देवास जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां सामूहिक विवाह के नाम पर 42 से ज्यादा परिवारों से लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शमशाबाद के एक दंपती पर आरोप है कि उन्होंने अविवाहित लड़कों के परिवारों से 25-25 हजार रुपये जमा कराए और 25 मई को विवाह कराने का वादा करके सभी को देवास बुला लिया.

Spread the love

जब दूल्हे और उनके परिवार वाले सारी तैयारी कर, तय तारीख और समय पर देवास पहुंचे तो वहां उन्हें कोई नहीं मिला. यह देख सभी सन्न रह गए.

कैसे दिया झांसा?अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

आरोपियों ने एक परिचित के माध्यम से अलग-अलग जिलों के उन परिवारों से संपर्क किया, जहां युवकों की शादी नहीं हो पा रही थी. परिवारों को भरोसा दिलाया गया कि 25 मई को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए पहले 24 मई को माता टेकरी दर्शन कराने और फिर राधागंज स्थित क्लब मैदान में ठहरने की व्यवस्था की बात कही गई. प्रति परिवार 25 हजार रुपए की राशि जमा कराई गई.

देवास पहुंचे, लेकिन न दुल्हन मिली न आयोजक

विभिन्न जिलों से युवक और उनके परिजन राधागंज क्लब मैदान पहुंचे लेकिन वहां न कोई विवाह आयोजन था, न कोई आयोजक. घंटों इंतजार के बाद परिवारों को ठगी का अहसास हुआ. इसके बाद वहां मौजूद दिनेशदास बैरागी के भाई से लोगों ने जवाब-तलब करना शुरू कर दिया.

आयोजकों की तलाश में जुटी पुलिस

अब बीएनपी थाना पुलिस ने जानकारी दी है कि जिन आरोपियों ने रुपये लिए हैं, वे फिलहाल मौके पर नहीं मिले. उनके एक परिचित से पूछताछ की जा रही है. मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पीड़ितों के बयानों के आधार पर की जाएगी.


Spread the love