुसूचित जाति की 2,69,364 आबादी के हिसाब से एससी की एक सीट 3,88,135 आबादी के हिसाब से ओबीसी की दो सीटें और 14,80,532 आबादी के हिसाब से जनरल की छह मेयर सीटें रखने की सिफारिश की गई है। जिसमें रूद्रपुर की सीट को सामान्य किये जाने की सम्भावना है। इन सभी नौ सीटों पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण भी लागू होगा, जिसके तहत इस बार दो या तीन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की तैयारी है। सूबे में पहली बार 30 प्रतिशत तक ओबीसी आरक्षण लागू होने के बाद 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। जिसके चलते राज्य के नगर निगमों में मेयर पद पर महिलाओं के लिये 3 सीटे आरक्षित होंगी। पिछले नगर निकाय चुनाव 2018 में सात नगर निगमों का चुनाव हुआ था। जिसमें देहरादून और हल्द्वानी को सामान्य रखा गया था जबकि ऋषिकेश, हरिद्वार व कोटद्वार नगर निगम में मेयर का पद महिलाओं के लिए आरक्षित कर उनके लिये तीन सीटे सुरक्षित की गई थी। काशीपुर में ओबीसी और रुद्रपुर में अनुसूचित जाति के लिए मेयर का पद आरक्षित था। नगर निगम बनने के बाद रूद्रपुर की सीट लगातार दो बार आरक्षित की जा चुकी हैं और यहां अन्य नगर निगमों की अपेक्षा अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग की संख्या भी कम है। इसलिये सम्भावना जताई जा रही है कि इस बार निकाय चुनाव में रूद्रपुर नगर निगम सीट को सामान्य रखा जायेगा। कोटद्वार और श्रीनगर को नगर निगम बनाये जाने के बाद प्रदेश में अब कुल 9 नगर निगम में चुनाव होने जा रहा है। नगर निगम देहरादून और हल्द्वानी की सीट पिछले तीन चुनाव से सामान्य रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि उपरोक्त दोनों सीटों पर बदलाव हो सकता है। एससी जनसंख्या के अनुपात की बात करे तो प्रदेश में अनुसूचित जाति का प्रतिशत 17.14 प्रतिशत श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में है। जिसके चलते श्रीनगर नगर निगम सीट को एससी किये जाने की सम्भावना सबसे अधिक जताई जा रही है। बहरहाल ओबीसी आरक्षण के लिये गठित आयोग की रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश में निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मिया तेज हो गई है और सम्भावना जताई जा रही है कि प्रदेश में 15 मई के बाद कभी भी नगर निकाय चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी की जा सकती हैं

देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने 99 प्रदेश स्थाई सदस्यों की घोषणा की,

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/प्रिंट मीडिया :शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर ,उत्तराखंड हल्द्वानी,देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल संस्थापक अध्यक्ष हुकम सिंह कुंवर ने 99 प्रदेश स्थाई सदस्यों की घोषणा की है,प्रदेश […]

रूद्रपुर, 07 मई, 2024-जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने बताया कि जनपद के अधिकांश कृषकों के द्वारा खेती से अतिरिक्त आय प्राप्त करने हेतु ग्रीष्मकालीन धान की खेती को अपनाया जा रहा है, जो पर्यावरण के दृष्टिकोण से अत्यन्त हानिकारक है साथ ही ग्रीष्मकालीन धान की खेती करने से भूमि-गत जल का ह्यस भी तेजी से हो रहा है। उन्होने बताया कि भूमि-गत जल का ह्यस होने से आगामी गर्मियों के महीनों में पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।जिलाधिकारी ने उपरोक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत रखते हुये जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपनी-अपनी तहसील क्षेत्रान्तर्गत गर्मियों में धान की खेती को रोकने हेतु कृषकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुये अपने कार्य क्षेत्र मंे भ्रमण करते हुये जनपद के समस्त कृषकों को ग्रीष्मकालीन धान की खेती न करने एवं विकल्प के रूप में मक्का, मूंग, उर्द व गन्ने की फसलों की खेती करने के लिये प्रेरित करें। जिससे आगामी वर्ष में ग्रीष्मकालीन धान की खेती को पूर्णतया प्रतिबन्धित करने की कार्यवाही की जा सकें।…………………

रूद्रपुर 07 मई, 2024-दिनांक 07 अक्टूबर 2023 को भूड़ महोलिया अन्नपूर्णा धर्म कॉटे के पास अज्ञात अभियुक्त द्वारा वाहन बस को तेजी व लापरवाही से चलाकर वादी की मोटर साईकिल संख्या यूके 06-एवी-4773 को टक्कर मारकर मोटर साईकिल सवार कमलेश विश्वास व आकाश मण्डल को गम्भीर रूप से घायल कर दिया था। उपचार के दौरान कमलेश विश्वास की मृत्यु हो गयी थी। जिसका जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने उप जिला मजिस्टेªट खटीमा को जॉच अधिकारी नामित करते हुये निर्देशित किया है कि उक्त दुर्घटना की सम्पूर्ण पहलुओं की विस्तृत जॉच करते हुए जॉच आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।जांच अधिकारी/उप जिला मजिस्ट्रेट खटीमा ने कहा है कि उक्त घटना/प्रकरण के सम्बन्ध में यदि कोई व्यक्ति जानकारी रखता हो या कथन करना चाहता है तो वह विज्ञप्ति जारी होने के 03 (तीन) दिन के भीतर साक्ष्य सहित अपना कथन उप जिलाधिकारी के सम्मुख प्रस्तुत कर सकतें हैं अथवा कार्यालय की ई-मेल आई0डी-sdmkhatima1975@gmail.com पर भी उपलब्ध करा सकते है।

रुद्रपुर : नगर निकाय चुनाव में रुद्रपुर मेयर सीट सामान्य होने की स्थिति में मजबूत दावेदार के रूप में विकास शर्मा पहले पायदान पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पसंदीदा उम्मीदवारों में से एक हैं। आम पब्लिक में लोकप्रियता के मामले में पहले पायदान पर, वहीं अगर बात की जाए रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा की उनके सबसे नजदीक विश्वासपात्र अमित नारंग भी हो सकते हैं मेयर पद के प्रबल दावेदार, विधायक शिव अरोड़ा का झुकाव अमित नारंग की ओर ज्यादा दिखाई पड़ता है। पुनः सीट आरक्षित होने पर मेयर रामपाल की जगह अन्य किसी उम्मीदवार को मिल सकता है मेयर का टिकट, सूत्र मेयर रामपाल एवं विधायक शिव अरोड़ा के बीच 36 का आंकड़ा, सुरेश कोहली विधायक शिव अरोड़ा के पसंदीदा उम्मीदवारों में से एक, आरक्षण का पिटारा भले ही भविष्य के गर्भ में है, लेकिन अगर यह सीट सामान्य हुई तो भाजपा के लिए राह आसान  होगी। रुद्रपुर में भाजपा की मजबूत स्थिति का फायदा नगर निगम चुनाव में पार्टी को मिल सकता है। लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में रुद्रपुर नगर निगम से एक तरफा वोटिंग हुई थी। वहीं अगर रुद्रपुर के  पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के भाई संजय ठुकराल की बात की जाए! सामान्य सीट होने पर रुद्रपुर नगर निगम का चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है। रुद्रपुर शहर व नगर निगम के आसपास रुद्रपुर नगर निगम के चुनाव को लेकर लोगों में उत्सुकता, कौन बनेगा रुद्रपुर नगर निगम का मेयर, यह तो सब चुनाव के बाद परिणाम से ही मालूम चलेगा, लेकिन राजनीतिक गलियारे में रुद्रपुर नगर निगम की खूब चर्चा हो रही है। चाटुकार भी माहौल बनाने में लगे हुए हैं।

दो बार के विधायक राजकुमार ठुकराल को भले ही भाजपा ने दुत्कार दिया हो, लेकिन राजनीति के मैदान में उनको चौके-छक्के लगाते देखा जा सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में […]

उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के 45 बड़े बकायेदार 83 करोड़ 69 लाख रुपये का कर्ज दबाये बैठे हैं। बैंक कई बार ऋण जमा करने के लिए इन बकायेदारों को नोटिस भेज चुका है। अब इनके खिलाफ सरफेसी की कार्रवाई की जा रही है।

उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक की मुख्य शाखा हल्द्वानी के 18 बकायेदारों के खिलाफ सरफेसी की कार्रवाई चल रही है। इनमें 11 की संपत्ति सरफेसी की धारा 13 (4) के तहत […]

बाबा केदार की जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

इससे पहले सोमवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली ने सेना की बैंड धुनों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भक्तों के जयकारों के साथ शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर […]

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसान की हालत देखकर देश के विकास संबंधी दावे बेमानी लगते हैं। इसका बड़ा कारण है कि सरकारों को किसानों पर जितना ध्यान देना चाहिए, उतना नहीं दिया गया। इस समय लोकसभा चुनाव की सरगर्मी है और हर दल ने अपने-अपने घोषणापत्र में किसानों के लिए ढेरों वादे किए हैं।

मगर दूसरी तरफ हकीकत यह है किसान अपनी मांगें लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। न्यूनतम समर्थन मूल्य […]

लोकसभा चुनाव के बीच आज का PM मोदी का अयोध्या दौरा बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, गौर हो कि दो फेज की वोटिंग हो चुकी है और पांच की बाकी है, पीएम मोदी के साथ पूरी कैबिनेट और पार्टी पदाधिकारी विजयश्री हासिल करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं, 5 मई को पीएम मोदी अयोध्या के दौरे पर आए उन्होंने यहां एक रोड शो किया, पहले पीएम ने भगवान रामलला के दर्शन किए।

गौर हो कि पूरे लोकसभा चुनाव में बीजेपी के पास राम मंदिर सबसे बड़ा मुद्दा है। पीएम देश के सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले प्रदेश यानी उत्तर प्रदेश में बीजेपी […]