उत्तराखंड में देश में नीट यूजी स्टेट कोटे की एमबीबीएस सीटों पर दाखिलों को लेकर छात्रों के प्रमाणपत्रों की जांच का दायरा बढ़ गया है। शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बहुगुणा ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल को 370 संदिग्ध उम्मीदवारों की लिस्ट सौंपकर स्थायी निवास समेत तमाम प्रमाण-पत्रों की पड़ताल की मांग उठाई।

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इस पर मंत्री ने जिलाधिकारियों से एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट तलब कर ली है। उनका कहना है कि जांच के बाद वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार दिलाया जाएगा। स्वतंत्रता सेनानी कोटे से प्रवेश पाने वाले पांच उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्र फर्जी मिले थे। इनके प्रवेश निरस्त किए गए और स्थायी निवास प्रमाणपत्र भी रद्द किए गए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

एक ही स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर तीन-तीन दावे

इस मामले में आरोपी तृप्ति, परी और खुशी ने स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा पुत्र खजान सिंह की पोती होने का दावा किया था। तीनों के प्रमाणपत्रों में अलग पते दर्ज थे। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र में राजीवनगर, कंडोली, स्थायी निवास में डांडीपुर मोहल्ला और मौजूदा पते हरिद्वार और मुजफ्फरनगर दर्ज थे। पहले चरण में नौ में से सात सीटें अपात्र उम्मीदवारों को जारी हो गईं।

पतों की पड़ताल में भी उठे कई गंभीर सवाल

बहुगुणा के मुताबिक, कई छात्रों ने आखिरी समय में स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण-पत्र हासिल किए। ऑनलाइन प्रमाण-पत्रों के नंबर के आधार पर पतों की पड़ताल की गई। 21/1 राजीव नगर, तरली कंडोली पते पर वहां स्वतंत्रता सेनानी का परिवार नहीं मिला। बहुगुणा के अनुसार, वहां एक बुजुर्ग ने धर्मवीर वर्मा के परिवार तक पहुंचाया। इस परिवार के सदस्य अमन ने बताया कि उनके ताऊ का नाम धर्मवीर था, मगर वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नहीं थे और सर्वे ऑफ इंडिया में वाहन चालक थे। परिवार के अनुसार, उनके दो बेटे थे, जिनमें एक सेलाकुई में रहता है और दूसरे का निधन हो चुका है।

बाहर के राज्यों से प्रदेशमें पढ़ाई का मुद्दा भी उठा

बहुगुणा ने दावा किया कि सूची में शामिल कुछ अभ्यर्थियों ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई बिहार, यूपी, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से की है। उनका सवाल है कि ऐसे मामलों में उत्तराखंड के स्थायी निवास और आरक्षण प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी हो गए।

दूसरे चरण के दाखिले की आज अंतिम तिथि

एमबीबीएस दाखिले के दूसरे चरण की काउंसलिंग में 19 सितंबर को प्रवेश की अंतिम तारीख है। इसके बाद पहले और दूसरे चरण में हुए सभी दाखिलों के दस्तावेजों का सत्यापन एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय अपने स्तर पर जिलावार करवाएगा।


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