मार्को रूबियो ने स्पष्ट कर दिया कि होर्मुज ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि ओमान के तट के पास भारतीय क्रू वाले जहाज पर अमेरिका ने अटैक कर दिया था। इस हमलें में 3 भारतीयों की मौत हो गई थी। हमले के बाद भारत ने अमेरिकी राजदूत को बुलाकर इस पर जवाब मांगा। जिसके बाद आज पहली बार अमेरिका की तरफ से इस मामले को लेकर बयान जारी किया गया है। जिसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो गलती मानने के बजाय धमकी देने पर उतारू हो गए।
अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं
3 निहत्थे भारतीय नागरिकों की हत्या पर रूबियो समंदर के नियम कानून सिखाने लगे। मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिकी नेवी ने होर्मुज पर क्या कानून बनाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी स्टेटमेंट के मुताबिक सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कल भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की और हाल की घटनाओं पर चर्चा की।
इस दौरान मार्को रुबियो ने सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करने की बात कही। उनके मुताबिक वे जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौंत
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार सुबह एमटी सेटेबेलो ओमान सागर से ईरानी तेल लेकर गुज़र रहा था। तभी एक अमेरिकी विमान ने इसके इंजन पर हमला कर दिया। जिसके बाद जहाज़ में आग लग गई और आसमान में धुएं का बड़ा गुब्बार उठने लगा। इस जहाज़ पर हुए हमले में तीन नाविक मारें गए। सीएनएन ने आगे लिखा है कि यह भारत की जंग नहीं है लेकिन भारतीय नागरिक मारे गए।
