हालिया मामला भारत और चीन की ओर से किए गए 2026 कैलास मानसरोवर यात्रा से जुड़ा हुआ है। कैलास मानसरोवर की यात्रा के दो रास्तों में से एक उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से भी होकर गुजरता है। भारत और चीन में समझौते के मुताबिक दोनों देश मिलकर इस यात्रा को पूरा करवाते हैं। वहीं नेपाल लिपुलेख पर अपना दावा ठोक रहा है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
210 साल पुराना है विवाद
लिपुलेख दर्रे का विवाद कोई नया नहीं है। यह 1816 से ही चला आ रहा है। दरअसल यह दर्रा भारत, चीन और नेपाल की सीमा के पास स्थित है। यह दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत के पुरांग से जोड़ता है। इस रास्ते से लंबे समय से चीन और भारत के बीच व्यापार भी होता रहा है। इसके अलावा कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए इस दर्रे के उपयोग किया जाता है।
काली नदी के उद्गम को लेकर है विवाद
इस दर्रे को लेकर विवाद भी काली नदी के उद्गम को लेकर है। भारत का कहना है कि यह लिपुलेख के पास से निकलती है। जबकि नेपाल कहता है कि इसका उद्गम लिम्पियाधुरा के पास है। 1816 की सुगौली संधि के मुताबिक यही नदी भारत और नेपाल के बीच सीमा है। वहीं 1865 में किए गए बदलाव के बाद सीमा को लिपुलेख के पास शिफ्ट कर दिया गया। ऐसे में लिपुलेख का इलाका भारत के हिस्से में आ गया। भारत और नेपाल एक दूसरे के साथ लगभग 1751 किलोमीटर की सीमा साझा करते हैं।
उत्तराखंड में धारचूला को लिपुलेख दर्रे से जोड़ने वाली सड़क का उद्घाटन होने के बाद 2020 में कालापानी क्षेत्र को लेकर तनाव बढ़ गया था। नेपाल ने एक मैप जारी किया था जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को भी उसने अपने क्षेत्र में दिखा दिया था। भारत का यही कहना है कि जो भी सीमा विवाद है उसको बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए। वहीं नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह यूके की मध्यस्थता की बात करने लगे हैं।
बता दें कि 1954 से ही कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिए लिपुलेख एक पारंपरिक मार्ग है। यह भारतीय प्रशासन के ही अधीन रहा है। भारत और चीन के बीच युद्ध के बाद भारत ने अपने मौजूदगी यहां और मजबूत की। 2015 में भारत ने लिपुलेख को व्यापार मार्ग बनाने का फैसला किया था। तब भी नेपाल ने विरोध जताया था। भारत जब भी यहां कोई निर्माण करता है तो नेपाल इसका विरोध करता है। हालांकि भारत के पास लिपुलेश को लेकर ऐतिहासिक प्रमाण हैं।
