रुद्रपुर में गौसेवा और जनहित का नया अध्याय!नगर निगम की आधुनिक गौशाला बनी शहर के विकास, संस्कृति और जनसेवा का प्रतीक

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रुद्रपुर में जनहित, गौसंरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में नगर निगम द्वारा उठाया गया कदम आज पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर को व्यवस्थित, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में महापौर विकास शर्मा के नेतृत्व में नगर निगम ने जिस प्रकार आधुनिक गौशाला परियोजना को मूर्त रूप दिया है, वह निश्चित रूप से सराहनीय और दूरदर्शी पहल मानी जा रही है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


छह एकड़ भूमि पर विकसित की गई यह विशाल गौशाला केवल गोवंश के संरक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि रुद्रपुर की सामाजिक और धार्मिक चेतना का प्रतीक बनकर उभर रही है। नगर निगम की टीम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गोवंश को सुरक्षित रूप से गौशाला तक पहुंचाने का अभियान लगातार जारी है। गौशाला में पशुओं के लिए बेहतर आवास, भोजन, चिकित्सा और संरक्षण की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। बीमार और घायल पशुओं के उपचार हेतु अलग वार्ड की व्यवस्था भी की गई है, जो नगर निगम की संवेदनशील सोच को दर्शाती है।
महापौर Vikas Sharma ने स्वयं नगर आयुक्त Shipra Joshi Pandey के साथ गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वेद ठुकराल, चिराग कालरा सहित नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को रुद्रपुर के लिए ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया।
रुद्रपुर विधानसभा के विधायक Shiv Arora का नाम भी इस सकारात्मक विकास यात्रा में प्रमुखता से लिया जा रहा है। भले ही वह निरीक्षण के दौरान उपस्थित नहीं थे, लेकिन रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास, धार्मिक आस्था और जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में उनकी सक्रिय भूमिका लगातार दिखाई देती रही है। भाजपा सरकार की विकासवादी सोच को धरातल पर उतारने में विधायक शिव अरोड़ा और महापौर विकास शर्मा की कार्यशैली को जनता सकारात्मक रूप से देख रही है।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में उत्तराखंड में गौसंरक्षण, सनातन संस्कृति और जनहित को प्राथमिकता देने की जो नीति दिखाई दे रही है, रुद्रपुर की यह गौशाला उसी सोच का जीवंत उदाहरण बनती जा रही है। हिंदुत्व की मूल भावना में गौमाता को श्रद्धा, सेवा और संस्कृति का प्रतीक माना गया है, और इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए रुद्रपुर में यह पहल एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है।
आज रुद्रपुर की जनता यह महसूस कर रही है कि शहर केवल औद्योगिक विकास की ओर ही नहीं बढ़ रहा, बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों, धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। नगर निगम, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों से रुद्रपुर आने वाले समय में उत्तराखंड के सबसे व्यवस्थित और संवेदनशील शहरों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।


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