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उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

रुद्रपुर,उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पहाड़ से लेकर तराई और मैदानी…

रुद्रपुर में एनसीईआरटी की जाली किताबों का बड़ा भंडाफोड़, संयुक्त टीम ने गोदाम पर मारा औचक छापा

रुद्रपुर,जनपद उधम सिंह नगर के ग्राम किरतपुर कोलड़ा स्थित एक गोदाम में एनसीईआरटी की जाली…

गुरुग्राम में साहित्यिक सचेतना का तृतीय वार्षिकोत्सव “सनातन साहित्य सम्मान एवं समागम” संपन्न

250 से अधिक साहित्यकारों, विचारकों और सनातन प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थितिगुरुग्राम की पावन भूमि पर…

महापौर विकास शर्मा ने देवेंद्र शाही व विक्रांत फुटेला के साथ मेट्रोपोलिस सिटी गेट नंबर-1 का किया उद्घाटन?मेयर विकास शर्मा ने मेट्रोपोलिस सिटी के गेट नंबर-1 का किया उद्घाटन, कॉलोनीवासियों में उत्साह

रुद्रपुर। शहर की प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में रविवार को एक भव्य समारोह के…

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2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय दल एकजुट, “उत्तराखंड महा गठबंधन (UMG)” बनाने पर सहमति

देहरादून। देहरादून स्थित स्काई गार्डन में शनिवार को विभिन्न क्षेत्रीय दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का…

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मेट्रोपोलिस सिटी का नया आधुनिक भव्य द्वार—लड्डुओं से तौले जाएंगे महापौर विकास शर्मा, MRWA की पहल से लौट रही पहचान

रुद्रपुर। शहर की प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में रविवार 15 मार्च 2026 को सुबह 11:30 बजे एक महत्वपूर्ण आयोजन…

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पंतनगर एयरपोर्ट पर पूर्व विधायक Rajesh Shukla ने किया स्वागत, किच्छा की विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति देने पर Pushkar Singh Dhami को सौंपा आभार पत्र”

पंतनगर में 119वां अखिल भारतीय किसान मेला शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उद्घाटन, प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

डिजिटल इंडिया की हकीकत—रसोई गैस संकट में लौटते कदम 80 के दशक की ओर”

रुद्रपुर में 16 मार्च को शिवसेना का पैदल मार्च: UGC नियम और जातिगत आरक्षण पर उठे सवालसंपादकीय / विशेष रिपोर्ट – अवतार सिंह बिष्टरुद्रपुर।

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: 13 जिलों में वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, रुद्रपुर-काशीपुर-नैनीताल में तेज बारिश”

रुद्रपुर,उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। पहाड़ से लेकर तराई और मैदानी इलाकों तक ठंड एक बार फिर लौट आई है और तापमान में गिरावट दर्ज की…

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रुद्रपुर में एनसीईआरटी की जाली किताबों का बड़ा भंडाफोड़, संयुक्त टीम ने गोदाम पर मारा औचक छापा

रुद्रपुर,जनपद उधम सिंह नगर के ग्राम किरतपुर कोलड़ा स्थित एक गोदाम में एनसीईआरटी की जाली किताबों के बड़े भंडारण का मामला सामने आया है। रविवार को राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग…

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गुरुग्राम में साहित्यिक सचेतना का तृतीय वार्षिकोत्सव “सनातन साहित्य सम्मान एवं समागम” संपन्न

250 से अधिक साहित्यकारों, विचारकों और सनातन प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थितिगुरुग्राम की पावन भूमि पर रविवार, 15 मार्च 2026 को साहित्यिक सचेतना एवं स्वास्तिक मासिक पत्रिका के तत्वावधान में “सचेतना…

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महापौर विकास शर्मा ने देवेंद्र शाही व विक्रांत फुटेला के साथ मेट्रोपोलिस सिटी गेट नंबर-1 का किया उद्घाटन?मेयर विकास शर्मा ने मेट्रोपोलिस सिटी के गेट नंबर-1 का किया उद्घाटन, कॉलोनीवासियों में उत्साह

रुद्रपुर। शहर की प्रतिष्ठित आवासीय कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में रविवार को एक भव्य समारोह के बीच मुख्य प्रवेश द्वार गेट नंबर-1 का उद्घाटन संपन्न हो गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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उत्तराखंड में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। कार के गहरी खाई में गिरने से पांच छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई है। मरने वालों में एक छात्रा भी शामिल है। दर्दनाक सड़क हादसा शनिवार सुबह हुआ है।

मसूरी-देहरादून मार्ग पर चूनाखाल के समीप शनिवार सुबह एक कार के खाई में गिरने से देहरादून के अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ रहे एक छात्रा समेत पांच छात्रों की मौत हो […]

महानगरों में तापमान बढ़ने से सैलानियों का रुख अब पहाड़ की ओर है। हालांकि जंगलों के जलने की वजह से धुंध का असर है, मगर मौसम में मैदान जितनी तपिश नहीं है।

इसीलिए कम तापमान वाले इलाके पर्यटकों की पसंद हैं। कौसानी में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। साहसिक यात्रा के शौकीन इससे आगे पिंडारी ग्लेशियर का रुख कर रहे हैं। […]

आज दिनांक-03.05.2024 को शहर रूद्रपुर में विभिन्न जगहों का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण दौरान गतिमान निम्न निर्माणों को उच्च अधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में प्राधिकरण की टीम द्वारा तार बाड के सहायता से सील किया गया।

बोर्ड परीक्षा के बेहतर परिणाम में अतिथि शिक्षकों का भी अहम योगदान३० तारीख को हुए बोर्ड परीक्षा के परिणामों मे पिछले वर्ष की तुलना मे ८ % तक वृद्धि हुई,परीक्षाफलो मे ये सुधार जहा छात्रों और अभिभावकों की मेहनत को श्रेय जाता हो, वही दुर्गम के स्कूलों मे तैनात अतिथि शिक्षकों की मेहनत भी रंग लाई है, जिले वाइज देखा जाए तो ज्यादातर अतिथि शिक्षकों के विषय मे शत प्रतिशत परीक्षा फल रहा हैमनसारीनोलाचोडा ताकुला मे कार्यरत अतिथि शिक्षिका कविता कांडपाल के विषय हिंदी मे रिजल्ट शत प्रतिशत रहा है,वही एक छात्रा के 97 % अंक प्राप्त किये,वही ggic सोमेश्वर मे कार्यरत रेखा बिष्ट के विषय ज्यादातर बच्चे ८० % से उपर अंक प्राप्त किये वही निकिता 97% व तनुजा बोरा 93% अंक अर्जित किये, कठपुरिया मे कार्यरत दीपक रोतेला के विषय मे भी शत प्रतिशत के साथ एक छात्र 97 अंक प्राप्त,किये इसी प्रकार देखा जाए तो अतिथि शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति वाले स्कूलों मे बेहतर परिणाम दिये है, पर दुर्भाग्य ये है कि 2015 से अब तक सरकार ने अतिथि शिक्षकों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई ताकुला ब्लॉक अध्यक्ष मनीष पांडे ने सरकार से मांग कि है जिस लगन से अतिथि शिक्षक छात्रों का भविष्य बना रहे है तो सरकार को भी उनका भविष्य सुरक्षित करने हेतु ठोस नीति जल्द बनाये!

अतिथि शिक्षकों ने सरकार से सुरक्षित भविष्य की मांग उठाई है। दुर्गम विद्यालयों में अल्प मानदेय में अतिथि शिक्षक बच्चों को अध्यापन का कार्य करवा रहे हैं। अतिथि शिक्षको ने […]

Uttrakhand में निकाय चुनाव को लेकर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि शासन और प्रशासन स्तर पर इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। लेकिन चुनाव की तारीखों को लेकर फिलहाल कुछ भी साफ नहीं है।

सूत्रों का मानना है कि जून में ही निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने 93 निकायों में चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। चमोली जिले […]

ऊधमसिंह नगर के निकायों में 74,267 मतदाता, नैनीताल में 19,162, पौड़ी में 11,295, टिहरी में 10,874 मतदाता बढ़े हैं। रुद्रप्रयाग जिले में एक नगर पालिका के मतदाताओं की संख्या उपलब्ध नहीं है। अल्मोड़ा में पांच साल में 1860, बागेश्वर में 5078, चमोली में 1202, चंपावत में 2747, पिथौरागढ़ में 4743, उत्तरकाशी में 864 मतदाता बढ़े हैं। राज्य निर्वाचन आयोग अब 102 में से 93 नगर निकायों में चुनाव की तैयारी में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि हाल ही में देहरादून में निकाय चुनाव की वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप लगा था, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए सात दिन का विशेष समय दिया है।

देहरादून जिले के नगर निकायों में सर्वाधिक 1.27 लाख मतदाता बढ़े हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के निकायों में वोटर लिस्ट अपडेशन का काम कराया था, जिसकी रिपोर्ट […]

अक्सर चर्चाओं में रहने वाले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किम जोंग हर साल 25 वर्जिन लड़कियों को अपने प्लेजर स्क्वॉड के लिए चुनते हैं।

इन लड़कियों का चुनाव उनके आकर्षण और राजनीतिक निष्ठा के आधार पर किया जाता है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/प्रिंट मीडिया : शैल ग्लोबल टाइम्स/ संपादक ;अवतार सिंह बिष्ट ,रूद्रपुर उत्तराखंड 30 […]

श्रीगुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के वार्षिक फैस्ट जैनिथ-2024 में प्रसिद्ध बॉलीवुड गायिका सुनिधि चौहान की गीतों की छात्र-छात्राओं में खुमारी छाई रही।  आयोजित कार्यक्रम में सुनिधि के एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी।

जिनमें छात्र-छात्राएं नाचते रहे। वहीं इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एवं विवि की ब्रांड एंबेसडर स्नेह राणा को विवि की ओर से सम्मानित किया गया। पार्श्वगायक (इंडीपाॅप) सुनिधि चौहान के गीतों […]

पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के प्रबंधन परिषद सदस्य एवं पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने पूरे प्रदेश के दैनिक वेतन भोगी कर्मियों एवं बाह्य सेवादाता द्वारा ठेका प्रथा में कराए जा रहे कार्यों में लगे श्रमिकों की 15 मार्च 2024 को (हर 5 वर्ष पर वेतन पुर्नक्षित करने के क्रम में) 20% न्यूनतम वेतन बढ़ाने के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार द्वारा आदेश के पंतनगर में लागू न होने पर पूर्व विधायक राजेश शुक्ला द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिलकर इसे पंतनगर विश्वविद्यालय में भी लागू करने का अनुरोध किया गया था।

आज प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं कृषि मंत्री गणेश जोशी के सार्थक हस्तक्षेप से पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा इसे पंतनगर में पत्रांक संख्या क/18077 2 मई 2024 को लागू […]

राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी की संगठन सचिव सुलोचना ईष्टवाल की अध्यक्षता एवं प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शैलवाला ममगाई की उपस्थिति में नकरौंदा मोड हर्रावाला स्थित उत्तराखंडी की रेस्टोरेंट देहरादून मैं महिला प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई जिसमें नगर निकायों में महिला प्रकोष्ठ को सख्त रूप से प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया गयाप्रदेश संगठन सचिव सुलोचना ईष्टवाल ने कहा कि आने वाले निकाय चुनाव में महिलाएं ज्यादा से ज्यादा नगर निगम एवं निकाय क्षेत्रों में अपनी प्रतिभागिता करेंगी प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शैलवाला ममगाई ने बताया कि पार्टी पूरे प्रदेश में नगर निगम एवं नगर निकाय चुनाव की तैयारी कर रही है और महिला प्रकोष्ठ ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को चुनाव मैदान में उतरने के लिए संकल्पित है

रूद्रपुर उत्तराखंड का ऐतिहासिक मेला,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स / प्रिंट मीडिया : शैल ग्लोबल टाइम्स/ संपादक ;अवतार सिंह बिष्ट ,रूद्रपुर उत्तराखंडआज हम इस बैठक के माध्यम से संकल्प लेते हैं कि […]